नयी दिल्ली। इस समय देश का सबसे बड़ा बैंक एसबीआई 6.50 फीसदी का अधिकतम ब्याज दे रहा है। ऐसे में स्मॉल फाइनेंस बैंकों द्वारा 8.50 फीसदी या इससे ज्यादा ब्याज दिया जाना कोई हैरानी की बात नहीं है। उदाहरण के लिए जन स्मॉल फाइनेंस बैंक में आपको 199 दिनों की जमा पर 8.25 फीसदी और 499 की डिपॉजिट पर 8.50 फीसदी तक ब्याज मिल जायेगा। वहीं सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक आपको 2-3 से तीन साल तक की जमा पर 8.50 फीसदी तक ब्याज मिल जायेगा। मगर एक बड़े और दिग्गज बैंक द्वारा कम ब्याज और छोटे बैंकों की तरफ से अधिक ब्याज सुनते ही निवेशकों के मन में सवाल आ सकता है कि क्या इन बैंकों में एफडी करवाना सुरक्षित होगा? वैसे ये सवाल मन में आना जरूरी भी है क्योंकि बात आपके पैसों की है। कहीं भी पैसा निवेश करने से पहले रिसर्च करना और जानकारी हासिल करना जरूरी है। आइये जानते हैं कि स्मॉल फाइनेंस बैंकों में पैसा लगाना सुरक्षित है या नहीं?
बड़े लोन देने पर है पाबंदी
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 2015 में करीब 10 स्मॉल फाइनेंस बैंकों को लाइसेंस दिया था। हालांकि बड़े साइज के कारोबारी बैंकों के मुकाबले स्मॉल फाइनेंस बैंकों की कारोबारी गतिविधियां सीमित हैं। आरबीआई इन बैंकों पर निगरानी रखता है, जिसने इनके लिए कई कड़े दिशानिर्देश तय कर रखे हैं। इन निर्देशों के लिहाज से यह बैंक निवेश के लिए सुरक्षित हैं। उदाहरण के लिए ऐसे बैंकों का 50 फीसदी लोन पोर्टफोलियो 25 लाख रुपये की श्रेणी में होना चाहिए, जिसका मतलब है कि बड़े आकार के लोन पर रोक है। अकसर देखा गया है कि बैंकों द्वारा बड़ी राशि के लोन दिये जाने से ज्यादा समस्याएं सामने आती हैं।
छोटे कारोबारियों को अधिक लोन
स्मॉल फाइनेंस बैंक ज्यादातर प्राथमिकता सेक्टर पर ध्यान देते हैं। इसके अलावा इन बैंकों ध्यान एसएमई सेक्टर यानी छोटे-मंझोले उद्यमों या बहुत छोटे कारोबारियों की तरफ रहता है, जिनमें किसान भी शामिल हैं। इन कारोबारियों को माइक्रो फाइनेंस कंपनियाँ कवर करती हैं। इन फर्मों के पास कम से कम 100 करोड़ रुपये की पूँजी होनी जरूरी है। इसके अलावा इन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि वे लिक्विडिटी रेश्यो अनुपात आवश्यकताओं को पूरा करें, जिसका मतलब है कि निवेशक जब अपने पैसे वापस चाहें, तो उन्हें तुरंत अपना पैसा मिले।
500 करोड़ रुपये होने पर स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होना जरूरी
इसके अलावा एक बार कोई स्मॉल फाइनेंस बैंक 500 करोड़ रुपये की नेटवर्थ पर पहुंच जाये तो उसे स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट करना होगा। इस तरह की लिस्टिंग के लिए समय सीमा तीन साल निर्धारित की गई है। इन बैंकों में आपके 1 लाख रुपये के जमा पैसे का बीमा रहता है। इसका मतलब है कि इन बैंकों में छोटी राशि का निवेश करना ठीक है। सहकारी बैंकों की तरह स्मॉल फाइनेंस बैंकों के डूबने की भी कोई घटना सामने नहीं आयी है। इस बातों के देखते हुए इन बैंकों में एफडी करवाना आपके सुरक्षित और बेहतर विकल्प हो सकता है।
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