8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के तहत सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में दिलचस्पी पैदा कर दी है। कुछ हलकों में उम्मीद है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर पेमेंट में 60% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। यह अनुमानित बढ़ोतरी सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करती कि फिटमेंट फैक्टर कितना बढ़ाया जा सकता है। बल्कि, यह बढ़ोतरी कई कारणों और एक उदाहरण के तौर पर की गई गणना का नतीजा है, जिसमें ज्यादा बेसिक पे के साथ-साथ हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) और महंगाई भत्ते (DA) में बदलाव को भी शामिल किया गया है।

कितनी बढ़ सकती है सैलरी?
उदाहरण के लिए, कई कर्मचारी संगठनों और यूनियनों, जैसे कि ऑल इंडिया नेशनल पब्लिक सेक्टर एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF), ने X-श्रेणी के शहर में लेवल 1 के कर्मचारी की सैलरी को लगभग 37,080 रुपये से बढ़ाकर 61,344 रुपये करने का प्रस्ताव दिया है। इसका मतलब है कि कुल मिलाकर लगभग 63-65% की बढ़ोतरी होगी। ये आंकड़े यूनियनों की राय पर आधारित सुझाव हैं। ये सरकार या 8वें वेतन आयोग का अंतिम फैसला नहीं हैं।
शहरों के आधार पर बढ़ेगी सैलरी?
HRA तय करने के लिए, केंद्र सरकार ने शहरों को X, Y और Z कैटेगरी में बांटा है। इस बंटवारे में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद और पुणे जैसे बड़े मेट्रो शहर शामिल हैं। इन शहरों में रहने का खर्च ज्यादा होने के कारण, यहां सबसे ज्यादा HRA मिलता है। दूसरी ओर, Y कैटेगरी के शहरों में दूसरे बड़े शहरी केंद्र आते हैं, जबकि बाकी शहर और कस्बे Z कैटेगरी में आते हैं। अभी, X, Y और Z शहरों में तैनात कर्मचारियों को बेसिक पे का क्रमशः 30%, 20% और 10% HRA दिया जाता है। AINPSEF ने 8वें वेतन आयोग के तहत इन दरों को बढ़ाकर क्रमशः 36%, 24% और 12% करने का प्रस्ताव दिया है।


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