नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) की काफी अहमियत होती है। नौकरी बदलने पर कर्मचारी का ईपीएफ अकाउंट भी बदल जाता है।
नई दिल्ली, फरवरी 18। नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) की काफी अहमियत होती है। नौकरी बदलने पर कर्मचारी का ईपीएफ अकाउंट भी बदल जाता है। ऐसे में लोगों के कई पीएफ अकाउंट हो जाते हैं और उन सभी में पैसा जमा रहता है। तो अगर आपका भी पुरानी कंपनी में पीएफ का पैसा फंसा है तो हमारी ये खबर जरूर पढ़ें।

आप कुछ साल पहले जिस कंपनी में काम करते थे, वहां से आप नौकरी छोड़ चुके हैं। और तो आपको उस कंपनी से जुड़े पीएफ खाते का अकाउंट नंबर भी याद नहीं है। आप उस पीएफ खाते को अपने नये यूएएन से जोड़ना चाहते हैं या फिर उसमें से पैसे विद्ड्रॉ कर लेना चाहते हैं, तो अब आप ये काम आसानी से कर सकते हैं।
इनओपरेटिव अकाउंट
जब किसी पीएफ अकाउंट में 36 महीने तक कोई रकम नहीं आती है। इस दौरान उस खाते में पड़ी रकम को निकालने अथवा ट्रांसफर करने की खातिर भी कोई अर्जी दाखिल नहीं की जाती है, तो वह अकाउंट इनओपरेटिव अकाउंट कहलाता है। इनओपरेटिव अकाउंट में वे खाते भी शामिल होते हैं। जिनसे आप ने पीएफ निकालने के लिए अर्जी तो दी थी, लेकिन किसी वजह से वह फेल हो गई और इसके बाद आप ने उसे निकालने की जहमत ही नहीं उठाई। अगर आपका इनओपरेटिव अकाउंट है या सरल भाषा में कहें कि आपके पास कोई ऐसा पीएफ खाता है, जिसमें सालों से कोई कॉन्ट्रीब्यूशन नहीं हो रहा है। यही नहीं, आपको उसका खाता नंबर भी याद नहीं है, तो आगे जानें कैसे आप ऐसे खातों से पैसे निकाल सकते हैं या ट्रांसफर कर सकते हैं। सरकारी स्कीम : यहां 50 रु रोज बचाएं, मैच्योरिटी पर मिलेंगे 35 लाख रु
बंद पड़े पीएफ खाते से निकालें पैसे
ऐसे खातों का निपटारा करने के लिए ईपीएफओ ने एक हेल्पडेस्क शुरू की है। यह डेस्क आपको ऐसे मामलों को निपटाने में मदद करती है। इसके लिए सबसे पहले ईपीएफओ की वेबसाइट पर पहुंचे। यहां 'Our services' में 'For employees' का विकल्प चुनें। इस पर क्लिक करने के बाद आपके सामने सर्विसेज नाम से एक टैब खुलेगा।
इस टैब में अंतिम में आपको Inoperative A/c Helpdesk का विकल्प मिलेगा। इस पर जैसे ही आप क्लिक करेंगे, तो आपके सामने नया पेज खुलेगा। यहां 'First time user Click here to Proceed' वाले टैब पर क्लिक करना है। अगर आप पहली बार यहां पर पहुंच रहे हैं तो।
आपके सामने एक मैसेज बॉक्स खुलेगा। यहां आपको अधिकतम 1000 शब्दों में अपनी बात रखनी होगी। इसमें आपका पीएफ अकाउंट कितना पुराना है और क्या दिक्कत है, उसका ब्यौरा दे सकते हैं।
आप जैसे ही नेक्स्ट बटन दबाएंगे, तो नई विंडो में इस खाते से जुड़ी जो भी जानकारी आपके पास मौजूद है, उसे दर्ज करें। यही जानकारी आपके पीएफ खाते का पता लगाने में मदद करेगी।
