फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी (एफडी) को भारत में निवेश का अच्छा ऑप्शन माना जाता है। नौकरी पैशा कि ये कोशिश रहती है कि वह जो पैसे की कमाई करें तो अपने खर्च और बचत के आलवा कुछ पैसों को कहीं निवेश करें
नई दिल्ली: फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी (एफडी) को भारत में निवेश का अच्छा ऑप्शन माना जाता है। नौकरी पैशा कि ये कोशिश रहती है कि वह जो पैसे की कमाई करें तो अपने खर्च और बचत के आलवा कुछ पैसों को कहीं निवेश करें ताकि आना वाले भविष्य उज्ज्वल हो। इस कारण लोग अपनी कमाई का कुछ हिस्सा बैंक की फिक्स डिपॉजिट (एफडी) स्कीम में लगाते हैं। ये है SBI की विशेष FD, जानिए कैसे बचाती है नुकसान ये भी पढ़ें

एफडी में निवेश की वजह यह है कि लोग इसे ज्यादा सुरक्षित मानते हैं। लोग दो कारणों से आज भी फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करते हैं। इनमें पहला है कम जोखिम और दूसरा है सुनिश्चित रिटर्न। एफडी के साथ एक और फायदा यह है कि आप जरूरत पड़ने पर अपना पैसा निकाल सकते हैं। लेकिन, बैंक इसके लिए पेनाल्टी लगाते हैं। एफडी को समय से पहले तुड़वाने की जरूरत इमर्जेंसी में पड़ती है। यह इमरजेंसी फंड की जरूरत होने पर बहुत मदद करता है।
एफडी को समय से पहले तुड़वाने पर देना पड़ता है जुर्माना
कोविड-19 की महामारी के चलते बड़ी संख्या में लोगों की इनकम पर असर पड़ा है। ऐसे संकट की स्थिति में जमाकर्ता अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट से प्रीमेच्योर विद्ड्रॉल कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि इसमें अक्सर जुर्माना देना पड़ता है। बैंक में एफडी खोलते समय जमाकर्ता के सामने दो तरह के अकाउंट चुनने का विकल्प रहता है। प्रीमेच्योर विद्ड्रॉल सुविधा के साथ, प्रीमेच्योर विद्ड्रॉल सुविधा के बिना। दूसरा विकल्प एक अनिवार्य लॉक-इन पीरियड के साथ आता है। प्रीमेच्योर विद्ड्रॉल एफडी की स्थिति में, अवधि खत्म होने से पहले जुर्माना देकर जमाकर्ता अपनी राशि को निकाल सकते हैं और अकाउंट को बंद कर सकते हैं। लेकिन ज्यादातर बड़े बैंकों ने अपनी नियम और शर्तों को तय कर रखा है। बात करें एसबीआई, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के एफडी से मेच्योरिटी से पहले पैसे विद्ड्रॉ करने के अपने नियम हैं।
जानिए प्रीमेच्योर विद्ड्रॉल पर कितना है जुर्माना
बैंक अक्सर टेन्योर पूरा होने से पहले फिक्स्ड डिपॉजिट को बंद करने या प्रीमेच्योर विद्ड्रॉल करने पर जुर्माना लेते हैं। यह एफडी राशि के 0.55 फीसदी से लेकर 1 फीसदी तक होता है। समझने के लिए एसबीआई की बैंक एफडी से प्रीमेच्योर विद्ड्रॉल करने पर जमाकर्ता को सभी टेन्योर के लिए 5 लाख रुपये से कम राशि की स्थिति में 0.05 फीसदी का जुर्माना और 5 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ तक की राशि जमा पर 1 फीसदी का जुर्माना देना होगा। लेकिन अगर बैंक में आपकी एफडी 3 लाख रुपये की है, तो आपको जमा में से 1,500 रुपये का जुर्माना और 18 लाख रुपये की एफडी होने पर 18 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। वहीं आईसीआईसीआई बैंक की एफडी में प्रीमेच्योर विद्ड्रॉल करने पर 5 करोड़ से कम जमा और 1 साल से कम टेन्योर पर जमाकर्ता को 0.50 फीसदी का जुर्माना और 1 साल और उससे ज्यादा अवधि पर 1 फीसदी का जुर्माना लगेगा। ठीक इसी तरह एचडीएफसी बैंक एफडी से प्रीमेच्योर विद्ड्रॉल करने पर 1 फीसदी का जुर्माना लेता है जिसमें स्वीप इन और आंशिक विद्ड्रॉल शामिल हैं।
प्रीमेच्योर विद्ड्रॉल पर ब्याज का भुगतान
इस बात का ध्यान रखें कि बैंक सामान्य तौर पर उस पूरी अवधि के लिए ब्याज का भुगतान करते हैं, जब जमा उसके पास रहती है। लेकिन यह अकाउंट खोलने के समय उपयुक्त रेट से 0.50 फीसदी या 1 फीसदी कम हो सकता है। समझने के लिए एचडीएफसी बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट से प्रीमेच्योर विद्ड्रॉल करने पर ब्याज दर उस टेन्योर के लिए लागू होगी जिसके लिए एफडी को खोला गया था या जिसके लिए डिपॉजिट बैंक के साथ रहा है, उसका रेट, इन दोनों में जो भी कम हो।
क्या करना चाहिए आपको
पेनाल्टी के चलते प्रभावी ब्याज दर घट जाने से एफडी को समय से पहले तुड़वाना महंगा पड़ता है। इसलिए एफडी में पैसा लगाने से पहले प्रीमैच्योर विदड्रॉल पर बैंक की शर्तें जरूर देख लें। एफडी तुड़वानी है या नहीं, इस पर फैसला लेने से पहले थोड़ा गणित जरूर लगा लें। कैलकुलेट कर लें कि पेनाल्टी (अगर है) के कारण आपको कितना नुकसान होगा।


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