कोरोना के कारण छाई मंदी में सोना एक सुरक्षित निवेश के रूप में उभरा है। सरकार ने सस्ती दरों पर सोना खरीदने का मौका दिया है।
नई दिल्ली: कोरोना के कारण छाई मंदी में सोना एक सुरक्षित निवेश के रूप में उभरा है। सरकार ने सस्ती दरों पर सोना खरीदने का मौका दिया है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम की वित्त वर्ष 2020-21 की दूसरी सीरीज सब्सक्रिप्शन के लिए 11 मई से ही खुल गई है जो कि 15 मई तक निवेशक इसे सब्सक्राईव कर सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने इस चरण में सोने की इश्यू प्राइस 4,590 रुपये प्रति ग्राम तय की है। वहीं, इस स्कीम में निवेश के लिए ऑनलाइन अप्लाई करने वालों और ऑनलाइन भुगतान करने वालों को प्रति ग्राम 50 रुपये के हिसाब से छूट मिलेगी। गोल्ड इंश्योरेंस : बैंक लॉकर या घर में रखे सोने-चांदी के बीमा के हैं कई फायदे, जानें यहां ये भी पढ़ें

गोल्ड में निवेश मुनाफे का सौदा
फिलहाल देश में पीली धातु की मांग काफी बढ़ी हुई है। ऐसे में अगर आप भी गोल्ड पर निवेश करते हैं तो यह आपके लिए भी यह मुनाफे का सौदा होगा। सरकार ऐसे समय में गोल्ड बॉन्ड की दूसरी सीरीज लेकर आई है जब सोने की बहुत अधिक मांग देखने को मिल रही है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम की शुरुआत सरकार ने वर्ष 2015 में की थी। इस स्कीम का लक्ष्य फिजिकल गोल्ड की मांग में लाना भी है। तो चलिए जानते हैं कि सोने पर निवेश क्यों सुरक्षित और किफ़ायती है।
सोने पर निवेश के कई फायदे
निवेश का बेहतर मौका
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर निवेश करने में 2.5 फीसदी ब्याज निवेश के बाद सोने के रेट बढ़ने के फायदे मिलते हैं। इसके साथ ही सालाना 2.5 फीसदी ब्याज भी मिलता है। जो निवेशक के बैंक खाते में हर 6 महीने पर जमा किया जाता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का मेच्योरिटी पीरियड 8 साल है। लेकिन अगर आप चाहें तो 5 साल, 6 साल और 7 साल के बाद भी इसे बेच सकते हैं।
शुद्धता की चिंता नहीं
भारत सरकार की ओर से रिजर्व बैंक सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जारी करता है। गोल्ड बॉन्ड की कीमत इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) द्वारा प्रकाशित 999 शुद्धता यानी 24 कैरेट सोने के दाम से लिंक होता है। ऐसे में आपको सोने की गुणवत्ता लेकर किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं होती है।
सुरक्षा की चिंता एवं रखरखाव खर्च की बचत
आपको सोने की सुरक्षा का ध्यान रखना पड़ता है। साथ ही अगर आप उसे लॉकर में रखते हैं तो उसका शुल्क अलग से देना पड़ता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश पर आपको इन दोनों में से किसी भी पहलू को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं होती है।
ब्याज के रूप होती है अतिरिक्त आमदनी
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर निवेश करने में 2.5 फीसदी ब्याज निवेश के बाद सोने के रेट बढ़ने के फायदे मिलते हैं। वहीं साथ ही सालाना 2.5 फीसदी ब्याज भी मिलता है। जो निवेशक के बैंक खाते में हर 6 महीने पर जमा किया जाता है। ब्याज की अंतिम किस्त मूलधन के साथ मेच्योरिटी पर दे दी जाती है।
बिक्री पर नहीं कटते हैं कोई पैसे, टैक्स की चिंता नहीं
अगर आप सोना बेचने जाते हैं तो उसका मेकिंग चार्जे काट दिया जाता है। जिससे आपको कम पैसे मिलते हैं। सोवरेन गोल्ड बॉन्ड में अगर आप बॉन्ड बेचते हैं तो आपको पूरे पैसे मिलते हैं। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के मेच्योरिटी तक होल्ड करने के जब आप इसे भुनाते हैं तो जो पैसे मिलते हैं उसपर किसी तरह का टैक्स नहीं लगता।
जान लें कब-कब जारी होंगे सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड
पहली सीरीज: पहली सीरीज में 20 अप्रैल से लेकर 24 अप्रैल के बीच तक सब्सक्रिप्शन लिया गया। पहली किस्त 28 अप्रैल को जारी की गई।
दूसरी सीरीज: 11 मई से लेकर 15 मई के बीच सब्सक्रिप्शन लिया जा सकता है। इसकी किस्त 19 मई को जारी की जाएगी।
तीसरी सीरीज: 8 जून से लेकर 12 के बीच सब्सक्रिप्शन लिया जा सकता है। इसकी किस्त 16 जून को जारी की जाएगी।
चौथी सीरीज: 6 जुलाई से लेकर 10 जुलाई के बीच सब्सक्रिप्शन लिया जा सकता है। इसकी किस्त 14 जुलाई को जारी की जाएगी।
पांचवीं सीरीज: 3 अगस्त से लेकर 7 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन लिया जा सकता है। इसकी किस्त 11 अगस्त को जारी की जाएगी।
छठी सीरीज: 31 अगस्त से लेकर 4 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन लिया जा सकता है। इसकी किस्त 8 सितंबर को जारी की जाएगी।
यहां से कर सकते हैं निवेश
भारत सरकार की ओर से ये बॉन्ड रिजर्व बैंक जारी करेगा। गोल्ड बॉन्ड आप बैंकों, डाकघरों, एनएसई और बीएसई के अलावा स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के जरिए भी खरीद सकते हैं। आइए जानते हैं इसके तहत आपको आयकर छूट कैसे मिलेगी। ऑनलाइन सोना खरीदने पर निवेशकों को प्रति ग्राम सोना 4,540 रुपये का पड़ेगा। ऐसे में आपको 45,400 रुपये में 10 ग्राम सोना मिल जाएगा। अगली स्लाइड में जानते हैं आप इसकी खरीदारी कहां से कर सकते हैं और कैसे आपको आयकर छूट मेलिगी।


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