भारत सरकार ने जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही के लिए जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) की ब्याज दर को 7.1% पर बरकरार रखा है। इसका सीधा मतलब यह है कि सरकारी कर्मचारियों की जुलाई की सैलरी से होने वाली कटौती और ब्याज के अनुमान में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा। वहीं, पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) पर भी ब्याज दर 7.1% ही बनी हुई है, जबकि कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25% की दर से ब्याज दे रहा है। ब्याज दरों का यह अंतर आपके लॉन्ग-टर्म फंड की बचत पर बड़ा असर डालता है।
GPF पर ब्याज की गणना हर महीने के रनिंग बैलेंस पर की जाती है, जिसे साल के अंत में खाते में क्रेडिट किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें: अगर 31 जुलाई को आपका क्लोजिंग बैलेंस ₹10,00,000 है, तो 7.1% सालाना की दर से जुलाई महीने का ब्याज करीब ₹5,917 बनेगा, जो साल के आखिर में खाते में जुड़ेगा। नए डिपॉजिट पर ब्याज उसी महीने से मिलना शुरू होता है जिसमें पैसा जमा किया गया हो। इस गणित को समझकर आप अपने एडवांस और वॉलंटरी टॉप-अप को बेहतर तरीके से प्लान कर सकते हैं।

GPF बनाम EPF बनाम PPF: ब्याज दरें, टैक्स और लिक्विडिटी का पूरा गणित
पुराने टैक्स रिजीम के तहत GPF, EPF और PPF में निवेश पर सेक्शन 80C के तहत टैक्स छूट का फायदा मिलता है, लेकिन नए रिजीम (Section 115BAC) में यह सुविधा लगभग खत्म कर दी गई है। ब्याज पर लगने वाले टैक्स के नियम भी अलग-अलग हैं: EPF में अगर कर्मचारी का योगदान ₹2.5 लाख से ज्यादा है, तो मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आता है। वहीं, GPF जैसे फंड में (जहां एम्प्लॉयर का योगदान नहीं होता) यह लिमिट ₹5 लाख है। PPF अभी भी 'EEE' कैटेगरी में है, यानी निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी तीनों पूरी तरह टैक्स-फ्री हैं।
| स्कीम | मौजूदा दर | 5 साल में ₹1 लाख | 10 साल में ₹1 लाख | 15 साल में ₹1 लाख |
|---|---|---|---|---|
| GPF | 7.1% | ₹1,40,912 | ₹1,98,561 | ₹2,79,796 |
| EPF | 8.25% | ₹1,48,641 | ₹2,20,942 | ₹3,28,412 |
| PPF | 7.1% | ₹1,40,912 | ₹1,98,561 | ₹2,79,796 |
| बड़े बैंक की FD | 6.4% | ₹1,36,367 | ₹1,85,959 | ₹2,53,586 |
ऊपर दिए गए आंकड़े सालाना कंपाउंडिंग और मौजूदा ब्याज दरों पर आधारित हैं। FD की दर एक बड़े प्राइवेट बैंक की 5 साल की फिक्स्ड डिपॉजिट दर के आधार पर ली गई है। टैक्स और निवेश की अवधि के हिसाब से असल रिटर्न अलग हो सकता है।
GPF ब्याज: जुलाई की सैलरी चेकलिस्ट और जरूरी बातें
जुलाई महीने की सैलरी के लिए कर्मचारियों को अपनी GPF कटौती की दर कन्फर्म कर लेनी चाहिए। अगर आप वॉलंटरी योगदान बढ़ाना चाहते हैं, तो बिल फ्रीज होने से पहले इसे अपडेट कर लें और अपने एडवांस की भी समीक्षा करें। ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर्स (DDO) को सलाह दी जाती है कि वे सही GPF शेड्यूल अटैच करें और 7.1% की दर के हिसाब से ही कैलकुलेशन करें। साथ ही, ई-नॉमिनेशन (e-nomination) की प्रक्रिया भी पूरी कर लें। EPF मेंबर्स भी अपनी पासबुक चेक करते रहें क्योंकि 8.25% की दर से ब्याज क्रेडिट होना शुरू हो गया है।
अपना बैलेंस चेक करने या क्लेम फाइल करने के लिए आप संबंधित राज्य के अकाउंटेंट जनरल (AG) पोर्टल या नेशनल गवर्नमेंट सर्विसेज डायरेक्टरी का इस्तेमाल कर सकते हैं। नियमों के मुताबिक, फाइनल विड्रॉल पर भुगतान की तारीख तक ब्याज मिलता है। नॉमिनेशन को अपडेट रखने से परिवार को भविष्य में किसी भी देरी या परेशानी से बचाया जा सकता है। 7.1% की स्थिर ब्याज दर आपको बिना किसी अनिश्चितता के अपने कैश फ्लो को बेहतर ढंग से प्लान करने में मदद करती है।
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