अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो ध्यान दें कि कंपनियों के लिए 15 जून तक फॉर्म 16 (Form 16) जारी करना अनिवार्य है। इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) को सही तरीके से फाइल करने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। समय सीमा के भीतर इसे हासिल करने से आप आखिरी वक्त की भागदौड़ और भारी जुर्माने से बच सकते हैं। बेहतर होगा कि आप आज ही अपना ऑफिशियल ईमेल चेक करें ताकि टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया समय पर शुरू कर सकें।
अगर आपकी कंपनी ने अभी तक फॉर्म 16 नहीं दिया है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप अपनी मंथली सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट की मदद से भी अपना ITR फाइल कर सकते हैं। बस यह सुनिश्चित करें कि आप अपनी कुल ग्रॉस सैलरी की सही गणना करें और उसमें से 50,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन घटाना न भूलें। फाइनल सबमिशन से पहले इन सभी जानकारियों का अपने एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) से मिलान जरूर कर लें ताकि डेटा पूरी तरह सटीक रहे।

फॉर्म 16 के बिना कैसे भरें ITR? डेटा वेरिफाई करना है जरूरी
इस वीकेंड इनकम टैक्स पोर्टल पर जाकर अपना फॉर्म 26AS और AIS नियमित रूप से चेक करें। इन डिजिटल दस्तावेजों में आपकी कंपनी द्वारा काटे गए टैक्स (TDS) और अन्य स्रोतों से हुई कमाई का सटीक ब्योरा होता है। सैलरी स्लिप की तुलना AIS से करने पर किसी भी तरह की चूक या गलत टैक्स क्रेडिट को आसानी से पकड़ा जा सकता है। यह कदम उठाने से न केवल आपका ITR जल्दी प्रोसेस होगा, बल्कि भविष्य में विभाग से नोटिस आने का खतरा भी खत्म हो जाएगा।
अगर आपने साल के बीच में नौकरी बदली है, तो पुरानी और नई कंपनी, दोनों की सैलरी डिटेल्स को सावधानी से जोड़ना जरूरी है। आप ITR फाइल करते समय सेक्शन 80C या 80D के तहत उन डिडक्शन का भी दावा कर सकते हैं, जिन्हें पहले क्लेम करना भूल गए थे। आगे चलकर ज्यादा टैक्स न कटे, इसके लिए अपने निवेश के सबूत (Investment Proofs) मौजूदा कंपनी को जरूर दें। समय पर कार्रवाई करने से आपको इस असेसमेंट ईयर का टैक्स रिफंड भी काफी तेजी से मिल जाएगा।
इन्वेस्टमेंट पर रिटर्न और ITR रिफंड पाने का तरीका
| निवेश का प्रकार | 5 साल का रिटर्न | 10 साल का रिटर्न |
|---|---|---|
| फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) | 6.5 प्रतिशत से 7.5 प्रतिशत | 6.0 प्रतिशत से 7.0 प्रतिशत |
| इक्विटी म्यूचुअल फंड | 12 प्रतिशत से 15 प्रतिशत | 14 प्रतिशत से 18 प्रतिशत |
| पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) | 7.1 प्रतिशत | औसतन 7.5 प्रतिशत |
भविष्य में किसी भी टैक्स नोटिस से बचने के लिए अपने रिकॉर्ड्स और सरकारी पोर्टल के डेटा के बीच के अंतर को तुरंत ठीक करें। 31 जुलाई की डेडलाइन से पहले ITR फाइल करने पर आपको अपना रिफंड बिना किसी लंबे इंतजार के मिल जाएगा। इस मौके का फायदा उठाकर अपने फाइनेंशियल गोल्स प्लान करें और अपने लिए सही टैक्स रिजीम का चुनाव करें। टैक्स मैनेजमेंट को लेकर आपकी सक्रियता न केवल आपकी संपत्ति बढ़ाएगी, बल्कि आपको मानसिक शांति भी देगी।


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