आज महिलाएं समय से आगे निकल रही हैं। आधुनिक युग की महिलाएं फाइनेंशियल दृष्टि से पहले से कहीं अधिक चतुर और आत्मनिर्भर हो गई हैं।
नई दिल्ली: आज महिलाएं समय से आगे निकल रही हैं। आधुनिक युग की महिलाएं फाइनेंशियल दृष्टि से पहले से कहीं अधिक चतुर और आत्मनिर्भर हो गई हैं। चाहे एक कामकाजी प्रफेशनल हो या एक होममेकर, आजकल की महिलाओं के पास अपने फाइनैंशल लाइफ की ज्यादा समझ है। हमारे देश में महिलाओं की स्थिति कई मामलों में पहले से सुधरी है। इतना ही नहीं नौकरीपेशा महिलाओं की संख्या बढ़ी है और महिलाएं स्वयं अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हुईं हैं। ऐसे में उनकी राह में आर्थिक समस्याएं भी पैदा हुईं, लेकिन इन समस्याओं को दूर करने के लिए सरकारी और निजी संस्थाएं आगे आई हैं। इसी का नतीजा है कि आज महिलाएं आर्थिक रूप से निर्भर हो रही हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई प्रकार की छूट भी मिली हुई हैं। महिला हैं तो तुरंत उठांए मोदी सरकार की इस योजना का फायदा ये भी पढ़ें
तो जानिए महिलाओं को मिलने वाले छूटों के बारे में
सेविंग्स अकाउंट में मिलती है छूट
बात करें अगर बैंकों में महिलाओं के लिए खास बचत खातों की स्कीम मौजूद हैं। इनमें तमाम तरह के रिवॉर्ड और कैशबैक ऑफर दिए जाते हैं। बच्चों की एजुकेशन के लिए बचत की खातिर कामकाजी महिलाएं 'जूनियर/किड अकाउंट' खुलवा सकती हैं। इसमें मिनिमम बैलंस की अनिवार्यता से छूट दी गई है।
लोन पर कम मिलती ब्याज दर
वहीं अगर लोन की बात करें तो कई ऐसे बैंक है जहां महिलाओं के लिए होम लोन की ब्याज दरें कम हैं। जी हां बैंकिंग सेक्टर ने महिलाओं को अच्छी खासी रियायत दी है। अधिकांश बैंकिंग, गैर बैंकिंग संस्थानों के पास पुरुषों की तुलना में महिलाओं के लिए कम ब्याज दरों पर होम लोन के ऑफर्स हैं। यह अंतर करीब 0.05 फीसदी तक होता है। लंबी अवधि के लोन में यह बड़ा फर्क पैदा करता है। कार लोन के लिए भी यही बात लागू है।
प्रॉपर्टी की खरीद में भी मिलता है लाभ
इसके साथ ही कई राज्य सरकारें महिलाओं के नाम प्रॉपर्टी पर स्टांप ड्यूटी और ट्रांसफर ड्यूटी में छूट देती हैं। इससे प्रॉपर्टी सस्ती पड़ती है। दिल्ली में महिला खरीदारों के लिए स्टांप ड्यूटी 4 फीसदी है जबकि पुरुषों के लिए यह 6 फीसदी है। महानगरों में रीयल एस्टेट में महिलाओं का अच्छा खासा दखल है। यहां 30 प्रतिशत संपत्ति खरीदने वालों में महिलाएं ग्राहक होती हैं। कामकाजी महिलाओं के लिए कई होम लोन योजनाएं सामने आईं हैं। इन योजनाओं में रियायती ब्याज दरों पर होम लोन के ऑप्शन मौजूद होते हैं। वहीं लोन देने वाली कई कंपनियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना, एचडीएफसी वूमन पॉवर जैसी योजनाओं के तहत महिलाओं को कम ब्याज दरों पर होम लोन की पेशकश की है।
महिला उद्यमिता को बढ़ावा
बता दें कि सरकार ने महिलाओं में उद्यमिता यानी आंत्रप्रेन्यरशिप को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियां बनाने के साथ कई स्कीम शुरू की हैं। 'स्टैंड अप इंडिया' के तहत महिला उद्यमी को मैन्यूफैक्चरिंग या ट्रेडिंग सेक्टर के क्षेत्र में 10 लाख रुपये से लेकर 100 लाख रुपये तक बैंक लोन दिया जाता है।


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