LIC : सबसे सस्ता देती है लोन, जानें लेने का तरीका

नयी दिल्ली। भारत में जीवन बीमा पॉलिसी को अकसर निवेश प्रोडक्ट के तौर पर बेचा जाता है। बीमा पॉलिसी का उद्देश्य आम तौर पर घर के कमाने वाले की मृत्यु की स्थिति में परिवार को वित्तीय मदद देना होता है। मगर क्या आप जानते हैं कि बीमा पॉलिसी के जरिये आप जरूरत पड़ने पर अपने लिए पैसे भी जुटा सकते हैं। यदि आपको एक छोटी अवधि के लिए पैसों की जरूरत पड़ जाये तो आप उस स्थिति में अपनी बीमा पॉलिसी पर लोन ले सकते हैं। हालांकि इसके लिए आप योग्य होने चाहिए। योग्य होने के अलावा आपको कुछ और बातों का भी ध्यान रखना पड़ेगा। जैसे कि गिरवी रखी गई पॉलिसी के सरेंडर मूल्य का आपको 80 फीसदी तक लोन मिल सकता है। सरेंडर मूल्य वह राशि है जो एक पॉलिसीधारक को तब मिलती है जब वह मैच्योरिटी से पहले पॉलिसी से बाहर निकलने का फैसला करता है। बीमा पॉलिसी पर लोन कैसे मिलेगा और इसके क्या फायदे हैं हम आपको बताते हैं।

क्या है लोन मिलने के लिए योग्यता

क्या है लोन मिलने के लिए योग्यता

एलआईसी या किसी दूसरी बीमाकर्ता कंपनी की जीवन बीमा पॉलिसी को कर्जदाता लोन के लिए गारंटी के रूप में स्वीकार करते हैं। मगर ध्यान रहे कि केवल यूनिट-लिंक्ड प्लान यानी यूलिप, एंडोमेंट प्लान, लाइफ प्लान और इनकम प्लान पर ही लोन मिल सकता है। मगर आप टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी पर लोन नहीं ले सकते। इसके अलावा एक और बड़ी शर्त आपको लोन के लिए पूरी करनी होगी। आपको नॉन-टर्म योजनाओं पर लोन तब ही मिल सकता है, जब आपने कम से कम पिछले तीन सालों में प्रीमियम का समय पर भुगतान किया हो।

क्या हैं बीमा पॉलिसी पर लोन लेने के लाभ

क्या हैं बीमा पॉलिसी पर लोन लेने के लाभ

बीमा पॉलिसी पर आप सरेंडर वैल्यू के 90 फीसदी मूल्य तक लोन ले सकते हैं। वहीं इसका सबसे बड़ा फायदा है कम ब्याज दर। यदि आप बीमा पॉलिसी पर लोन लेते हैं तो आपको पर्सनल लोन के मुकाबले कम ब्याज चुकाना होगा। इस तरह आपको एलआईसी या किसी बीमा कंपनी की पॉलिसी पर सस्ता लोन मिल सकता है। इसके अलावा पर्सनल लोन के मुकाबले बीमा पॉलिसी पर लोन लेने में कागजी प्रक्रिया कम और आसान है। ये आपातकालीन पैसों की जरूरत के लिए काफी मददगार हैं, क्योंकि लोन न चुका पाने की स्थिति में आपकी पॉलिसी गारंटी के रूप में रहती है। कुछ बैंक आदि इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की भी सुविधा देते हैं।

नुकसानों का भी रखें ध्यान

नुकसानों का भी रखें ध्यान

सरेंडर वैल्यू हासिल करने के लिए सभी प्रीमियम का भुगतान समय पर करने के बाद ही आप बीमा पॉलिसी पर लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसका मतलब साफ है कि पॉलिसी के पहले तीन वर्षों के लिए, आपके पास इस तरह के लोन के लिए आवेदन करने का ऑप्शन नहीं है। वहीं लोन चुकाते समय आपको दोहरा भुगतान करना होगा। आपको लोन चुकाने के साथ-साथ पॉलिसी को लैप्स होने से बचाने के लिए भविष्य की बीमा पॉलिसी का प्रीमियम भी समय से चुकाना होगा। इसके लिए लोन लेते समय इस बात खास ख्याल रखें।

ऐसे चुकाया जायेगा लोन

ऐसे चुकाया जायेगा लोन

पॉलिसी की अवधि के दौरान आपको लोन चुकाने के साथ-साथ प्रीमियम भी भरना होगा। आप केवल लोन का ब्याज या ब्याज सहित मूलधन का भुगतान करने का ऑप्श चुन सकते हैं। अगर आप केवल ब्याज का भुगतान करने का विकल्प चुनते है, तो सेटलमेंट के समय चुकायी जाने वाली मूल राशि बीमा कंपनी द्वारा पॉलिसी की क्लेम राशि से काट ली जाएगी। यदि लोन अवधि के दौरान बीमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाये तो लोन बकाया राशि को क्लेम राशि से काट लिया जाएगा और केवल शेष राशि का भुगतान नॉमिनी व्यक्ति को किया जाएगा।

यह भी पढ़ें - लेना चाहते हैं पर्सनल लोन, पहले जान लीजिए योग्यता

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