नई दिल्ली। आज कल तेजी से मोबाइल फोन (mobile phone), कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य स्टोरेट डिवाइस (Storage Devices) को बदलने का चलन है। जैसे ही इनका नया मॉडल आता है, लोग अपना पुराना मॉडल बेच कर नया ले लेते हैं। लेकिन इस दौरान जब वह अपना पुराना मोबाइल फोन (old mobile phone) या अन्य स्टोरेट डिवाइस बेचते हैं तो निजी जानकारी चोरी होने के खतरे (risk of personal information stolen) में आ जाते हैं। इन उपकरणों की मेमोरी (memory) में आपसे जुड़ी ढेर सारी जानकारी होती हैं, जो इनको बेचते ही दूसरे के पास चली जाती हैं। इन जानकारी का दूसरों को मिलना बाद में आपके लिए नुकसानदायक बन सकता है। देश में हुए एक सर्वे में पाया गया है कि 10 में से 7 लोगों के मोबाइल बदलने पर इस तरह से डाटा चोरी (Data theft) होने का खतरा बना रहता है।

70 फीसदी मामले में खतरा
भारत में पुराने मोबाइल (old mobile) व अन्य कोई स्टोरेज डिवाइसेस बदलने पर 10 में सात लोगों को डेटा चोरी (Data theft) का खतरा और निजता को लेकर चिंता बनी रहती है। डेटा की सुरक्षा मामले की विशेषज्ञ कंपनी स्टेलर इन्फॉर्मेशन टेक्नोलोजी प्राइवेट लिमिटेड की रपट में सावधान करते हुए कहा गया है कि डिवाइस में बचा हुआ डेटा आसानी से गलत हाथों में पड़ सकता है। बाद में इससे पहचान की चोरी, वित्तीय धोखाधड़ी (Financial fraud), व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा और निजता को लेकर समस्या पैदा हो सकती है।
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अध्ययन में सामने आई जानकारी
पुराने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (Old electronic device) पर स्टेलर द्वारा किए गए अध्ययन में कहा गया है कि डेटा चोरी (Data theft) से कारोबार को खतरा पैदा हो सकता है और वित्तीय रिपोर्ट, व्यापारिक समझौते, बौद्धिक संपदा, कारोबारी सूचना और किसी के नाम से जुड़ी व्यापारिक गोपनीयता जैसी महत्वपूर्ण सूचनाओं का दुरुपयोग हो सकता है। स्टेलर के सह-संस्थापक और निदेशक (घरेलू व्यवसाय) मनोज धींगरा ने कहा, "ग्राहकों में जानकारी का काफी अभाव होने से साइबर अपराध (Cyber crimes) बढ़ने का खतरा हो सकता है। पुराने आईटी सामान हटाते समय सुरक्षा के तौर पर लोगों को व संगठनों को डेटा को ठीक से नष्ट (Delete data properly) जरूर करना चाहिए। क्योंकि ऐसा न करने से आपकी निजी जानकारी आसानी से चोरी हो सकती है।
पुरानी स्टोरेज डिवाइस में मिली निजी जानकारी
देश में स्टेलर की प्रयोगशाला में अध्ययन के दौरान इस्तेमाल किए गए 300 पुराने डिवाइस को शामिल किया गया, जिनमें हार्ड ड्राइव (Hard drive), मेमोरी कार्ड (memory card), मोबाइल फोन (mobile phone) शामिल थे। विश्लेषण से पता चला कि 71 फीसदी डिवाइस में निजी डेटा, व्यक्तिगत पहचान के विवरण और संवेदनशील व्यावसायिक सूचनाएं मौजूद थीं। रिपोर्ट में पुराने डिवाइस बेचते समय डेटा को मिटाने की सुरक्षित विधि का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
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