आगे बढ़ने पर आपको अपनी निजी डिटेल देनी है. इसमें नाम, जन्म तारीख और मोबाइल नंबर के अलावा अन्य कोई भी डिटेल भरना अनिवार्य नहीं है। ईपीएफओ के मुताबिक यहां दी गई जानकारी के आधार पर ईपीएफओ हेल्पडेस्क आप से संपर्क साधेगी। ज्यादा जानकारी हासिल की जाएगी।
आपके मोबाइल नंबर पर एक पिन आएगा। इसे एंटर करते ही आपको एक रेफरेंस आईडी भेजा जाएगा। इसकी बदौलत आप आगे इस मामले का क्या स्टेटस है, इसका पता करते रह सकेंगे। इस तरह आपकी एप्लिकेशन सब्मिट हो जाएगी। ईपीएफओ अपने स्तर पर अकांउट की जानकारी जुटाएगा और आप से संपर्क भी साधा जा सकता है।
रेफरेंस आईडी की बदौलत आप अपने आवेदन का स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसके लिए आपको वहीं पहुंचना है, जहां आप ने ''First time user Click here to Proceed' चुना था। यहां पहुंचकर आपको अब 'Existing User Click here to view status' पर क्लिक करना होगा। क्लिक करने के बाद आपको अपना रेफरेंस नंबर और मोबाइल नंबर डालना हेागा और आपके इनऑपरेटिव खाते का स्टेटस पता चल जाएगा।
ऑनलाइन पीएफ ट्रांसफर के लिए अप्लाई
- सबसे पहले आपको यूनिफाइड मेंबर पोर्टल (https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface) पर विजिट करना होगा। फिर अपने यूएएन के साथ इसे लॉग इन करें।
- ऑनलाइन सर्विस के लिए वन मेंबर वन इपीएफ पर क्लिक करना होगा।
- अब आपको मौजूदा कंपनी से जुड़ी जानकारी और पीएफ खाते को वेरिफाइ करना होगा।
- इसके बाद गेट डिटेल्स ऑप्शन पर क्लिक करें। आपको पिछली नियुक्ति की पीएफ खाता डिटेल्स दिखायी देगी।
- पिछली कंपनी और मौजूदा कंपनी में से किसी एक का चुनाव करना होगा। दोनों में से किसी भी कंपनी का चयन करके मेंबर आइडी या यूएएन दे।
- सबसे आखिर में गेट ओटीपी ऑप्शन पर क्लिक करें, जिससे आपके पास यूएएन में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आ जायेगा फिर उस ओटीपी को डालकर सबमिट ऑप्शन पर क्लिक करें।
- आपके इपीएफ अकाउंट का ऑनलाइन ट्रांसफर प्रॉसेस पूरा हो गया।
ऑनलाइन पीएफ ट्रांसफर करने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- कर्मचारी का यूएएन ईपीएफओ के पोर्टल https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface/ पर एक्टिवेट होना चाहिए।
- एक्टिवेट करने के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल नंबर भी एक्टिव होना चाहिए क्योंकि ओटीपी को इसी नंबर पर भेजा जाएगा।
- कर्मचारी का बैंक अकाउंट नंबर और आधार नंबर उसके यूएएन के साथ लिंक होना चाहिए।
- पिछली नियुक्ति की डेट ऑफ एग्जिट पहले से होनी चाहिए। अगर नहीं है, तो उसे पहले कर लें।
- नियोक्ता द्वारा ई-केवाईसी पहले से मंजूर होना चाहिए।
- पिछली मेंबर आईडी के लिए केवल एक ट्रांसफर रिक्वेस्ट मंजूर की जाएगी।
- अप्लाई करने से पहले मेंबर प्रोफाइल के अंदर दी गई सभी निजी जानकारी को वेरिफाई और कन्फर्म कर लें।
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