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नई दिल्ली: यस बैंक के ग्राहकों के लिए एक और राहत की खबर है। ये बात सच है के यस बैंक पर आए संकट का सबसे ज्यादा असर बैंक के खाताधारकों को हो रहा है। डूबने की कगार पर पहुंच चुके यस बैंक ने खाताधारकों को कैश की किल्लत का सामना कर ना पड़ रहा है। वहीं आरबीआई भी धीरे-धीरे उन्हें राहत दे रही है। पहले ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की सुविधा दी और अब यस बैंक के खाताधारकों को रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) की सुविधा मिलनी शुरू हो गई है। बता दें कि यस बैंक के ग्राहक अब अपने क्रेडिट कार्ड और कर्ज की किस्तों के बकाए का दो लाख रुपये से अधिक का भी भुगतान दूसरे बैंक से ऑनलाइन कर सकते हैं। इस बात की जानकारी बुधवार को यस बैंक ने ट्वीट के जरिये दी। यस बैंक खाताधारकों ने 6 महीने में निकाल लिए थे 18,000 करोड़ रुपए ये भी पढ़ें
एनईएफटी के जरिये 2 लाख रुप तक के भुगतान की ही सुविधा
जानकारी दें कि यस बैंक ने एक ही दिन पहले क्रेडिट कार्ड या कर्ज के बकाये के भुगतान के लिये अन्य बैंक के खातों से आईएमपीएस और एनईएफटी की सुविधा पुन: शुरू की थी। अब बैंक ने इस तरह के भुगतान के लिये रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) सेवाएं भी शुरू कर दी है। आरटीजीएस के जरिये 2 लाख रुपये से अधिक के भुगतान किये जा सकते हैं। एनईएफटी के जरिये 2 लाख रुपये तक के भुगतान की ही सुविधा है। मालूम हो कि बता दें कि बैंक ने एक ट्वीट में कहा, यस बैंक के बकायों के भुगतान के लिये आरटीजीएस सेवाएं शुरू कर दी गयी हैं। अब आप किसी अन्य बैंक के खाते से यस बैंक के क्रेडिट कार्ड अथवा कर्ज की बकाया किस्तों का भुगतान कर सकते हैं।
बैंक के खाते से ऑनलाइन भुगतान पर अभी भी रोक
मालूम हो कि रिजर्व बैंक ने कुप्रबंधन के मद्देनजर यस बैंक का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया है। इसके बाद 5 मार्च से 3 अप्रैल की अवधि तक के लिये यस बैंक के उपभोक्ताओं के ऊपर अधिकतम 50 हजार रुपये निकालने की सीमा लगा दी गयी है। रिजर्व बैंक द्वारा नियंत्रण लिये जाने के बाद यस बैंक की ऑनलाइन लेन-देन की सेवाओं पर अस्थायी रोक लग गयी थी। यस बैंक के खाते से ऑनलाइन भुगतान पर अभी भी रोक जारी है।
16 मार्च तक बढ़ी राणा कपूर की हिरासत
दूसरी ओर इस बात की भी जानकारी दें कि मुंबई की एक विशेष अदालत ने यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर की हिरासत की अवधि बुधवार को 16 मार्च तक के लिये बढ़ा दी। प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉड्रिंग के आरोप में कपूर को हिरासत में लिया है। कपूर की हिरासत अवधि 11 मार्च तक की थी। वहीं समयसीमा समाप्त होने के मद्देनजर ईडी ने कपूर को न्यायमूर्ति पी.पी. राजवैद्य की विशेष अदालत में पेश किया। मनी लौंड्रिंग रोकथाम अधिनियम संबंधी मामलों की सुनवाई करने वाली इस विशेष अदालत को ईडी ने सुनवाई के दौरान बताया कि कपूर ने अपने कार्यकाल में विभिन्न निकायों को 30 हजार करोड़ रुपये के कर्ज आवंटित किये। ईडी ने कहा, इनमें से 20 हजार करोड़ रुपये के कर्ज एनपीए बन गये। हमें इसकी गहराई से जांच करनी है कि इन पैसों का किस तरह हेर-फेर हु। ईडी ने अदालत से हिरासत अवधि बढ़ाने की मांग की। वहीं अदालत ने ईडी की मांग पर हिरासत अवधि को 16 मार्च तक के लिये बढ़ा दिया।
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