Haryana News: हरियाणा ने औद्योगिक क्षेत्र में बहुत ही ज्यादा तरक्की की है, लेकिन यहां की सरकार यह कभी नहीं भूलती कि यह आज भी एक कृषि प्रधान राज्य है। मतलब, खेती और किसान हरियाणा सरकार की आत्मा में बसते हैं और यह उसकी प्राथमिकता रहेंगे।
अभी रबी का सीजन चल रहा है और हरियाणा सरकार विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से 10 लाख मीट्रिक टन से भी ज्यादा गेहूं अन्नदाताओं से खरीद चुकी है।

किसानों से फसल खरीदने में तत्परता
सिर्फ गेहूं ही नहीं, राज्य सरकार किसानों से 5.43 लाख मीट्रिक टन से अधिक सरसों भी विभिन्न एजेंसियों के जरिए प्राप्त कर चुकी है। इस हफ्ते की शुरुआत तक ही हरियाणा के किसानों को उनके अनाज के बदले न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत गेहूं और सरसों खरीद के बदले 1,500 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके थे।

किसानों की हर सुविधा का ख्याल रखने की कोशिश
किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सरकार ने सिर्फ गेहूं खरीदने के लिए 417 केंद्र स्थापित किए हैं।

फसल खरीदने के लिए पुख्ता इंतजाम
इनके अलावा 107 केंद्रों पर सरसों की खरीद सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है। मौसम कब धोखा दे जाए यह कोई नहीं जानता। इस वजह से किसान चाहते हैं कि उनकी उपज जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान तक पहुंच जाए। क्योंकि, हमेशा इसके नुकसान की आशंका बनी रहती है।
राज्य में चने की खरीद के लिए 11 और जौ खरीदने के लिए 25 अतिरिक्त मंडियों की भी व्यवस्था की गई है। कुल मिलाकर लक्ष्य एक है कि किसानों को किसी तरह की तकलीफ का सामना न करना पड़े।

फसल खरीद के बाद फौरन भुगतान का इंतजाम
ज्यादा से ज्यादा खरीद केंद्र स्थापित होने की वजह से किसानों की फसल जल्द से जल्द एजेंसियों के पास पहुंच रही है और अन्नदाताओं को फौरन भुगतान भी मिल रहा है।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पहले ही अधिकारियों को ऐसे निर्देश दे रखे हैं कि फसल का जे-फॉर्म कटने के 72 घंटों के भीतर किसानों को भुगतान सुनिश्चित की जाए, एक भी अन्नदाता को इसके लिए कहीं चक्कर न लगाना पड़े।
किसानों की संतुष्टि ही हरियाणा सरकार की प्राथमिकता
सरकार ने अनाज मंडियों से उपज को फौरन उठाने के साथ ही अन्नदाताओं की हर सुविधाओं का विशेष ख्याल रखने को कहा है।

सौभाग्य है कि हरियाणा में इस बार गेहूं का बंपर उत्पादन हुआ है। इसके पीछे किसानों का पसीना लगा है और उसकी हर एक बूंद का सम्मान करना राज्य सरकार अपना कर्तव्य समझती है। नायब सिंह सैनी सरकार ने किसानों की संतुष्टि को ही अपनी प्राथमिकता बना रखी है।
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