Post Office Scheme: सरकार कई सेविंग स्कीम ऑफर करती है, जिसमें भविष्य के लिए अच्छी रकम तैयार की जा सकती है. सुकन्या समृद्धि योजना भी उन्हीं में से है. इसमें निवेशत रकम पर हर साल 8.2% की ब्याज दर ऑफर की जा रही. पोस्ट ऑफिस की ये स्कीम खासकर बेटियों के लिए है. इस स्कीम में पैरेंट्स अपनी 10 साल से कम उम्र की बेटी के लिए निवेश शुरू कर सकते हैं. बता दें कि स्कीम में सालाना अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक जमा किए जा सकते हैं. सुकन्या समृद्धि योजना में लगातार 15 सालों तक निवेश करना होता है. निवेश की रकम 21 साल बाद मैच्योर होती है. इसके बाद निवेशित रकम और ब्याज को मिलाकर सारी रकम वापस कर दी जाती है.
सुकन्या समृद्धि योजना में कैसे होगी कमाई?
सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश के फायदे समझने के लिए उदाहरण से समझिए. निवेशक अगर हर साल 1.5 लाख रुपए योजना में 15 सालों तक जमा करता है तो कुल जमा 22,50,000 रुपए होगा. जमा रकम पर 8.2% ब्याज के हिसाब से कुल निवेश पर 46,77,578 रुपए का ब्याज मिलेगा. खास बात ये है कि निवेश पर मिला ब्याज मूल रकम से दोगुना है. इस लिहाज से हर साल 1.5 लाख रुपए का निवेश मैच्योरिटी पर 69,27,578 रुपए हो जाएगा.
सुकन्या समृद्धि योजना का गणित
- बेटी की उम्र: 10 साल
- निवेश का साल: 2021
- हर साल जमा रकम: 1.5 लाख रुपए
- सालाना ब्याज दर: 8.2%
- 21 साल बाद कुल रकम: 69,27,578 रुपए
- ब्याज से कमाई: 46,77,578 रुपए
- मैच्योरिटी साल: 2042
SSY में 1 लाख का निवेश बनेगा 46 लाख
बेटी के लिए अगर योजना में हर साल 1 लाख रुपए का निवेश किया. निवेश लगातार 15 साल किया, तो कुल जमा रकम 15 लाख रुपए हो जाएगा. मौजूदा ब्याज दर 8.2% के लिहाज से कुल जमा पर 31.18 लाख रुपए ब्याज मिलेंगे. इस लिहाज से कुल निवेश और ब्याज से कमाई मिलाकर 46.18 लाख रुपए मैच्योरिटी पर मिलेंगे. यानी निवेश की कुल रकम 3 गुना से भी ज्यादा हो जाएगी.

सुकन्या समृद्धी स्कीम में कब निकाल सकते हैं पैसा?
सरकारी सेविंग स्कीम में निवेश 21 साल की अवधि के लिए किया जा ता है. लेकिन निवेश शुरू करने के अगले 5-10 साल में स्कीम में निवेश नहीं जारी रख पाने की स्थिति में स्कीम से पैसा नहीं नहीं निकाल सकते हैं. क्योंकि SSY में प्री-मैच्योर विड्रॉल की सर्विस नहीं मिलती है. लेकिन एक तरह से थोड़ रकम निकाल सकते हैं. बेटी की उम्र अगर 18 साल हो गई है तब आंशिक निकासी कर सकते हैं.
सुकन्या समृद्धि योजना में आंशिक निकासी के लिए बेटी की उम्र 18 साल पूरी होनी चाहिए या फिर 10वीं कक्षा पूरी कर चुकी हो. इसके बाद ही पिछले वित्त वर्ष के कुल बैलेंस का 50% तक खाते से निकाल सकते हैं. ये रकम एकमुश्त या फिर किस्तों में मिल सकता है. बता दें कि एक साल में एक ही बार पैसा मिलेगा. अधिकतम पांच साल तक किस्त में पैसा ले सकते हैं. हां, अगर बेटी के हायर स्टडीज के लिए निवेश की रकम निकल रहे हैं तो प्रूफ देना होगा.
किन स्थितियों में होता है प्री-मैच्योर क्लोजर?
1. अगर बेटी की मृत्यु स्कीम के मैच्योर होने से पहले हो जाती है, तो उसके पैरेंट्स को निवेश किया गया पैसा ब्याज समेत मिल जाता है. इसके लिए मृत्यु का प्रमाण पत्र जमा करना पड़ता है.
2. अकाउंटहोल्डर को कोई गंभीर बीमारी है. इलाज के लिए पैसों की जरूरत है, तो समय से पहले अकाउंट बंद कर सकते हैं. हालांकि, इसके लिए बेटी की बीमारी और इलाज से जुड़े सभी प्रूफ देने पड़ सकते हैं. बता दें कि ये सुविधा 5 साल बाद ही मिलती है.
3. जिसके नाम पर सुकन्या समृद्धि खाता खोला गया है, उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावकों की मौत अकाउंट मैच्योर होने से पहले ही हो जाती है तो ऐसी स्थिति में अकाउंट को बीच में ही बंद किया जा सकता है.
4. भारत की नागरिकता छोड़ देने पर भी सुकन्या समृद्धि अकाउंट बंद मान लिया जाता है. ऐसे में ब्याज जोड़कर सारा पैसा वापस कर दिया जाता है. लेकिन अगर किसी दूसरे देश में सेटल हुए हैं, लेकिन भारत की नागरिकता नहीं छोड़ी है, तो इस अकाउंट को मैच्योरिटी पूरी होने तक जारी रखा जा सकता है.


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