दिल्ली में आग से ठप हुई Google Cloud की सर्विस, UPI और ऐप्स पर मंडराया बड़ा संकट

दिल्ली के एक डेटा सेंटर में आग लगने की वजह से आज गूगल क्लाउड (Google Cloud) की सर्विस ठप हो गई। इस तकनीकी खराबी के कारण भारत के कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और पॉपुलर फिनटेक ऐप्स की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और चेन्नई जैसे बड़े शहरों के यूजर्स ने पेमेंट के दौरान बार-बार 'टाइमआउट' होने की शिकायत की है। डैमेज हुए इंफ्रास्ट्रक्चर नोड्स से ट्रैफिक को दूसरे सर्वर पर शिफ्ट करने की कोशिशों के चलते परफॉर्मेंस काफी धीमी रही।

इस आउटेज का सीधा असर फिनटेक कंपनियों और यूपीआई (UPI) प्रोवाइडर्स पर पड़ा है। शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वाले कई यूजर्स को आज पीक ऑवर्स के दौरान ऑर्डर प्लेस करने में देरी का सामना करना पड़ा। साथ ही, रीजनल कनेक्टिविटी टूटने की वजह से ओटीटी (OTT) स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर भी बफरिंग की शिकायतें बढ़ गईं। आम यूजर्स को मोबाइल रिचार्ज और क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट करने में भी दिक्कतें आईं। फिलहाल, डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर्स स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि सभी एक्टिव सेशन्स को जल्द से जल्द स्टेबल किया जा सके।

Google Cloud Outage in India: Delhi Data Center Fire Disrupts UPI and Fintech Apps Services 2026

गूगल क्लाउड आउटेज से प्रभावित हुए ये बड़े ऐप्स

सर्विस का प्रकारसामने आई दिक्कतेंअसर
फिनटेक और UPIट्रांजेक्शन फेल होनादेशभर में
ओटीटी स्ट्रीमिंगस्लो स्पीड और बफरिंगज्यादा
SaaS प्लेटफॉर्म्सडेटा सिंक होने में देरीसामान्य

गूगल के इंजीनियर्स अब ट्रैफिक को बैकअप जोन्स की तरफ मोड़कर सर्विस बहाल करने में जुटे हैं। जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, यूजर्स वाई-फाई और मोबाइल डेटा के बीच स्विच करके देख सकते हैं। इसके अलावा, पेमेंट के लिए दूसरे ऐप्स का इस्तेमाल करना या वीडियो क्वालिटी कम रखना भी नेटवर्क कंजेशन से बचने का एक तरीका हो सकता है। बड़े डेटाबेस को अलग-अलग रीजनल हब में सिंक होने में थोड़ा वक्त लगता है। आमतौर पर ऐसी तकनीकी दिक्कतें शुरू होने के 6 से 12 घंटों के भीतर सुलझ जाती हैं।

गूगल आउटेज के बाद भारतीय ऐप्स का क्या है हाल?

यह घटना बिजनेस जगत के लिए एक बड़ा सबक है कि उन्हें सिर्फ एक क्लाउड सर्विस पर निर्भर रहने के बजाय 'मल्टी-क्लाउड स्ट्रैटेजी' अपनानी चाहिए। जैसे-जैसे स्थिति सुधर रही है, प्रमुख सर्विस प्रोवाइडर्स अपने ग्राहकों को इसकी औपचारिक जानकारी दे सकते हैं। फिलहाल, भारतीय यूजर्स उम्मीद कर सकते हैं कि आज शाम तक ऐप्स की रिस्पॉन्सिवनेस में सुधार हो जाएगा। इस पूरे मामले ने यह साफ कर दिया है कि आज के डिजिटल दौर में ग्राहकों के पास पेमेंट के एक से ज्यादा विकल्प होना कितना जरूरी है।

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