Income Tax Return Last Date : ITR भरने के लिए सिर्फ 5 दिन है मौका! चूकने पर लगेगा भारी जुर्माना?

Income Tax Return Deadline Latest Updates : यदि आप टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए पात्र हैं और अभी तक आयकर रिटर्न नहीं भरा है तो जल्दी से इस काम को निपटा लें, वरना भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। दरअसल आयरकर रिटर्न भरने की निर्धारित समयसीमा अब खत्म होने में बस कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं।

निर्धारण वर्ष 2025-26 (वित्त वर्ष 2024-25) के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2025 है। ऐसे में जैसे-जैसे समय सीमा नज़दीक आ रही है, करोड़ों टैक्सपेयर्स सोच रहे हैं कि क्या सरकार वित्त वर्ष 2024-25 के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाएगी।

ITR-Filing

दरअसल, कई इंडिव्यूजअल टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का कहना है कि पोर्टल की गड़बड़ियों, आईटीआर प्रोसेसिंग में देरी और आईटीआर रिफंड की स्थिति की समस्याओं के कारण आयकर रिटर्न दाखिल करने में कठिनाई हो रही है। इसी वजह से वे सरकार से आयकर रिटर्न दाखिल करने को लेकर और समय की मांग कर रहे हैं।

मई में बढ़ाई गई थी रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा

बता दें कि पहले आईटीआर की समय सीमा 31 जुलाई 2025 थी, लेकिन आयकर विभाग ने मई में इसे बढ़ाकर 15 सितंबर कर दिया था। उस समय, सरकार ने अपडेटेड आईटीआर फॉर्म और यूटिलिटीज में देरी और परिचालन संबंधी तैयारियों को देखते हुए करदाताओं को अतिरिक्त समय दिया था।

15 सितंबर से आगे बढ़ेगी ITR भरने की समयसीमा?

फिलहाल, केंद्र सरकार की ओर से स्पष्ट नहीं किया गया है कि आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर से आगे बढ़ाई जाएगी या नहीं। ऐसे में यदि आपने अभी तक इनकम टैक्स नहीें भरा है तो फटाफट भर लें। आयकर विभाग की वेबसाइट के अनुसार, अब तक 5 करोड़ से ज़्यादा आईटीआर दाखिल किए जा चुके हैं।

एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि टैक्सपेयर्स को किसी भी हालत में इंतज़ार नहीं करना चाहिए क्योंकि समय सीमा चूकने पर धारा 234F के तहत जुर्माना लग सकता है और रिफंड में भी देरी हो सकती है। इसलिए, जब तक आधिकारिक घोषणा नहीं हो जाती, तब तक सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि आप जल्द से जल्द अपनी आईटीआर फाइलिंग पूरी कर लें।

टैक्सपेयर्स के लिए 15 सितंबर इतना महत्वपूर्ण क्यों?

आयकर रिटर्न भरने वालों के लिए 15 सितंबर की समयसीमा बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि आईटीआर देर से दाखिल करने पर जुर्माना लगता है और रिफंड में देरी होती है। समय सीमा के बाद दाखिल करने वाले करदाताओं को धारा 234F के तहत 5,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। ऐसे में देखें तो आज की तारीख यानी 11 सितंबर को लेकर अब 5 दिन का समय बचा है।

अब तक कितने लोगों ने ITR दाखिल किया?

आयकर विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि 10 सितंबर को केवल 16 लाख आईटीआर दाखिल किए गए, जो 15 सितंबर तक 8 करोड़ रिटर्न के अपेक्षित लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आवश्यक 54 लाख दैनिक औसत से काफी कम है।

पिछले साल, 31 जुलाई तक 7.24 करोड़ रिटर्न दाखिल किए गए थे। इस साल, विस्तारित समय सीमा के साथ, सरकार आईटीआर दाखिल करने में कम से कम 10% की वृद्धि की उम्मीद कर रही होगी, जैसा कि पिछले वर्षों में देखा गया है। अभी तक 2.7 करोड़ से ज़्यादा करदाताओं ने अभी तक रिटर्न दाखिल नहीं किया है।

सिर्फ 5 दिन बचा है समय, क्या सरकार देगी राहत?

आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर, 2025 है। ऐसे में अब सिर्फ 5 दिन का समय बचा हैं। 15 सितंबर की आईटीआर की समयसीमा नज़दीक आने के साथ, 2025 में आईटीआर की समयसीमा बढ़ाने की मांग ज़ोर पकड़ रही है। शिकायतों में ई-फाइलिंग पोर्टल की धीमी गति, फॉर्म 26AS और AIS में बेमेल, और बार-बार त्रुटि संदेश शामिल हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट भी बल्क फाइलिंग में कठिनाई की रिपोर्ट कर रहे हैं।

अब सिर्फ 5 दिन बचे हैं। हालांकि, अब तक 5.3 करोड़ आईटीआर दाखिल किए जा चुके हैं। बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार 2025 में आईटीआर की समयसीमा बढ़ाएगी या करदाताओं से समय पर फाइलिंग पूरी करने की उम्मीद करेगी?

ये 3 गलतियां आपके रिफंड में करा सकती है देरी

यदि आप आयकर रिटर्न भर रहे हैं तो सावधानी से भरें, वरना ये 3 गलतियां आपके आयकर रिफंड में रुकावट डाल सकती हैं।

1. गलत समयसीमा से पहले फाइल करना :- 15 सितंबर की समयसीमा सभी करदाताओं के लिए नहीं है। अगर आप वेतनभोगी हैं या आपको ऑडिट की ज़रूरत नहीं है, तो आपकी समयसीमा 31 जुलाई थी। अभी फाइल करने पर देरी या जुर्माना लग सकता है।

2. आईटीआर फॉर्म में विवरण का अभाव :- कई करदाता ब्याज आय, पूंजीगत लाभ या छूट प्राप्त आय (जैसे बचत खाते का ब्याज) की जानकारी देना भूल जाते हैं। जानकारी का अभाव नोटिस और रिफंड में देरी का कारण बन सकता है।

3. अपने आईटीआर का सत्यापन न करना :- ई-सत्यापन के बिना फाइलिंग अधूरी है। अगर आप फाइल करने के 30 दिनों के भीतर सत्यापन नहीं करते हैं, तो आपका रिटर्न अमान्य माना जाएगा और आपका रिफंड अटक जाएगा।

15 सितंबर के बाद कौन-कौनसे लोग भर सकते हैं ITR?

बता दें कि आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की 15 सितंबर की समयसीमा सभी के लिए नहीं है। आयकर विभाग द्वारा विभिन्न श्रेणियों के करदाताओं के लिए अलग-अलग नियत तिथियां निर्धारित की गई हैं।

व्यक्तिगत करदाताओं, वेतनभोगी कर्मचारियों और जिन लोगों को ऑडिट की आवश्यकता नहीं है, उनके लिए निर्धारण वर्ष 2025-26 के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर, 2025 है। वहीं, यदि आपके खातों का ऑडिट होना आवश्यक है, जैसे कि उच्च टर्नओवर वाले व्यवसायों और पेशेवरों के मामले में, तो अंतिम तिथि 31 अक्टूबर, 2025 है।

इसके अलावा, कंपनियों और अन्य लोगों के लिए जिन्हें ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट प्रस्तुत करना आवश्यक है, अंतिम तिथि 30 नवंबर, 2025 है। इसलिए, 15 सितंबर, 2025 की तारीख केवल उन मामलों में आईटीआर दाखिल करने के लिए प्रासंगिक है जहां करदाता ने कुछ अंतरराष्ट्रीय या निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन किए हैं जिनके लिए ट्रांसफर प्राइसिंग नियमों का अनुपालन आवश्यक है।

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