PPF या SSY : आपके बच्‍चे के ल‍िए कौन ज्‍यादा फायदेमंद, चेक करें

अगर आप अपने बच्‍चों के निवेश की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए यह खबर काम की हो सकती है। जी हां, सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) दोनों में ही न‍िवेश करने पर आपका पैसा सुरक्ष‍ित रहता है

नई द‍िल्‍ली, मार्च 19। अगर आप अपने बच्‍चों के निवेश की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए यह खबर काम की हो सकती है। जी हां, सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) दोनों में ही न‍िवेश करने पर आपका पैसा सुरक्ष‍ित रहता है और अच्‍छा र‍िटर्न भी म‍िलता है। लेक‍िन कई लोग यह सोचकर कंफ्यूज रहते हैं क‍ि क‍िस स्‍कीम में न‍िवेश क‍िया जाए, कहां ज्‍यादा र‍िटर्न म‍िलेगा। अगर आपके साथ भी यही बात है तो आइए जानते हैं सुकन्या समृद्धि योजना और पीपीएफ में सबसे ज्यादा फायदेमंद स्कीम कौन सी है।

PPF or Sukanya Samriddhi Yojana

लोकप्र‍िय सरकारी स्‍कीम है दोनों
सबसे पहले तो बता दें कि दोनों ही लोकप्र‍िय सरकारी स्‍कीम है। जहां तक सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) की बात करें तो यह एक केंद्र सरकार की लोकप्रिय स्कीम है। इसमें आप केवल अपनी बेटी के नाम पर ही न‍िवेश कर सकते हैं। लेक‍िन बात जब पीपीएफ की आती है तो इसमें आप क‍िसी के नाम पर भी न‍िवेश कर सकते हैं। आइए जानते हैं सुकन्या समृद्धि योजना और पीपीएफ में से ज्‍यादा फायदेमंद स्कीम कौन सी है। Post Office : घर बैठे IPPB मोबाइल ऐप से खोलें डिजिटल सेविंग अकाउंट, ये रहा तरीका

 सुकन्या समृद्धि योजना और पीपीएफ पर मिलता है इतना ब्याज

सुकन्या समृद्धि योजना और पीपीएफ पर मिलता है इतना ब्याज

आपको बता दें कि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत ग्राहकों को 7.6 प्रतिशत की ब्याज दर मिलती है। वहीं पब्लिक प्रोविडेंट फंड में आपको 7.1 प्रतिशत की ब्याज दर मिल रहा है। अगर आप केवल ब्याज दर की तुलना करें तो सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करना ज्यादा फायदेमंद हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स की यह सलाह है कि अगर आप दोनों स्कीम में निवेश करने के लिए सक्षम है तो दोनों में करें। क्‍योंकि अंत में आप देखेंगे कि दोनों में ही आपको बढ़‍िया र‍िर्टन म‍िल रहा है।

 पीपीएफ स्कीम की खास बातें

पीपीएफ स्कीम की खास बातें

-इस स्कीम में आप 15 साल के लिए निवेश कर सकते हैं। बाद में अपनी जरूरत के अनुसार 5 साल और बढ़ाया भी जा सकता है।
-इस स्कीम में आप सालाना 500 रुपये के निवेश से लेकर 1.50 लाख तक का निवेश कर सकते हैं।
-इस स्कीम में बेटी या बेटी दोनों के नाम पर निवेश किया जा सकता है।
-3 साल बाद इस स्कीम पर जमा की गई राशि के 75 प्रतिशत तक लोन लिया जा सकता है।
-इस स्कीम के तहत इनकम टैक्स की धारा 80सी के तहत छूट मिलती है।
-बच्चे के 18 साल के होने के और 15 साल की अवधि के बाद वह अकाउंट में जमा पूरे पैसे निकाल सकता है।

 सुकन्या समृद्धि योजना की खास बातें

सुकन्या समृद्धि योजना की खास बातें

-इस स्कीम में निवेश केवल बच्चियों के लिए ही किया जा सकता है।
-योजना के लिए खाता खुलवाते वक्त बच्ची की उम्र 10 साल से कम होनी चाहिए।
-बच्ची के 18 साल के होने के बाद वह पढ़ाई के लिए पैसे निकाल सकती हैं।
-वहीं बच्ची के 21 साल होने के बाद वह शादी के खर्चे के लिए पैसे निकाल सकती हैं।
-इस स्कीम में साल का 250 रुपये के निवेश से 1.5 लाख तक का निवेश किया जा सकता है।
-इस स्कीम के तहत आपको इनकम टैक्स की धारा 80सी के तहत छूट मिलती है।

 मैच्‍योर‍िटी पर ज्‍यादा रकम कहां

मैच्‍योर‍िटी पर ज्‍यादा रकम कहां

यद‍ि आप हर साल पीपीएफ अकाउंट में 1.50 लाख रुपये जमा करते हैं तो मौजूदा ब्‍याज दर (7.1 प्रत‍िशत) के ह‍िसाब से 15 साल की मैच्‍योर‍िटी पर आपको 40.68 लाख रुपये म‍िलेंगे। वहीं सुकन्या समृद्धि योजना में हर साल 1.50 लाख रुपये जमा करने पर 21 साल की मैच्‍योर‍िटी पर आपको 63.65 हजार रुपये म‍िलते हैं। इस खाते को बच्‍ची की उम्र 10 साल होने तक ही खोला जा सकता है।

 कहां खोल सकते हैं अकाउंट

कहां खोल सकते हैं अकाउंट

दोनों ही योजनाएं डाकघर द्वारा चलाई जा रही है। इसके अलावा जिन बैंकों में पब्लिक प्रोविडेंट फंड अकाउंट ओपन करने की सुविधा मिलती है, उनमें सुकन्या समृद्धि योजना अकाउंट खोलने की सुविधा भी है। एसएसवाई में 18 साल बाद पैसा निकाल सकते हैं, जबकि पीपीएफ में मैच्योरिटी के बाद ही पैसा निकालने की इजाजत है। दोनों योजनाएं पोस्ट ऑफिस से बैंक में या बैंक से पोस्ट ऑफिस में ट्रांसफर की जा सकती हैं।

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