Budget 2024: मोदी 3.0 का पहला केंद्रीय बजट 23 जुलाई को संसद में पेश होगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार 7वीं बार बजट पेश करेंगी. इस बार बजट को लेकर काफी उम्मीदें हैं. मिडिल क्लास से लेकर कई सेक्टर बड़ी राहत का इंतजार कर रहे. इसमें सोलर पैनल और इनवर्टर को लेकर भी राहत देने की मांग की जा रही है. इसके तहत GST घटाने को लेकर उम्मीदें हैं. वित्त मंत्री बजट में सोलर पावर के उत्पादत को बढ़ाने और PM सूर्य घर योजना समेत अन्य मुद्दों पर ऐलान कर सकती हैं.
सोलर पॉवर को बढ़ाने पर होगा फोकस!
केंद्रीय बजट में सोलर पावर के उत्पादन और इसे बढ़ावा देने की दिशा में ऐलान संभव है. भारत में सालाना 100 गीगावॉट सोलर पावर का उत्पादन होता है. इनकी कीमत करीब ढाई से तीन लाख करोड़ रुपए होती है. अनुमान है कि अगले 3 साल में सोलर पावर के उत्पादन को डबल किया जा सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट PM सूर्य घर योजना है. ऐसे में 23 जुलाई को बजट में कई ऐलान हो सकते हैं
सोलर इंडस्ट्री की क्या है मांग?
बजट को लेकर सोलर इंडस्ट्री की ओर से कई तरह की मांग है. इसके तहत भारत में सालाना सोवर पावर के उत्पादन को बढ़ाना है. इसे अगले 3 साल में सालाना 300 गीगावॉट करने की दिशा में काम करना चाहिए. फिलहाल सालाना 100 गीगावॉट का सोलर पावर का उत्पादन होता है.
सोलर पैनल और इनवर्टर पर GST को घटाना चाहिए. इसके तहत 12% GST घटाकर 5% करने की मांग की गई है. साथ ही सोलर पैनल पर कस्टम ड्यूटी को 40% से घटाकर 25% करने की मांग है. इसके अलावा सोलर पैनल में इस्तेमाल सेल को इम्पोर्ट करने की छूट मिलने की भी मांग की गई. इंपोर्ट में छूट से ही सोलर पावर के उत्पादन को बढ़ाने का लक्ष्य पूरा होगा.

इंडस्ट्री की डिमांड है कि सोलर प्लांट कैपेक्स पर 25% सब्सिडी मिलनी चाहिए. सर्टिफिकेशन की दिशा में भी डिमांड है. इसके तहत केंद्र सरकार को सर्टिफिकेशन खर्च उठाने की मांग की गई है. क्योंकि 25 लाख में एक सर्टिफिकेशन होता है, जोकि MSME के लिए काफी बड़ा खर्च है.
PM सूर्यघर योजना के पोर्टल को दुरस्त करने की मांग की गई है. क्योंकि अभी भी पोर्टल ठीक से काम नहीं करता है. ऐसे में इसे सही करना होगा. सोलर पॉलिसी को लेकर केंद्र सरकार की भूमिका बढ़ाने की भी मांग की गई है. इसके तहत पॉलिसी को फास्ट्रैक पर ले जाने की मांग है.
निर्मला सीतारमण 7वां बजट करेंगी पेश
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार लगातार सातवां बजट पेश करेंगी. इस लिहाज से वे भारत की पहली वित्त मंत्री होंगी जिन्होंने लगातार 7वां बजट पेश किया. इससे पहले पूर्व मंत्री मोरारजी देसाई ने छह बजट पेश किया था.
उन्होंने 1959 और 1964 के बीच वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया था. प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का ये पहला केंद्रीय बजट है. बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का अनुमान है कि FY25 में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.2% की दर से बढ़ेगी.
पहली बार कब पेश हुआ था देश का बजट?
भारत का पहला केंद्रीय बजट साल 1860 में पेश हुआ था, जिसे बजट को स्कॉटिश इकोनॉमिस्ट जेम्स विल्सन ने इसे पेश किया था. इस बजट में इनकम टैक्स कलेक्शन के बारे में बताया गया था. स्वतंत्र भारत में पहली बार 26 नवंबर, 1947 में बजट पेश किया गया, जिसे तत्कालीन वित्त मंत्री आरके शंमुखम ने पेश किया था.
बीते दिनों संयुक्त संबोधन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा था कि इस बार कई ऐतिहासिक कदम देखने को मिलेंगे. उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में तेजी से सुधार होने की भी बात कही थी.
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