नई दिल्ली। देश की कोई भी चाय पहली बार किसी बागान से 50,000 रुपये किलो में बिकी। यह नीलामी असम के डिब्रूगढ़ जिले के एक चाय बागान की विशेष चाय की हुई है। इस नीलामी में देश भर के चाय उत्पादक हिस्सा लेते हैं। इस चाय बागान का नाम है मनोहारी चाय बागान, जिसकी चाय की गुणवत्ता के चलते इसके रेट हर साल नया रिकॉर्ड बनाते हैं।

काफी खास होती है यह गोल्ड टी
आमतौर पर चाय की पत्ती जब ऊबाली जाती है तो पानी का रंग काला हो जाता है। लेकिन गोल्ड टी को उबालने पर काला रंग नहीं होता है। इस चाय को ऊबालने पर चमकीला पीला रंग नजर आता है। इसकी वजह है कि यह चाय पत्तियों से नहीं बल्कि कोपलों से निकाली जाती है। बाद में इसे एक खास तरीके से तैयार किया जााता है। इस चाय की हर कली को सुबह 4 से 6 बजे के बीच ही तोड़ा जाता है, इसी के चलते इसमें खास महक और स्वाद आता है।
देश के चाय बागान के गर्व का पल
गुवाहाटी टी ऑक्शन बायर्स एसोसिएशन के सचिव दिनेश बियानी ने इसे देश के चाय उद्योग के लिए गर्व का पल बताया है। गुवाहाटी टी ऑक्शन सेंटर के अनुसार मनोहारी गोल्ड टी की राष्ट्रीय स्तर पर हुई नीलामी में सबसे ऊंची बोली का रिकॉर्ड बना है। उनके अनुसार दुनिया भर के किसी भी नीलाम घर में किसी भी चाय को इतना रेट नहीं मिला है।
जानें पिछले साल कितने में बिकी थी यह चाय
मनोहारी चाय बागान की चाय हर साल रेट के मामले मे रिकॉर्ड बनाती है। इस चाय बगान का गुणवत्ता काफी अच्छाी होती है, जिसकी दुनियाभर में मांग रहती है। मनोहारी चाय बागान डिब्रूगढ़ जिले में ब्रह्मपुत्र के किनारे बसा है। पिछले साल यहां 1 किलो चाय 39,001 रुपये में बिकी थी। इसके एक माह बाद ही गोल्डन नीडल वैरायटी ने इस रिकॉर्ड को तोड़ दिया था। यह चाय 40 हजार रुपये किलो में बिकी थी। यह चाय अरुणाचल प्रदेश के दोन्यी पोलो चाय बागान की थी।
बस 5 किलो तैयार हुई है यह चाय
मनोहारी टी एस्टेट ने जानकारी दी है कि इस किस्म की चाय केवल पांच किलो ही तैयार की गई है। इसे तैयार करना एक बेहद कठिन काम है। मौसम ने भी इस बार साथ नहीं दिया। इस पर इसका उत्पादन पिछले 5 साल से काम हो रहा है। दुनिया में असम, दार्जिलिंग और नीलगिरी की चाय की सबसे ज्यादा रहती है।
यह भी पढ़ें : एलआईसी जीवन शांति : पूरी उम्र पेंशन देने का वादा


Click it and Unblock the Notifications