पिछले कुछ वर्षों में भारत सरकार ने देशवासियों को लिए कई सरकारी योजनाओं की शुरुआत की हैं। इन योजनाओं ने न केवल भारतीय नागरिकों को अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार करने में मदद की है बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी योगदान दिया है। यहां पर आपको भारत सरकार 7 ऐसी योजनाओं के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके चलते आपको आर्थिक स्थिति सुधारने में सहायता मिलेगी।
प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY)
पीएमजेडीवाई वित्तीय सहायता के लिए एक राष्ट्रीय मिशन है, विशेषकर वित्तीय सेवाओं जैसे कि बचत और जमा खातों, प्रेषण, क्रेडिट, बीमा, पेंशन आदि को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने के लिए। इस योजना को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा लॉन्च किया गया था। तब से अब तक 28.63 करोड़ रुपये लोगों ने बैंकों में धनराशि जमा की है।
तो वहीं सरकार के मुताबिक अब तक खाते में 64,364.91 करोड़ रुपये की राशि जमा है एवं उप सेवा क्षेत्रों में 1.26 लाख बैंक मित्र शाखा रहित बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। लगभग 25 करोड़ जनधन खाते में से 5.8 करोड़ खातों में जीरो बैलेंस है।
प्रधानमंत्री जनधन योजना का लाभ
जिन्होंने 26 जनवरी से पहले पहले जनधन खाता खोला होगा उसे 1 लाख एक्सीडेंटल इंश्योरेंस कवर और 30,000 लाइफ इंश्योरेंस कवर प्रदान किया जाता है।
- मनी डिपॉजिट पर 4 प्रतिशत ब्याज दर हर साल
- मिनिमम बैलेंस की कोई झंझट नहीं
- किसी भी अकाउंट से पैसे भेजे जा सकते हैं
- आप सीधे अपने बैंक खाते में इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं क्या है क्या है प्रधानमंत्री जनधन योजना, कैसे खोलें जनधन योजना का खाता?
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)
नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के अंतर्गत सुकन्या समृद्धि योजना शुरूआत की थी। इस योजना का उद्देश्य एक लड़की की शिक्षा से लेकर उसकी शादी तक के खर्चों को पूरा करना है।
एक खाता 1000 रुपए की शुरुआती जमा राशि से खोला जा सकता है। एक वित्तीय वर्ष में इस खाते में न्यूनतम 1000 रुपए और अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपए जमा किया जा सकेंगे। बेटी के 14 साल की उम्र पूरी होने तक खाते में पैसा जमा कर सकते हैं। 14 वर्ष की आयु के बाद खाते में पैसा नहीं जमा कर सकते हैं।
यदि खाते में एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम राशि जमा नहीं की गई तो न्यूनतम जमा राशि (1000 रुपए) और 50 रुपए प्रतिवर्ष के जुर्माने के साथ खाते को नियमित किया जाएगा। बालिका के 10 वर्ष तक की आयु होने तक माता-पिता खाते को संचालित कर सकते हैं इसके बाद बेटी खुद खाता संचालित कर सकती है। सुकन्या समृद्धि योजना से जुड़ी 14 बातें आपको जरूर पता होनी चाहिए
राजीव गांधी जीवनदयी आरोग्य योजना
2012 में एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया, यह योजना महाराष्ट्र में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए एक सार्वभौमिक स्वास्थ्य योजना है। महाराष्ट्र सरकार- अंत्योदय कार्ड, अन्नपूर्णा कार्ड, पीले राशन कार्ड या नारंगी राशन कार्ड द्वारा जारी किए गए चार कार्डों में से कोई भी इस के लिए पात्र है।
राजीव गांधी जीवनदयी आरोग्य योजना का लाभ
- यह 488 सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा देखभाल के लिए मुफ्त देखभाल की सुविधा देती है।
- 971 प्रकार की बीमारियों में सर्जरी और थैरिपी की सुविधा
- हर परिवार साल भर में 1.5 लाख रुपए तक के फ्री ट्रीटमेंट की सुविधा
ये हुए हैं बदलाव
17 जनवरी 2016 से परिवार को हर साल 7.13 लाभ मिलेगा
सर्जरी और थैरिपी के लिए 7.27 लाख की सुविधा
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना
बजट 2015 के दौरान वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा घोषित, पीएमजेजेबीवाई की विशिष्टता यह है कि यह एक नवीकरणीय बीमा योजना है, जो कि मृत्यु पर 2 लाख रुपये का जीवन बीमा कवरेज प्रदान करता है। यह दो अन्य योजनाएं- प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना इसके साथ शुरू की गई।
8 मई, 2017 तक लगभग 3.11 करोड़ लोगों ने इस योजना के लिए आवेदन किया है और लगभग 65,083 दावे किए गए हैं। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से जुड़ी 7 महत्वपूर्ण बातें
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना
यह योजना 2008 में शुरू की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) श्रेणी से संबंधित लोगों को स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान करना है। यह असंगठित क्षेत्रों, जैसे कि निर्माण के लिए बीमा कवरेज प्रदान करता है, जो कि कल्याण बोर्ड, सड़क विक्रेताओं, लाइसेंस प्राप्त पोर्टर्स (रेलवे, मनरेगा श्रमिक, मेरा श्रमिक, ऑटो या टैक्सी चालक आदि) के तहत पंजीकृत हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ
- 5 सदस्यों वाले परिवार के लिए फ्लोट के आधार पर 30,000 तक का कवरेज
- हॉस्पिटल के विजिट पर 100 रुपए पर विजिट के आधार पर परिवहन शुल्क प्रदान करता है।
- प्रीमियम हर साल 30 रुपए प्रदान किया जाता है, बीपीएफल परिवार को RSBY स्मार्ट कार्ड प्रदान करता है जो कि 30,000 रुपए तक खर्च को हर साल क्लेम कर सकता है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
माइक्रो यूनिट डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी लिमिटेड (मुड़्रा) की एक नई पहल है जो गैर-कार्पोरेट, गैर-प्रपत्र क्षेत्र, सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए बनाई गई है जिनकी क्रेडिट आवश्यकताएं 10 लाख रुपये से नीचे हैं। 2016 की केंद्रीय बजट के दौरान वित्त मंत्री ने यह योजना घोषित की थी। इस योजना के अंतर्गत इस तरह से लोन मिल सकता है-
शिशु- 50,000 रुपए
किशोर - 5,00,000 रुपए
तरूण - 10,00,000 रुपए
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