Income Tax : पत्नी को गिफ्ट में दिए पैसे पर छूट मिलती है या नहीं, जानिए

नयी दिल्ली। इनकम टैक्स भरने वाले लोग कर छूट पाने के नए-नए रास्ते खोजते हैं। आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत कई चीजों पर टैक्स छूट मिलती है। इसी तरह कुछ लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या अपनी पत्नी को बतौर गिफ्ट पैसे दिए जाएं तो उस पर छूट मिलेगी या नहीं? अक्सर लोग एक-दूसरे को गिफ्ट के बजाय पैसे देते हैं। यदि पति द्वारा पत्नी को पैसे गिफ्ट किए जाएं तो क्या उसे टैक्स छूट का फायदा मिलेगा या नहीं, यहां हम इस मामले पर नियम क्या कहते हैं वही आपको बताएंगे।

क्या कहता है टैक्स नियम

क्या कहता है टैक्स नियम

आम तौर पर समाज में पत्नी या दूसरों को बतौर गिफ्ट पैसे देने का चलन है। मगर नियमों के अनुसार आपको इस पर दिए गए पैसे पर कोई टैक्स बेनेफिट नहीं मिलेगा। अगर आप अपनी पत्नी को भी गिफ्ट में पैसे दें तो ये कानूनन कोई गलत बात नहीं है, मगर आपको इस पैसे पर टैक्स छूट नहीं मिलेगी। असल में आयकर अधिनियम के मुताबिक बतौर गिफ्ट दिया गया पैसे को आपकी इनकम का हिस्सा माना जाता है। पत्नी भी रिश्तेदारों की श्रेणी में है और इसीलिए गिफ्ट लेन-देन पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलेगी।

पत्नी को टैक्स देना होगा या नहीं

पत्नी को टैक्स देना होगा या नहीं

हालांकि अच्छी बात ये है कि आप जो भी पैसा अपनी पत्नी को देंगे उस पैसे पर आपकी पत्नी को कोई टैक्स नहीं देना होगा। असल में गिफ्ट के रूप में दिया गया पैसा पति की इनकम का हिस्सा माना जाएगा। उस पैसे पर पति को ही टैक्स देना होगा। हां यदि पत्नी गिफ्ट में मिले पैसे को निवेश करे है तो निवेश से से मिलने वाली इनकम को साल दर साल आधार पर आय में शामिल किया जाएगा और इस पर टैक्स देनदारी बनेगी।

फेसलेस टैक्स सिस्टम

फेसलेस टैक्स सिस्टम

हाल ही में इनकम टैक्स से जुड़ी एक नयी सर्विस शुरू की गयी है। अब सभी आयकर अपील फेसलेस हैं। बता दें कि अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी डिटेल साझा की थी। फेसलेस एसेसमेंट योजना से देश में उन करदाताओं को सम्मान मिलेगा, जो ईमानदारी से टैक्स भरते हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा कि अब सभी आयकर अपील, यानी अपील की ई-आवंटन से लेकर नोटिसों के ई-संचार, ई-सत्यापन, ई-इंक्वारी और ई-सुनवाई तक ऑनलाइन होगी।

करोड़ों मामले में अटके

करोड़ों मामले में अटके

एक रिपोर्ट के मुताबिक आयकर विभाग में कमिशनर (अपील) के पास अपील के करीब 4.6 करोड़ मामले अटके हैं। इसमें से 4.05 करोड़ (88 फीसदी) मामलों को फेसलेस सिस्टम के तहत निपटाए जाने का प्लान है। सरकार भी चाहती है कि टैक्स संबंधित मामलों का निपटारा जल्द से जल्द हो। सरकार को लगता है कि इसका एक फायदा कारोबार में आसानी (Ease of Doing Business) में भी होगा।

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