त्यौहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखी जा रही है। आय दिन सोने की कीमतों में इजाफा देखने को मिल रहा है।
नई दिल्ली: त्यौहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखी जा रही है। आय दिन सोने की कीमतों में इजाफा देखने को मिल रहा है। ऐसे में सोने में निवेश करने वाले निवेशकों को पिछले एक साल में सोना ने मालामाल कर दिया है। एक साल में सोना ने 25 फीसद से भी अधिक का रिटर्न निवेशकों को दिया है। भारतीय संस्कृति के अनुसार, सोने को निवेश का सबसे सुरक्षित जरिया माना जाता रहा है। पहले के जमाने में सिर्फ सोने के आभूषण और गोल्ड बार ही निवेश के लिए उपलब्ध होते थे। अब गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंडों के अलावा आप अपने मोबाइल के जरिए भी घर बैठे 24 कैरट सोने की खरीदारी कर सकते हैं। आपको इस बात से रूबरू कराना चाहेंगे कि सोना कहां से खरीदें और सोना खरीदने वक्त किन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। गोल्ड ज्वैलरी की हॉलमार्किंग दिवाली से पहले हो सकती है अनिवार्य ये भी पढ़ें
यहां से खरीद सकते है सोना
बदलते जमाने के हिसाब से अब सोना खरीदने का ट्रेंड भी बदल गया है। हां एक समय में सोना खरीदने का पारंपरिक माध्यम आभूषण, सिक्के और गोल्ड बार रहा है। बता दें कि अब इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भी आप शुद्ध सोने की खरीदारी घर बैठे कर सकते हैं। जब जहां चाहें उसकी डिलिवरी भी पा सकते हैं। अगर आप बिना शुद्ध सोना खरीदे उसकी कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का लाभ उठाना चाहते हैं तो गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड आदि के जरिए भी निवेश कर सकते हैं।
डिजिटल गोल्ड काफी सरल तरीका सोना खरीदने का
सोना खरीदने के लिए घर से बाहर निकलने की भी जरूरत नहीं है। सोने के सिक्के और बार ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं। पेटीएम, फोनपे, गूगल पे, मोबिक्विक जैसे मोबाइल वॉलेट पर 'डिजिटल गोल्ड' आसानी से मिल रहा है। जानकारी दें कि यह डिजिटल गोल्ड 99.9 फीसद शुद्ध होता है। गूगल पे, पेटीएम जैसे मोबाइल वॉलेट ने गोल्ड बेचने के लिए MMTC-PAMP से साझेदारी की हुई है। पेटीएम पर आप एक रुपये का गोल्ड भी खरीद सकते हैं। इतना ही नहीं आप चाहें तो मोबाइल वॉलेट से खरीदे गए सोने को बेच दें या अपने घर पर मंगवा लें।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के जरिये खरीदें सोना
सस्ता सोना खरीदने का मौका देती है सरकार। जी हां समय-समय पर सरकार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जारी करती है। जानकारों का कहना है कि सोने में निवेश करने का यह बेहतरीन जरिया है अगर आप पांच साल तक का नजरिया रखते हैं। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर सालाना 2.5 फीसद का गारंटीड रिटर्न मिलता है, इसके अलावा कीमत बढ़ने का फायदा तो है ही। अगर आप पांच साल से पहले सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से निकलना चाहते हैं तो इसके लिए आपको स्टॉक एक्सचेंज का सहारा लेना होगा जहां इसकी ट्रेडिंग की जाती है।
गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेट फंड
बता दें कि गोल्ड ईटीएफ म्युचुअल फंडों का एक प्रकार है जिसकी ट्रेडिंग स्टॉक एक्सचेंजों पर की जाती है। परंतु ध्यान रहे कि इसे खरीदने के लिए आपके पास डीमैट अकाउंट का होना जरूरी है। वहीं लिक्विडिटी के लिहाज से गोल्ड ईटीएफ सबसे अच्छा है। इसे आप जब चाहें स्टॉक एक्सचेंज पर बेच सकते हैं। ईटीएफ के मूल्य में उतार-चढ़ाव सोने की कीमतों पर निर्भर होता है। गोल्ड ईटीएफ में एकमुश्त या एसआईपी (सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए नियमित अंतराल पर पैसों का निवेश कर सकते हैं।
गोल्ड क्वाइन स्कीम
जानकारी दें कि सरकार ने अशोक चक्र और महात्मा गांधी की तस्वीर वाले सिक्के जारी किए हैं। ये सिक्के 5 और 10 ग्राम में उपलब्ध हैं। इन सिक्कों को रजिस्टर्ड एमएमटीसी आउटलेट, बैंकों और पोस्ट ऑफिस के जरिए खरीदा जा सकता है। इसके अलावा इन्हें गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और ई-कॉमर्स वेबसाइट के माध्यम से भी खरीदा जा सकता है।
जानें कैसे करें सोने की शुद्धता की पहचान
सोने की शुद्धता को मापने के लिए आजकल सर्राफा बाजार में कैरेटोमीटर उपलब्ध है। कुछ ही मिनटों में यह बता देता है कि आपको सोना कितने कैरेट का है। हालांकि, इसके लिए आपको कुछ पैसों का भुगतान करना होता है। आमतौर पर आभूषणों के लिए 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें 91.66 फीसद सोना होता है।
हॉलमार्किंग पर विषेश तौर पर दें ध्यान
हॉलमार्क पर पांच अंक होते हैं। सभी कैरेट का हॉलमार्क अलग होता है। ये अंक ही सोने की शुद्धता तय करते हैं। उदाहरण के तौर पर 22 कैरेट पर 916, 21 कैरेट पर 875 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है। इससे शुद्धता में कोई शक नहीं रहता। हॉलमार्किंग योजना भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम के तहत संचालित एवं नियमित होती है। हॉलमार्किंग से सोना-चांदी की शुद्धता प्रमाणित होती है। हालांकि, कई ज्वैलर्स बिना जांच प्रकिया के ही हॉलमार्क लगा देते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि हॉलमार्क ओरिजनल है या नहीं? असली हॉलमार्क पर भारतीय मानक ब्यूरो का तिकोना निशान बना होता है।
इस तरह तय होती है गोल्ड की कीमत
बता दें कि आभूषण में अंकित नंबर को देखकर आसानी से समझ सकते हैं कि आपका आभूषण कितने कैरेट सोने का बना हुआ है। इसी के हिसाब से आपके आभूषण की कीमत भी तय होती है। उदाहरण के लिए अगर 24 कैरेट सोने का दाम 40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम है तो बाजार में इसकी बनी ज्वैलरी की कीमत मेकिंग चार्ज को हटाकर (40000/24)X22=36,666.66 रुपये होगी। ऐसे में कई बार ऐसा होता है जब ग्राहक की लापरवाही का फायदा उठाकर ज्वेलर आपको 22 कैरेट सोना 24 कैरेट के दाम पर बेच देता है। इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है।
More From GoodReturns

ITR डेडलाइन: रिफंड अटकने से बचाना है तो अभी चेक करें AIS और TIS, वरना होगी परेशानी

Redington Share Price: शानदार नतीजों के दम पर 10% उछला शेयर, खरीदारी का सही समय?

Nifty 25,000 की ओर या आएगा Correction? Banking, NBFC और IT Sector पर Expert की बड़ी राय

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?



Click it and Unblock the Notifications