LIC IPO : पैसा लगाने से पहले इसे पढ़े, फिर नहीं होगा घाटा

एलआईसी के आईपीओ का लोग बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। एलआईसी आईपीओ में निवेश को लेकर है आपके मन में भी सवाल है तो यहां आप हमारी खबर जरुर पढ़ें।

नई दिल्ली, फरवरी 21। एलआईसी के आईपीओ का लोग बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। एलआईसी आईपीओ में निवेश को लेकर है आपके मन में भी सवाल है तो यहां आप हमारी खबर जरुर पढ़ें। देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (एलआईसी) का आईपीओ अब जल्द ही लॉन्च होने वाला है। मार्च में इस इश्यू को पब्लिक के लिए खोला जाएगा। आपको इस बात से अवगत करा दें कि देश का सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने जा रही है। एलआईसी देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी है। LIC : बेकार पड़े हैं 21,500 करोड़ रुपये, कोई लेने वाला नहीं

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एलआईसी के इंप्लॉयीज और पॉलिसीहोल्डर्स को बढ़‍िया फायदा
कंपनी इसमें कर्मचारियों और पॉलिसी होल्डर्स को डिस्काउंट देगा। वहीं आम पॉलिसीधारकों को इसमें सबसे ज्यादा फायदा नजर आ रहा है। आईपीओ के जरिए सरकार एलआईसी में अपनी 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी। आईपीओ में 10 फीसदी शेयर एलआईसी के इंप्लॉयीज और पॉलिसीहोल्डर्स के लिए रिजर्व होंगे। इससे इन दोनों को शेयर एलॉट होने की संभावना बढ़ जाएगी। एलआईसी के आईपीओ में पैसा लगाने के दौरान अगर आप थोड़ा कनफ्यूज हैं तो हम अपनी खबर के जरि‍ए आपके मन में आए हर एक सवाल को दूर करेगें। जानकारी के लि‍ए बता दें कि नीचे बताए गए सभी अहम जानकारियां एलआईसी द्वारा दी गई है।

 डीमैट अकाउंट होना बेहद जरूरी

डीमैट अकाउंट होना बेहद जरूरी

- सबसे पहले हम आपको बताएंगे कि आईपीओ में अप्लाई करने के लिए पॉलिसीहोल्डर्स के पास डीमैट अकाउंट होना जरूरी है। क्‍योंक‍ि सेबी के आईसीडीआर रेगुलेशंस के तहत किसी कंपनी के शेयर फिजिकल फॉर्म में जारी नहीं किए जा सकते। शेयर सिर्फ डीमैटरियलाइज्ड फॉर्म में जारी होंगे। इसलिए जो पॉलिसीहोल्डर या रिटेल इनवेस्टर एलआईसी के आईपीओ में पैसे लगाना चाहते हैं, उनके पास डीमैट अकाउंट होना जरूरी है।

- इसके साथ ही इस बात की भी जानकारी दें कि पॉलिसीहोल्डर के लिए किसी तरह का लॉक-इन पीरियड नहीं होगा। वह चाहे तो लिस्टिंग के तुरंत बाद अपने शेयर बेच सकता है।

- आपको बता दें कि एलआईसी के आईपीओ में पॉलिसीहोल्डर्स के लिए रिजर्व कोटे के तहत सिर्फ वे लोग अप्लाई कर सकते हैं, जिनके पास एलआईसी की पॉलिसी है।

- इस बात से भी आप पूरी तरह अवगत हो जाएं कि एलआईसी के आईपीओ में अप्लाई के लिए शेयरों की न्यूनतम संख्या तय है, जो सभी कैटेगरी के इनवेस्टर्स पर लागू होगी। आईपीओ बाजार में आने के बाद शेयरों की न्यूनतम संख्या के बारे में पता चलेगा।

रिजर्व कोटे के तहत मैक्सिमम कितने शेयरों के लिए अप्लाई करने की अनुमति

रिजर्व कोटे के तहत मैक्सिमम कितने शेयरों के लिए अप्लाई करने की अनुमति

- जहां तक रिजर्व कोटे के तहत कोई पॉलिसीहोल्डर मैक्सिमम कितने शेयरों के लिए अप्लाई कर सकता है इसकी बात है तो बता दें कि इसके बारे में आईपीओ पेश होने के बाद ही सही जानकारी मिलेगी। हां, यह तय है कि अप्लाई किए जाने वाले शेयरों की कुल वैल्यू 2,00,000 रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

