LPG Gas E-KYC: जानकारी के लिए बता दे कि पेट्रोलियम कंपनियों ने अपने कस्टमर को रसोई गैस कनेक्शन चालू रखने के लिए ई-केवाईसी करवाने की हिदायत दी है। क्योंकि अपनी एलपीजी गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी नहीं कराई तो आपका गैस कनेक्शन बंद हो सकता है साथ ही उसे पर मिलने वाला सब्सिडी का फायदा भी रख सकता है। इस प्रक्रिया के पहले चरण में उज्ज्वला योजना के तहत जो ग्राहक आते हैं उनकी एक केवाईसी को पूरा किया जा चुका है।
जानकारी के मुताबिक अब सामान्य ग्राहकों को अपनी गैस सिलेंडर की ईकेवाईसी करवाने की जरूरत है। ऐसा न करने पर पहले आपकी सब्सिडी रोक दी जाएगी और फिर सिलेंडर का कनेक्शन भी ब्लॉक कर दिया जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दे कि इस समय उज्ज्वला योजना के तहत 372 रुपए की सब्सिडी बैंक खाते में भेजी जाती है। वहीं आम ग्राहकों को 72 रुपए की सब्सिडी मिलती है।

बता दें की इस प्रक्रिया के तहत सभी घरेलू गैस कंज्यूमर्स को अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवाना होगा।
कहां होगी आपकी ई-केवाईसी
आप अपने संबंधित गैस डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर अपने एलपीजी गैस सिलेंडर की ईकेवाईसी करवा सकते हैं। केंद्र सरकार द्वारा सभी गैस एजेंटीयों को आईसी करने का निर्देश दिया गया है।
जमा करना होगा फॉर्म
एलपीजी गैस सिलेंडर की ई-केवाईसी के लिए आपको एक फॉर्म भरना पड़ेगा। इसमें आपको अपना नाम, गैस उपभोक्ता नंबर, इसके अलावा पति या पिता का नाम भी देना होगा। इसके अलावा आपको एड्रेस प्रूफ के तौर पर भी डॉक्यूमेंट देना होगा।
एड्रेस प्रूफ के लिए आप आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, लीज का एग्रीमेंट या फिर वोटर आईडी कार्ड जैसे डॉक्यूमेंट के अलावा पासपोर्ट और राशन कार्ड जैसे तमाम डॉक्यूमेंट में से किसी एक की फोटो कॉपी देनी होती है।
पहचान के लिए भी देना होगा एक प्रमाण
पहचान प्रमाण पत्र के लिए आप इनमें से किसी भी डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल कर सकते हैं। आधार कार्ड नंबर, पासपोर्ट नंबर, पैन कार्ड नंबर, वोटर आईडी कार्ड, राज्य या फिर केंद्र के द्वारा जारी किया गया कोई भी आइडेंटी कार्ड या फिर ड्राइविंग लाइसेंस की फोटोकॉपी को आपको ई केवाईसी फॉर्म के साथ अटैच करना होगा। आईडेंटिटी प्रूफ के लिए इनमें से कोई भी एक दस्तावेज काफी है।
ई-केवाईसी से क्या होगा फायदा
ई-केवाईसी करवाने से सरकार के पास सभी गैस उपभोक्ताओं की जानकारी पहुंच जाएगी। इस प्रक्रिया में आपका बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया जाएगा और उसे आपके गैस सिलेंडर से जोड़ दिया जाएगा। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का इस्तेमाल करने से दो फायदे मिलेंगे।
बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवाने का पहला फायदा यह होगा कि गैस सिलेंडर की होने वाली कालाबाजारी में काफी हद तक कमी आ जाएगी। जिससे जरूरतमंद लोगों को सही समय पर सिलेंडर मिल जाएगा साथ ही डिस्ट्रीब्यूटर अपनी मनमानी रेट पर गैस सिलेंडर नहीं बेच पाएंगे।
इसके अलावा जो लोग गैस सिलेंडर की खरीद का गलत तरह से सब्सिडी लेते थे वह भी नहीं कर पाएंगे। ऐसे में जरूरतमंद लोगों को सब्सिडी मिलेगी और जो फालतू का बोझ सरकार पर डाल रहे हैं उनका नाम भी सब्सिडी से हट जाएगा।
अगर आप अपने गैस सिलेंडर की ई-केवाईसी करवाना चाहते हैं, तो अपने पास के डिस्ट्रीब्यूटर्स से संपर्क कर सकते हैं।
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