Income Tax Saving Tips: अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई का एक हिस्सा जब टैक्स में चला जाता है तो काफी बुरा लगता है। लेकिन सरकार के द्वारा कई सारी ऐसी योजनाएं भी हैं जिनमें पैसे लगाकर आप टैक्स से छूट पा सकते हैं। इनमें सेक्शन 80C लोगों के द्वारा टैक्स सेविंग के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है और यह लोगों में काफी ज्यादा प्रचलित भी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि क्षेत्र 80C के तहत आपको हर फाइनेंशियल ईयर में 1.5 लाख रुपए तक की टैक्स छूट मिलती है। लेकिन अगर अपने क्षेत्र 80c की 1.5 लाख रुपए की लिमिट को पहले ही क्रॉस कर लिया है, तो फिर आप क्या करेंगे। अगर आपने ऐसा कर भी लिया है तो भी परेशान होने की बात नहीं है। क्योंकि क्षेत्र 80C के अलावा कई और ऐसे विकल्प हैं जिनसे आप टैक्स बचा सकते हैं। आइए इनके बारे में जानते हैं।

सेक्शन 80G के तहत डोनेशन पर होती है कटौती
अगर आपने धारा 80 जी के तहत केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित फंड में दान किया है तो दान की गई राशि में आपको कटौती देखने को मिल सकती है। इसमें आपको यह ध्यान रखना होगा कि यह आपकी कुल आय के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। यह छूट आपको मंदिर, मस्जिद और चर्च के रिनोवेशन में दान करने पर भी मिलती है। इसके अलावा आपने अगर किसी वैज्ञानिक अनुसंधान करने वाले किसी संस्थान या किसी यूनिवर्सिटी या कॉलेज को दान दिया है, जो सरकार द्वारा अप्रूव्ड है तो (सेक्शन 35(1)(ii), 35(1)(iii), 35CCA, 35CCB के तहत) तो योगदान की गई राशि पर धारा 80GGA के तहत टैक्स डिडक्शन का फायदा मिलता है।
नेशनल पेंशन स्कीम में निवेश पर टैक्स छूट
अगर आप नेशनल पेंशन स्कीम में पैसे इन्वेस्ट करते हैं और क्षेत्र 80CCD के तहत 50000 रुपए तक का टैक्स डिडक्शन आपको मिल सकता है। यह सेक्शन 80c की सीमा से ज्यादा है।
प्रीवेंटिव हेल्थ चेकअप पर भी मिलती है टैक्स की छूट
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आप प्रीवेंटिव हेल्थ चेकअप कराने पर भी टैक्स डिडक्शन पा सकते हैं। सेक्शन 80D के तहत आपको प्रीवेंटिव हेल्थ चेकअप पर टैक्स डिडक्शन मिल सकता है। इसके तहत हर टैक्स पेयर 5000 रुपए तक का टैक्स डिडक्शन क्लेम कर सकता है।
हेल्थ में इनवेस्टमेंट करके बचा सकते हैं टैक्स
आपकी जानकारी के लिए बता दे की हेल्थ इंश्योरेंस लेने पर भी आपको टैक्स डिडक्शन की सुविधा मिलती है। अगर आप अपने लिए या परिवार के सदस्यों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम एक कर रहे हैं तो, उसे पर भी आप टैक्स डिडक्शन का क्लेम कर सकते हैं। धारा 80d के तहत आप अपने और अपने परिवार के लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम के भुगतान पर 25000 का टैक्स डिटेक्शन ले सकते हैं। आपके परिवार में पति-पत्नी और बच्चे शामिल होते हैं।
अगर आपके माता-पिता की उम्र 60 साल से कम है और आप उनके लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम का भुगतान कर रहे हैं तो अभी आप 25000 तक की टैक्स डिडक्शन का क्लेम कर सकते हैं। वहीं अगर आपके माता-पिता की उम्र 60 साल से ज्यादा हो चुकी है, तो आप एक फाइनेंशियल ईयर में सेक्शन 80D के तहत 50000 रुपए तक पर टैक्स में छूट का दावा कर सकते हैं।


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