नई दिल्ली। इनीशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) के जरिए सरकार भारतीय रेल वित्त निगम (आईआरएफसी) में 10 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर 1,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इसके लिए सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया सितंबर तक पूरी की जाएगी। सूत्रों ने बताया, "हम आईपीओ के लिए आईआरएफसी को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया सितंबर तक पूरी करने जा रहे हैं, जिसके जरिए 10 फीसदी की बिक्री करके 1,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है।"

मर्चेंट बैंकर तय करने के बाद सेबी के पास जाएगी कंपनी
भारतीय रेल की वित्तीय शाखा आईआरएफसी रेलवे के विस्तार व परिचालन के लिए पूंजी बाजार से वित्तीय संसाधन व अन्य ऋण जुटाती है। सूत्रों ने बताया, "आईआरएफसी मर्चेट बैंकर की नियुक्ति के बाद मसौदा विवरण पत्रिका के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से संपर्क करेगी।"
राइट्स के आईपीओ को मिल चुकी है कामयाबी
निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) आईपीओ के लिए रेलवे की सहयोगी कंपनी को सूचीबद्ध करने को लेकर आशावान है क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम होने के कारण सुरक्षित निवेश को लेकर निवेशकों की इसमें दिलचस्पी देखी गई है। रेलवे की एक और शाखा राइट्स को भी पिछले महीने अपनी आईपीओ में कामयाबी मिली है, जब इसके ग्राहकों में 67 गुना इजाफा हुआ। डीआईपीएएम ने वित्तवर्ष के पहले आईपीओ के जरिए रेल विकास निगम से 466 करोड़ रुपये की रकम जुटाई। चालू वित्तवर्ष में 1.05 लाख करोड़ रुपये विनिवेश का लक्ष्य हासिल करने के मद्देनजर इस साल आईपीओ के लिए 10 पीएसयू कतार में हैं।
आईपीओ में निवेश कर मिलता है कमाई का मौका
कंपनियां जब आईपीओ लाती हैं तो निवेशकों के पास इसमें कमाई का मौका रहता है। लेकिन आईपीओ में निवेश के लिए लोगों के पास डीमैट अकाउंट होना चाहिए। कंपनी निवेशकों को डीमैट में शेयर एलाट करती है, जिसे निवेशक चाहे तो पहले ही दिन बेच दे, या कितने भी समय तक रख सकता है।
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