TDS Notice To Home Buyers: हाल ही में लोगों के ऐसे सोशल मीडिया पोस्ट और मामले देखने को आएंगे जिम घर खरीदने के बाद उन्हें टीडीएस में गड़बड़ी को लेकर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा नोटिस भेजा जा रहा है। लोगों को जमीन खरीदने के बाद भीबचा हुआ टीडीएस जमा करने के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है। गौरतलब है कि यह टीडीएस अमाउंट आपका प्रॉपर्टी की कुल वैल्यू का करीब 20 प्रतिशत तक होता है।
लोगों जानकारी नहीं है पर अगर आपकी प्रॉपर्टी की कीमत 50 लाख रुपए है तो आपको उसका 1 प्रतिशत टीडीएस देना पड़ता है। लेकिन अगर आपने पैन नंबर नहीं दिया है, तो आपको कुल मिलाकर 20 प्रतिशत तक का टीडीएस करना है। इसके अलावा अगर आपने पैन लगाया है पर पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक नहीं किया तो भी आपको इस दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा इस लिए है, क्योंकि अगर आपने पैन को आधार कार्ड से कनेक्ट नहीं किया है, तो आपका पैन डीएक्टीवेट हो गया होगा, यही भी एक कारण हो सकता है।

प्रॉप्रटी की खरीद पर टीडीएस के बारे में बात करते हुए एक विशेशज्ञ ने बताया कि इनकम टैक्स एक्ट के तहत 1961 के सेक्शन 194 IA के मुताबिक, अगर प्रॉप्रटी की कीमत या स्टैंप ड्युटी वैल्यू 50 लाख रुपए तक की है, तो जमीन बेचने वाले को 1 प्रतिशत टैक्स देना होगा। इसके अलावा बाकी का 74.25 लाख रुपए का भुगतान सेलर को करना होगा।
आपको बता दें की घर खरीदने के 30 दिनों के अंदर आपको भारतीय अमाउंट इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को जमा करना होता है। यह रकम सेलर के द्वारा भी रिटर्न फाइल करते समय दी जा सकती है।
को बताते चने की नियमों के मुताबिक पैन कार्ड नहीं रहने पर ज्यादा टीडीएस काटा जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगरजमीन बेचने वाले नहीं पैन कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया है तो घर खरीदने वाले को प्रॉपर्टी की कुल वैल्यू का 20 प्रतिशत का टीडीएस के तौर पर देना पड़ता है। इसके अलावा सीबीटी का एक नया सर्कुलर भी जारी हुआ है, इसके तहत अगर किसी व्यक्ति ने 30 जून तक अपना आधार कार्ड पैन कार्ड से लिंक नहीं किया है, तो 1 जुलाई के बाद से उसके पैन कार्ड को निरस्त कर दिया गया है और वह किसी भी ट्रांजैक्शन के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। तो अगर ऐसी कोई भी स्थिति होती है तो आपको प्रॉपर्टी खरीदने पर 20 प्रतिशत एक्स्ट्रा टीडीएस देना ही पड़ेगा। हालांकि अगर आप पैन कार्ड लगते हैं तो इस खर्चे से बच सकते हैं।
आप बड़ी आसानी से इस खर्चे से बच सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको सेलर का पैन नंबर ऑनलाइन चेक करना चाहिए। के लिए आपको सेलर का नाम उसकी डेट ऑफ बर्थ डालकर सेलर का मोबाइल नंबर चेक करेंगे तो नोटिफिकेशन के लिएसेलर के मोबाइल नंबर पर एक वन टाइम पासवर्ड जाएगा। ओटीपी डालने पर आपको वेबसाइट के जरिए पता चल जाएगा की इंक पेन एक्टिव है या नहीं। इस तरह अपने काफी पैसों की बचत कर सकते हैं।


Click it and Unblock the Notifications