Gold-Silver की कीमतों में पिछले कुछ समय से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। हालिया गिरावट के बाद निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह खरीदारी का सही मौका है या अभी कुछ समय और इंतजार करना चाहिए। इसी विषय पर बाजार विशेषज्ञ अमित जैन ने मौजूदा हालात और आगे की रणनीति पर विस्तार से अपनी राय रखी।

कमोडिटी एक्सपर्ट अमित जैन के मुताबिक फिलहाल सोना और चांदी कंसोलिडेशन फेज में हैं। यानी बाजार फिलहाल एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। इसलिए बहुत तेज तेजी या बड़ी गिरावट की संभावना अभी कम दिखाई देती है। उनका कहना है कि घबराकर फैसले लेने के बजाय सही स्तर का इंतजार करना ज्यादा बेहतर रहेगा।
निवेशक खरीदारी कर सकते हैं-
अमित जैन ने बताया कि सोने के लिए 1.43 लाख से 1.44 लाख रुपये का दायरा मजबूत बाइंग जोन माना जा सकता है। यदि कीमतें इस स्तर तक आती हैं, तो निवेशक धीरे-धीरे खरीदारी शुरू कर सकते हैं। वहीं 1.41 लाख 300 रुपये का स्तर काफी महत्वपूर्ण माना गया है। जब तक कीमतें इसके ऊपर बनी रहती हैं, तब तक शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव माना जाएगा।
नई तेजी से रैली की शुरुआत नहीं-
एक्सपर्ट का मानना है कि हाल के दिनों में आई तेजी को नई बड़ी रैली की शुरुआत नहीं माना जाना चाहिए। अभी बाजार कई वैश्विक घटनाओं पर नजर बनाए हुए है। ऐसे में आने वाले समय में ही यह स्पष्ट होगा कि सोना और चांदी किस दिशा में आगे बढ़ेंगे। नए निवेशकों को जल्दबाजी या फोमो में खरीदारी करने से बचना चाहिए और केवल तय स्तरों पर ही निवेश करना चाहिए।
लॉन्ग-टर्म में ट्रेंड पॉजिटिव-
लंबी अवधि के नजरिए से विशेषज्ञ अब भी सोने और चांदी को सकारात्मक मानते हैं। उनका कहना है कि नियमित और चरणबद्ध तरीके से निवेश करने वाले निवेशकों को भविष्य में बेहतर अवसर मिल सकते हैं। हालांकि हर निवेशक को अपनी जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखते हुए ही फैसला लेना चाहिए।
मौजूदा गिरावट में बनाएं रणनीति-
कुल मिलाकर अगर देखें तो, मौजूदा गिरावट को घबराने की वजह नहीं बल्कि सोच-समझकर निवेश की रणनीति बनाने का समय माना जा सकता है। सही स्तरों पर निवेश, रिस्क मैनेजमेंट और धैर्य के साथ आगे बढ़ने वाले निवेशकों के लिए आने वाले समय में बेहतर अवसर बन सकते हैं।
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