2 जून 2026 तक भारत में स्पैम कॉल्स के खिलाफ जंग अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। साल 2026 की शुरुआत से ही 1600-सीरीज वाले वेरिफाइड कॉल्स को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। इसके साथ ही, बैंकों की अगुवाई में 'डिजिटल कंसेंट एक्विजिशन' (DCA) का पायलट प्रोजेक्ट भी तेजी से विस्तार कर रहा है। इन कदमों का मकसद उन फर्जी कॉल्स और परेशान करने वाले प्रमोशनल कॉल्स पर लगाम लगाना है, जो लोगों का भरोसा तोड़ते हैं। आइए समझते हैं कि आपके फोन पर अब क्या बदलने वाला है और आपको क्या करना चाहिए।
1600 सीरीज का गणित बहुत सीधा है: अब बैंकों, बीमा कंपनियों, पेंशन फंड और सरकारी दफ्तरों से आने वाले जरूरी सर्विस या ट्रांजैक्शन कॉल्स 1600 से ही शुरू होने चाहिए। प्रमोशनल कॉल्स के लिए इस सीरीज का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। इसकी समयसीमा जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है, जिसमें बीमा कंपनियों के लिए 15 फरवरी 2026 की डेडलाइन तय की गई थी। जैसे-जैसे टेलीकॉम कंपनियां वेरिफाइड नंबर जारी करेंगी, 2026 के दौरान इसका चलन और बढ़ेगा। अगर किसी 'बैंक' का कॉल 1600 से शुरू नहीं होता, तो उसे संदिग्ध मानें, खासकर तब जब वे आपसे जल्दबाजी में कोई कदम उठाने को कहें।

1600 वेरिफाइड कॉल्स: असली कॉल की पहचान कैसे करें और क्या हैं नए नियम
फोन आने पर सबसे पहले शुरुआती चार अंकों पर गौर करें; असली सर्विस कॉल हमेशा 1600 से शुरू होंगे। कॉलर-आईडी पर दिखने वाले नाम फर्जी हो सकते हैं, लेकिन 1600 सीरीज सिर्फ कड़े वेरिफिकेशन के बाद ही अलॉट की जाती है। अगर बिना 1600 वाला कोई 'बैंक' कॉल आए, तो तुरंत फोन काट दें और उसकी रिपोर्ट करें। आप DND ऐप, 1909 पर डायल करके या 'संचार साथी' पोर्टल पर 'चक्षु' (Chakshu) के जरिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आपकी ये रिपोर्ट टेलीकॉम कंपनियों को जालसाजों के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद करती है।
बैंक डिजिटल कंसेंट: कैसे काम करता है यह सिस्टम और कौन से बैंक हैं शामिल
इस डिजिटल कंसेंट पायलट प्रोजेक्ट के तहत, चुनिंदा ग्राहकों को शॉर्ट कोड 127000 से एक SMS भेजा जाता है। इसमें दिए गए लिंक के जरिए आप एक टेलीकॉम पोर्टल पर पहुंचेंगे, जहां आप अपनी पुरानी प्रमोशनल सहमतियों (consents) को देख सकते हैं, उन्हें जारी रख सकते हैं या फिर रद्द कर सकते हैं। फिलहाल इसमें 11 बैंक शामिल हैं: SBI, PNB, HDFC बैंक, ICICI बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडसइंड बैंक, केनरा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र। 2026 में इस लिस्ट में और भी नाम जुड़ेंगे।
QR कोड, OTP ट्रैप और WhatsApp स्कैम: इन खतरों से अभी भी रहें सावधान
पैसे 'पाने' के लिए कभी भी QR कोड स्कैन न करें और न ही अपना UPI पिन डालें; ऐसा करना हमेशा आपके खाते से पैसे कटने की अनुमति देता है। बैंक कभी भी फोन पर आपसे OTP नहीं मांगेंगे। याद रखें कि 1600 सीरीज सिर्फ रेगुलर वॉयस कॉल्स के लिए है, WhatsApp या अन्य इंटरनेट कॉल्स के लिए नहीं। अगर WhatsApp पर कोई संदिग्ध कॉल आए, तो उसकी भी 'चक्षु' पर शिकायत करें। इसके अलावा, अगर आपके फोन का सिग्नल अचानक गायब हो जाए, तो तुरंत अपने ऑपरेटर से संपर्क करें ताकि सिम-स्वैप (SIM-swap) फ्रॉड से बचा जा सके।


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