HDFC Bank New Rules: अगर आपका खाता HDFC Bank में है तो आने वाले दिनों में कुछ नए बदलावों के लिए तैयार रहना होगा। बैंक ने जानकारी दी है कि 1 अप्रैल 2026 से कई बैंकिंग सर्विसों से जुड़े नियमों में संशोधन किया जाएगा।

इन बदलावों का असर लोन की ब्याज दर, फिक्स्ड डिपॉजिट, एटीएम से कैश निकालने के तरीके और बैंक लॉकर की फीस पर पड़ सकता है। इसलिए ग्राहकों के लिए इन नियमों को पहले से समझ लेना जरूरी है, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो।
लोन की ब्याज दरों में मामूली कमी
बैंक ने अपनी Marginal Cost of Funds Based Lending Rate यानी MCLR में थोड़ी कटौती की है। यह दर वह आधार होती है जिसके अनुसार कई तरह के बैंक लोन की ब्याज दर तय की जाती है।
नई दरों के मुताबिक ओवरनाइट और एक महीने की MCLR अब 8.25% से घटकर 8.15% हो गई है। वहीं तीन महीने की दर 8.30% से घटकर 8.25% कर दी गई है। इसके अलावा छह महीने और एक साल की अवधि वाली दर में भी हल्की कमी की गई है। इससे उन ग्राहकों को राहत मिल सकती है जिनका लोन MCLR से जुड़ा हुआ है।
फिक्स्ड डिपॉजिट पर बढ़ी ब्याज दर
बैंक ने कुछ अवधि की फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दर में भी बढ़ोतरी की है। तीन साल से अधिक अवधि वाली FD पर अब 6.50% तक ब्याज दिया जा रहा है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर और अधिक है और उन्हें इसी अवधि की FD पर करीब 7% तक ब्याज मिल सकता है। इससे ऐसे निवेशकों को फायदा होगा जो सुरक्षित निवेश विकल्प तलाश रहे हैं।
ATM से UPI कैश निकासी का नया नियम
अब एटीएम से Unified Payments Interface यानी UPI के जरिए कैश निकालने पर नया नियम लागू किया जाएगा। 1 अप्रैल से UPI के माध्यम से ATM से निकाली गई नकदी को भी मासिक फ्री ATM ट्रांजैक्शन की सीमा में शामिल किया जाएगा। अगर कोई ग्राहक तय सीमा से ज्यादा बार कैश निकालता है तो हर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर लगभग 23 रुपए और टैक्स देना पड़ सकता है।
बैंक लॉकर की फीस में बदलाव
बैंक ने अपने सेफ डिपॉजिट लॉकर की फीस में भी बदलाव करने का फैसला किया है। इसके लिए एक नई "मेट्रो प्लस" कैटेगरी शुरू की जा रही है।
अब लॉकर का सालाना किराया लॉकर के आकार और बैंक शाखा के स्थान के आधार पर तय किया जाएगा। मेट्रो शहर, शहरी क्षेत्र, अर्ध-शहरी और ग्रामीण इलाकों के लिए किराया अलग-अलग हो सकता है। इसके साथ ही लॉकर फीस पर 18% GST भी लागू होगा।
ग्राहकों को क्या ध्यान रखना चाहिए
बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि ग्राहकों को इन नए नियमों की जानकारी पहले से रखनी चाहिए। इससे वे अपनी बैंकिंग सर्विसों का इस्तेमाल बेहतर तरीके से कर सकेंगे और गैरजरूरी चार्ज से भी बच पाएंगे।
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