FD Laddering: भारत में निवेश के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम को सबसे बेहतर माना जाता है। यही कारण है कि लोग फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम में सबसे ज्यादा पैसे इनवेस्ट करते हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम में आपको कई फायदे मिलते हैं, इसमें आपको सेविंग अकाउंट के मुकाबले ज्यादा रिटर्न मिलता है। इसके साथ ही यह मार्केट की रिस्क से भी फ्री होता है, इस लिए फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम में पैसा इनवेस्ट करने पर पैसे डूबने का खतरा नहीं होता है। इसके अलावा अपको फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम पर टैक्स छूट भी मिलती है। लेकिन एफडी को एक तय ,समय के बाद ही तोड़ाना होता है। अगर आप समय से पहले पैसे निकालते हैं, तो आपको नुकसान उठाना पड़ता है। लेकिन आज हम एफडी लैडरिंग के बारे में बताने जा रहे हैं, यह तकनीक आपकी इस दिक्कत को भी सुलझा सकती है।
क्या है एफडी लैडरिंग
एफडी लैडरिंग तकनीक के तहत आप एक साथ पूरे पैसे फिक्स नहीं करते हैं। बल्कि आप अलग-अलग टाइम पीरियड के लिए कई फिक्स डिपॉजिट स्कीम में इन्वेस्ट कर सकते हैं। अगर अगर सरल तरीके से आपको यह बात समझाई जाए तो, आम तौर पर अगर आपको 500000 का फिक्स्ड डिपॉजिट करना है, तो आप एक साथ पूरे पैसे फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम में डाल देते हैं। लेकिन एफडी लैडरिंग तकनीक के जरिए आप 1 लाख रुपए की पांच एफडी करवा सकते हैं, लेकिन इन सभी एफडी का टेन्योर अलग-अलग होगा।

इसका क्या है फायदा
मान लीजिए आपने इन सभी 5 फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम को अलग-अलग समय के लिए 1 से 5 साल की अवधि के जमा करते हैं, तो आपको एक साल बाद 1 लाख रुपए मिल जाएंगे, तो अगर आपको बीच में पैसों की जरूरत पड़ती भी है, तो आपको पूरे 5 लाख रुपए की एफडी तोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसमें जो भी पैसे बचते हैं उसे आप वापस से 5 साल के लिए फिक्स कर सकते हैं। इसके बाद आपको दूसरे साल की एफडी मिलती है। इसे भी आप इस्तेमाल कर सकते हैं, इसके बाद आप बचे हुए पैसों को वापस से 5 साल तक के लिए फिक्स कर सकते हैं।
इस तरीके का इस्तेमाल करके आपके खर्चे भी नहीं रुकेंगे और आपको फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम का ब्याज भी मिलता रहेगा। इसके अलावा अगर आपको ज्यादा पैसों की जरूरत है, तो आपके पास एक मैच्योर स्कीम होगी ही और आप कोई दसरी स्कीम को बीच में तोड़ सकते हैं। इससे आपकी बाकी 3 एफडी बची रहेंगी। आपको इंटेरेस्ट मिलता रहेगा।
इसमें आपको जमा किए गए पैसों पर मिलने वाले ब्याज की टेंशन लेने के जरूरत नहीं पड़ती है। ऐसा इसलिए है कि अगर इसके तहत आप अलग-अलग रेट पर फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम में पैसे डाल सकते हैं और आपका एवरेज ब्याज हमेशा मेंटेन रहता है, जिससे नुकसान होने की संभावना न के बारबर या काफी कम होती है।
यही कारण है कि जिन लोगों को एक साथ जादा पैसों की एफडी करनी है, उनके द्वारा इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे अगर आपको कुछ पैसों की जरूरत है, तो पूरी एफडी तोड़ने की जरूरत नहीं पड़ती है, इससे आप अगर एक एफडी तोड़ भी देते हैं, तो बाकि एफडी के पैसे आते रहते हैं।
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