कोरोना का कहर दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। भारत में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए लॉकडाउन को 17 मई तक बढ़ा दिया गया है।
नई दिल्ली: कोरोना का कहर दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। भारत में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए लॉकडाउन को 17 मई तक बढ़ा दिया गया है। इस बीच सरकार की तरफ से कुछ छूट देने के बाद भी लोग घर पर ही रहना बेहतर समझ रहे है। तो चलिए इस बीच हम आपको गोल्ड इंश्योरेंस के बारें में बता दें। बैंक लॉकर या घर में रखे सोने-चांदी के बीमा के फायदे के बारे में जानकारी दें। आज के समय में लोग प्रॉपर्टी में निवेश करना पसंद करते हैं तो कई लोग गोल्ड में निवेश करना पसंद करते हैं। वहीं कुछ लोग स्टॉक मार्केट में निवेश कर बेहतर रिटर्न की उम्मीद रखते हैं। सभी अपनी मेहनत की मोटी और गाढ़ी कमाई को किसी ऐसी चीज में निवेश करना चाहते हैं जो हमें हमेशा बेहतर रिटर्न दे और साथ-साथ वित्तीय सुरक्षा। यही वजह है कि लोग सोने-चांदी पर निवेश करना पसंद करते हैं। SBI एग्री गोल्ड लोन स्कीम : जानिए किसान कैसे उठाएं फायदा ये भी पढ़ें
इंश्योरेंस कराने पर मिलेगा गोल्ड की कीमत का पूरा रिफंड
कई लोगों के पास हजारों करोड़ों का गोल्ड होता है ऐसे में उन्हें इसके चोरी होने या गुम होने का डर भी सताए रखता है। इस कमी को दूर करने के लिए लोग बैंक में लॉकर लेकर अपने सोने को सुरक्षित कर देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर बैंक ही दिवालिया हो जाए या बैंक को ही लूट लिया जाए तो आपके गोल्ड का क्या होगा? क्या आपको गोल्ड की पूरी कीमत मिलेगी या नहीं। बैंक ऐसी स्थिति में आपको गोल्ड पर एक निश्चित राशि ही देगा। बैंक आपको पूरी राशि देने से पीछे हट जाएंगे। ऐसे में ग्राहकों के लिए गोल्ड इंश्योरेंस लेना जरूरी हो जाता है। कुछ निजी प्राइवेट कंपनियां भारत में गोल्ड इंश्योरेंस मुहैया करवाती हैं। इंश्योरेंस करवाने के बाद अगर आपका गोल्ड चोरी होता है या किसी प्रॉकृतिक आपदा के चलते खो जाता है तो आपको कंपनी गोल्ड की कीमत का पूरा रिफंड देती है।
गोल्ड इंश्योरेंस कराने के फायदे
- सोने के साथ सभी का एक भावुक रिश्ता होता है। हर कोई सोना मुश्किल दिनों में काम आने की सोच के साथ खरीदता है।
- आजकल बैंक में जमा पैसों का कोई भरोसा नहीं। वहीं इस बात का भी ग्राहकों को डर रहता है कि उनका जमा सोना कहीं चोरी न हो जाए या उनको बैंक से कोई धोखा न मिल जाए। ऐसी स्थिति में ये बहुत जरूरी हो जाता है कि आप अपने लॉकर या घर में रखे सोने-चांदी का बीमा करा कर रखें।
- वहीं महत्वपूर्ण बात ये है कि गोल्ड ज्वैलरी का बीमा कराने पर अलग से बैंक लॉकर में रखने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
- बैंक लॉकर में रखा सोना पूरी तरह सुरक्षित नहीं होता है। कोई भी नुकसान होने पर बैंक एक फिक्ड राशी ही आपको गोल्ड के बदले दे सकता है।
- बुरे वक्त में हमेशा ज्वैलरी ही काम आती है, इसलिए गोल्ड को सुरक्षित रखने के लिए बीमा कराना जरूरी है।
जानें क्या है गोल्ड बीमा कवर और कितना होता है खर्च?
- आप अपने होम इंश्योरेंस के जरिये भी गोल्ड बीमा कवर ले सकते हैं। ये आपके किसी भी अन्य हाउसहोल्ड कंटेंट में शामिल हो सकता है
- अगर अचानक से आपके गहनों की चोरी हो गई है, लूट या फिर किसी दुर्घटना से नुकसान हुआ है तो गोल्ड इंश्योरेंस से आपकी गोल्ड ज्वैलरी को सुरक्षा मिल सकती है और नुकसान का कवर पा सकते हैं।
- बैंक लॉकर में रखे गोल्ड के लिए इंश्योरेंस प्रीमियम इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कितनी राशि के सोने का इंश्योरेंस कराया है।
जानिए कैसे करा सकते हैं गोल्ड इंश्योरेंस?
- बैंक लॉकर इंश्योरेंस प्रदान नहीं करते हैं, लेकिन कुछ निजी प्राइवेट कंपनियां भारत में गोल्ड इंश्योरेंस पॉलिसी देती हैं।
- भारत में टाटा एआईजी, इफ्को टोकियो जनरल इंश्योरेंस, आईसीआईसीआई लोंबार्ड और फ्यूचर जनराली जैसी कुछ इंश्योरेंस कंपनियां हैं, जो गोल्ड इंश्योरेंस करती हैं।
- कुछ इंश्योरेंस कपंनियों ने हाल ही में बैंक लॉकर प्रोटेक्शन पॉलिसी की सुविधा भी भारत में शुरू की है।
- बैंक लॉकर प्रोटेक्शन के जरिये ग्राहकों को बैंक में आग लगने पर, चोरी होने पर, प्राकृतिक आपदा, आतंकवादी हमला या फिर किसी भी तरह के बैंक कर्मचारी द्वारा धोखा मिलने पर गोल्ड सुरक्षा प्रदान की जाती है।
- बता दें कि गोल्ड इंश्योरेंस पॉलिसी के जरिये दो लाख रुपए से लेकर 40 लाख रुपए तक की राशी का कवर मिलता है।
- वहीं किसी भी दुर्घटना के होने की तारीख से 30 दिनों तक मामला सुलझाया जाता है और इंश्योर्ड किए हुए पैसे वापस मिलते हैं।


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