World Environment Day पर बड़ा कदम! भारत में लॉन्च हुआ E85 फ्यूल, अब पेट्रोल में मिलेगा 85% तक इथेनॉल

World Environment Day: भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियां शुक्रवार से E85 फ्यूल-पेट्रोल का एक ऐसा वर्शन जिसमें 80-85% इथेनॉल मिला होता है-लॉन्च करना शुरू करेंगी। यह फ्लेक्स-फ्यूल मोबिलिटी की दिशा में एक नया कदम होगा। इंडियन ऑयल कॉर्प लिमिटेड ने कहा कि E85 को लॉन्च करने के पहले चरण में दिल्ली-NCR, मुंबई, पुणे और नागपुर में लगभग 50 रिटेल आउटलेट शामिल होंगे।

World Environment Day

विश्व पर्यावरण दिवस पर E85 होगा लॉन्च

ऑयल रिटेलर ने एक बयान में कहा, "इंडियन ऑयल, दूसरी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ मिलकर, विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर E85 लॉन्च करने जा रही है। यह इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल है जिसे फ्लेक्स फ्यूल वाहनों (FFVs) में इस्तेमाल के लिए बनाया गया है।"

इंडियन ऑयल के बयान में कहा गया है, "E85, जिसमें 80-85% इथेनॉल और 15-20% मोटर गैसोलीन होता है, भारत की इथेनॉल अपनाने की यात्रा में एक अहम पड़ाव है। यह पहल 'आत्मनिर्भर भारत' को सपोर्ट करती है, साफ-सुथरी मोबिलिटी को बढ़ावा देती है, बायोफ्यूल इकोसिस्टम को मजबूत करती है, किसानों को फायदा पहुंचाती है और ग्राहकों को ज्यादा सस्टेनेबल फ्यूल का विकल्प देती है।"

इस लॉन्च समारोह में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री, मंत्रालय के सचिव, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और तेल मार्केटिंग कंपनियों के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और हीरो मोटोकॉर्प लिमिटेड जैसी वाहन निर्माता कंपनियों ने अपनी सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ियों - वैगनआर (WagonR) और स्प्लेंडर (Splendor) के फ्लेक्स-फ्यूल वेरिएंट पेश किए हैं।

भारत को कैसे होगा फायदा?

भारत आयातित कच्चे तेल पर अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है, इसलिए फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को बढ़ावा मिल रहा है। देश अपनी तेल की जरूरत का लगभग 90% हिस्सा आयात करता है, जिसकी कीमत सालाना 120 अरब डॉलर से ज्यादा है। इसमें से ज्यादातर तेल पश्चिम एशिया से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के जरिए आता है, जो ईरान युद्ध के कारण असल में बंद हो गया है। इस टकराव के बीच कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें उतार-चढ़ाव वाली रही हैं। युद्धविराम के बाद कीमतें कम होने से पहले ये कुछ समय के लिए 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई थीं, हालांकि कीमतों में फिर से तेजी आने का जोखिम बना हुआ है।

इस तरह की अस्थिरता भारत के लिए राजकोषीय जोखिम पैदा करती है। एक साल तक प्रति बैरल 1 डॉलर की बढ़ोतरी से कच्चे तेल के आयात बिल में लगभग 18,000 करोड़ रुपये का इजाफा होगा। भारत ने FY26 में 10.92 ट्रिलियन रुपये का कच्चा तेल आयात किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष के 11.61 ट्रिलियन रुपये से लगभग 10% कम है। पेट्रोल की मांग में ट्रांसपोर्ट का बड़ा हिस्सा होने के कारण, आवाजाही के लिए फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता कम करना इस रणनीति का मुख्य हिस्सा माना जाता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+