- डीमैट अकाउंट में शेयरों की किसी तरह की न्यूनतम संख्या होनी जरूरी नहीं है। इस बात का ध्‍यान रखें के पॉलिसीहोल्डर के नाम से डीमैट अकाउंट होना जरूरी है ना कि अपनी पत्नी/पति या बेटे/बेटी या रिश्तेदार के नाम पर हो। आईपीओ बाजार में आने के बाद पता चलेगा कि पॉलिसीहोल्डर को प्रति शेयर कितना फीसदी डिस्काउंट मिलेगा।

 नहीं म‍िलेगी किसी तरह की टैक्स छूट

नहीं म‍िलेगी किसी तरह की टैक्स छूट

- बोली लगाने के लिए शेयरों की मैक्सिमस वैल्यू 2,00,000 रुपये तय है। हालांकि, एलिजिबल पॉलिसीहोल्डर्स आरआईबी श्रेणी या गैर-संस्थागत बोलीदाताओं की श्रेणी में क्रमश: अतिरिक्त 2,00,000 रुपये और 2,00,000 रुपये से ज्यादा मूल्य के शेयरों के लिए अप्लाई कर सकते हैं। ध्‍यान देने वाली बात ये है कि एलआईसी आईपीओ के तहत निवेश करने पर इनकम टैक्‍स से किसी तरह की टैक्स छूट नहीं मिलेगी।

- पॉलिसीहोल्डर रिजर्वेशन पोर्शन कैटेगरी के तहत दोनों में से कोई एक ही शेयरों के लिए अप्लाई कर सकता है। आईपीओ में अप्लाई करने वाले पॉलिसीहोल्डर का पैन पॉलिसी के रिकॉर्ड में अपडेटेड होना जरूरी है। अप्लिकेंट के नाम से डीमैट अकाउंट होना जरूरी है। अगर डीमैट अकाउंट ज्वाइंट है तो अप्लिकेंट का डीमैट अकाउंट का फर्स्ट/प्राइमरी होल्डर होना जरूरी है।

- समझने के ल‍िए बता दूं क‍ि अगर किसी की बेटी अमेर‍िका में पढ़ाई कर रही है। उसकी इंडिया में पॉलिसी है, ऐसे में क्‍या वह पॉलिसीहोल्डर रिजर्व कोटे के तहत आईपीओ में अप्लाई कर सकती है? इस स्‍थित‍ि में बता दें कि आईपीओ के बिड/ऑफर पीरियड के दौरान उसका इंडिया में होना जरूरी है तभी वह इश्यू में अप्लाई कर सकेगी।

 एलआईसी पॉलिसी को अभी भी कर सकते पैन नंबर से लिंक

एलआईसी पॉलिसी को अभी भी कर सकते पैन नंबर से लिंक

इसके अलावा ये बहुत ही अहम जानकारी है कि अगर आपने अभी तक एलआईसी पॉलिसी को पैन नंबर से लिंक नहीं किया है तो जल्‍द ही कर लें। एलआईसी की वेबसाइट पर एक कॉर्नर उपलब्ध हैं। अपना पैन नंबर, पॉलिसी नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी डालकर इसे अपडेट कर सकते हैं। इसके अलावा किसी भी नजदीकी एलआईसी कार्यालय में भी इसे अपडेट कराया जा सकता है।

एलआईसी वेबसाइट पर पैन ड‍िटेल कैसे अपडेट करें
चरण 1: एलआईसी की आधिकारिक वेबसाइट https://licindia.in/ पर जाएं।
या सीधे पेज पर जाएं- https://linkpan.licindia.in/UIDSeedingWebApp/
चरण 2: होम पेज से, 'ऑनलाइन पैन पंजीकरण' विकल्प चुनें।
चरण 3: ऑनलाइन पैन पंजीकरण पृष्ठ पर, 'आगे बढ़ें' बटन पर टैप करें।
चरण 4: अपना सही ईमेल पता, पैन, मोबाइल नंबर और एलआईसी पॉलिसी नंबर प्रदान करें।
चरण 5: बॉक्स में कैप्चा कोड दर्ज करें।
चरण 6: 'ओटीपी प्राप्त करें' पर क्लिक करें
चरण 7: एक बार जब आप ओटीपी प्राप्त कर लेते हैं, तो ओटीपी अंकों को पोर्टल पर इसके लिए प्रदान की गई जगह में इनपुट करें और सबमिट करें।

पैन-एलआईसी स्‍टेटेस कैसे जांचें
चरण 1: https://linkpan.licindia.in/UIDSeedingWebApp/getPolicyPANStatus पर जाएं
चरण 2: पॉलिसी नंबर, जन्म तिथि और पैन जानकारी, साथ ही कैप्चा दर्ज करें। फिर सबमिट बटन दबाएं।

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