यस बैंक के खाताधारकों ने पिछले साल अप्रैल से सितंबर के बीच 18,000 करोड़ रुपए अपने अकाउंट से निकाले।
नई दिल्ली: यस बैंक के खाताधारकों ने पिछले साल अप्रैल से सितंबर के बीच 18,000 करोड़ रुपए अपने अकाउंट से निकाले। आप इस बात से भी पूरी तरह अवगत होंगे कि आरबीआई ने नकदी की कमी से जूझ रहे यस बैंक से पैसा निकालने की अधिकतम सीमा 50 हजार रुपए निर्धारित कर दी है। बैंक के ग्राहक एक महीने में 50 हजार से ज्यादा नहीं निकाल सकेंगे। वहीं, बैंक की सालाना रिपोर्ट और रेटिंग एजेंसियों के मुताबिक, 30 सितंबर, 2019 में बैंक में 2,09497 करोड़ रु जमा किए गए जो 31 मार्च, 2019 तक 2,27610 करोड़ रु थी। Yes Bank : आती है सैलरी या जाती है किस्त, तो जानें क्या करें ये भी पढ़ें
खाताधारकों की जमा राशि में आई गिरावट
मालूम हो कि खाताधारकों द्वारा बैंक में राशि जमा करने में भी 8.64 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है। जानकारी दें कि 2019-20 की इस अवधि के दौरान अन्य बैंकों में जमा राशि में 9.2 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई। जबकि यस बैंक में सितंबर 2019 के बाद और अधिक निकासी देखी गई। आधिकारिक तौर पर आंकड़े जारी करना अभी बाकी है क्योंकि दिसंबर तिमाही के फिगर बैंक की समस्याओं के कारण आने में समय लग रहा है। वहीं मिली जानकारी के मुताबिक सितंबर 2019 के बाद से जमा राशि में 10-20 प्रतिशत की कमी आई है।
20 जमाकर्ताओं की जमा राशि 24,673 करोड़ रुपए
वहीं माना जाता है कि गुजरात के एक इंडस्ट्रियल ग्रुप ने आईबीआई की दखल से एक महीने पहले ही बैंक अपना पैसा निकाल लिया था। वहीं मामले में तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने बीते शुक्रवार को बताया कि पिछले साल अक्टूबर में बैंक में 1,300 करोड़ रुपए जमा किए थे। इसी तरह वड़ोदरा नगर निगम (वीएमसी) द्वारा नियंत्रित, वडोदरा स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कंपनी ने पिछले सप्ताह आरबीआई द्वारा निकासी कैप लगाने से एक दिन पहले ही बैंक में जमा 265 करोड़ रुपए निकाल लिए थे। आरबीआई द्वारा बैंक से निकासी पर अंकुश लगाने के बाद कई कंपनियों के फंड बैंक में फंसे हुए हैं। यस बैंक की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च, 2019 तक, टॉप 20 जमाकर्ताओं की जमा राशि 24,673 करोड़ रुपए हैं, जो कुल जमा का 10.84 फीसदी बैठता है।
जमा राशि में रिकॉर्ड 44 फीसदी तक की बढ़ोतरी
खास बात है कि बैंक ने सितंबर 2017 से मार्च 2019 में जमा राशि में रिकॉर्ड 44 फीसदी तक की बढ़ोतरी की थी, जो 1,57,989 करोड़ रुपए बैठता है। ये ऐसा समय था जब बैंक अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे और आरबीआई ने परिसंपत्ति की गुणवत्ता की समीक्षा शुरू की। रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर 2018 में बैंक का जमा राशि 222,837.9 करोड़ रुपए था। जानकारी दें कि इसके पहले, यस बैंक के फाउंडर और पूर्व प्रबंध निदेशक राणा कपूर को मनी-लॉन्ड्रिंग के आरोप में रविवार को प्रवर्तन निदेशालय ने मुंबई की एक अदालत में पेश किया था। वहीं सीबीआई ने भी राणा कपूर के खिलाफ केस दर्ज किया है। उनके खिलाफ क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी का मामला दर्ज किया गया है। सीबीआई अधिकारी इस मामले में दस्तावेज इकट्ठा कर रहे हैं। ईडी ने राणा कपूर और उनके परिवार के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था।
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