EPFO Amnesty Scheme: एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) ने छह महीने की 'एमनेस्टी स्कीम, 2026' शुरू की है। यह स्कीम उन खास संस्थानों को एक बार का मौका देती है जो छूट प्राप्त प्रोविडेंट फंड (PF) ट्रस्ट चला रहे हैं, ताकि वे एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) कानून के तहत अपनी स्थिति को रेगुलर कर सकें।

यह स्कीम उन एम्प्लॉयर्स के लिए है जो इनकम टैक्स एक्ट के तहत मान्यता प्राप्त PF ट्रस्ट तो चला रहे हैं, लेकिन उनके पास एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड एंड मिसलेनियस प्रोविजन्स एक्ट, 1952 के तहत छूट का कोई औपचारिक नोटिफिकेशन नहीं है। 29 जून को जारी नोटिफिकेशन की तारीख से छह महीने तक आवेदन जमा किए जा सकते हैं।
EPFO ने यह स्कीम क्यों शुरू की है?
श्रम और रोजगार मंत्रालय के अनुसार, फाइनेंस एक्ट, 2026 ने मान्यता प्राप्त प्रोविडेंट फंड से जुड़े इनकम टैक्स के नियमों को EPF कानून के अनुरूप बना दिया है। आगे चलकर, इनकम टैक्स एक्ट के तहत मान्यता केवल उन्हीं प्रोविडेंट फंड को मिलेगी जिन्हें EPF एक्ट की धारा 17 के तहत छूट मिली हुई है। यह एमनेस्टी स्कीम योग्य संस्थानों को अपने छूट प्राप्त PF ट्रस्ट को पिछली तारीख से रेगुलर कराने का मौका देती है।
कौन-से संस्थान इसके लिए पात्र हैं?
यह योजना उन संस्थानों पर लागू होती है जो इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त प्रोविडेंट फंड ट्रस्ट चला रहे हैं, लेकिन जिनके पास केंद्र या राज्य सरकार से छूट का औपचारिक नोटिफिकेशन नहीं है।
योजना क्या राहत देती है?
योजना पात्र प्रतिष्ठानों को कई रियायतें तेजी है। इनमें ट्रस्ट की स्थापना से लेकर अधिसूचित कट-ऑफ तिथि तक छूट की स्थिति का पूर्वव्यापी नियमितीकरण (Retrospective regularization) शामिल है। यह सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत कुछ शर्तों को भी माफ करता है, जिसमें न्यूनतम कर्मचारी शक्ति, कॉर्पस आकार की आवश्यकताएं और तीन साल की पूर्व अनुपालन शर्त शामिल है।
इसके अलावा, ईपीएफओ ने कहा कि भविष्य निधि बकाया, क्षति और ब्याज से संबंधित लंबित कार्यवाही वापस ले ली जाएगी और समाप्त मानी जाएगी, बशर्ते कर्मचारियों को वैधानिक दरों या उससे अधिक पर योगदान और ब्याज मिले। योजना के अंतर्गत शामिल पिछले अंतिम आदेशों को शुरू से ही अमान्य माना जाएगा।


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