Mutual Fund Asset Base: आ रहे आंकड़ों के अनुसार इस साल 2023 में म्युचुअल फंड उद्योग का एयूएम जबरदस्त तरीके से बढ़ा है। इस साल नवंबर महीने के अंत तक आई रिपोर्ट के मुताबिक म्युचुअल फंड इंडस्ट्री ने जबरदस्त बढ़त बनाई है और 49 लाख करोड़ रुपए के साथ रिकॉर्ड हाई स्तर पर पहुंच गया है। आपको बताते चलें कि एक्सपर्ट्स के अनुसार यह ग्रोथ बेहतर शेयर मार्केट, समान ब्याज दर और मजबूत फाइनेंशियल एक्सपेंशन की वजह से हासिल की जा सकी है। आपको बताते चलें कि इस साल म्युचुअल फंड में टोटल इन्वेस्टमेंट 3.15 लाख करोड़ रुपए के आसपास पहुंच गया है। पिछले तीन साल में इस इंडस्ट्री ने सामूहिक रूप से अपने एयूएम में 18 लाख करोड़ रुपए जोड़े।
रिपोर्ट से साफ जाहिर होता है कि म्यूचुअल फंड्स इंडस्ट्री ने पिछले साल की खराब परफॉर्मेंस के बाद इस साल जबरदस्त वापसी की है। मिल रही जानकारी के मुताबिक इसके एसेट बेस में करीब 9 लाख करोड रुपए की बढ़त देखने को मिली है। आपको बताते चलें कि एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इंडस्ट्री द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक इस बार म्यूचुअल फंड में टोटल इन्वेस्टमेंट 3.15 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है। वहीं अगर बात की जाए इन्वेस्टर्स की संख्या की तो म्युचुअल फंड इंडस्ट्री में इस साल 2 करोड़ से भी ज्यादा इन्वेस्टर्स जुड़े हैं।

सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान से मिला है फायदा
एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इंडस्ट्री का कहना है कि म्युचुअल फंड में यह जबरदस्त इन्वेस्टमेंट सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी की बढ़ती लोकप्रियता के कारण देखने को मिला है। एक रिपोर्ट के मुताबिक एसआईपी के जरिए म्यूचुअल फंड में 1.66 लाख रुपए का इनवेस्टमेंट किया गया है। आकड़ों के अनुसार इस साल इनप्लो ने म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के एसेट मैनेजमेंट को 23 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है।
आपको बताते चलें साल 2022 के दौरान एसेट अंडर मैनेजमेंट में 7 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली थी। अगर पैसों की बात की जाए तो यह अमाउंट 2.65 लाख करोड़ रुपए था। अगर आप बात करते हैं साल 2021 की तो यह 22 प्रतिशत तक यानी 7 लाख करोड़ रुपए के आसपास रहा था। मिली हुई जानकारी के अनुसार दिसंबर 2022 तक म्युचुअल फंड इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट 40 लाख करोड रुपए था। जो कि अब बढ़कर 49 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। अगले साल 2024 के पहले हफ्ते में दिसंबर के म्युचुअल फंड के एसेट अंडर मैनेजमेंट के आंकड़े आ जाएंगे, जिससे इस बार पूरे साल का कलेक्शन पता चल जाएगा।
आपको बताते चले कि दिसंबर 2021 के अंत में एसेट बेस 37.72 लाख करोड रुपए और साल 2020 के दिसंबर महीने में यह 31 लाख करोड रुपए था। इसका मतलब है कि बढ़ रहे म्युचुअल फंड और सिप इन्वेस्टमेंट की वजह से इस साल आने वाले टोटल आंकड़े पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा बेहतर हो सकते हैं। अभी तक जो बढ़त 9 लाख करोड़ रुपए की है, वह अगले कुछ दिन में बदल सकती है। जनवरी के महीने में दिसंबर का म्युचुअल फंड एसेट बेस कलेक्शन सामने आने के बाद इसमें बढ़ोतरी तय है।
यह भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश के 500 पेंशनरों को मिलेगी बढ़ी हुई पेंशन
More From GoodReturns

IPO रिफंड का पैसा खाली न छोड़ें: 2-4 दिनों के लिए निवेश के ये विकल्प हैं बेस्ट

Shiprocket IPO: निवेश से पहले जानें UPI-ASBA की डेडलाइन और रिस्क, क्या FD से बेहतर है रिटर्न?

EMI और क्रेडिट कार्ड बिल: सोमवार को बैंक अकाउंट में रखें बैलेंस, वरना कटेगा भारी जुर्माना

Airtel का बड़ा झटका: अचानक बंद हुए कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान, रिचार्ज से पहले जानें ये जरूरी बात

जियो नेटफ्लिक्स बिलिंग में अचानक बदलाव! कहीं आपका प्लान तो नहीं हुआ डाउनग्रेड? चेक करें तुरंत

₹399 से कम में अनलिमिटेड 5G और OTT का तड़का, Jio, Airtel और Vi के बेस्ट प्लान्स की पूरी सच्चाई

PMFBY खरीफ 2026: आज है रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन, बैंक बंद होने पर भी ऐसे करें आवेदन

स्वतंत्रता दिवस सेल: खत्म होने में 48 घंटे, HDFC-SBI कार्ड पर 10% छूट पाने का सही तरीका

शेयर बाजार का नया नियम: 3:15 बजे के बाद कैसे करें ट्रेड? CAS सेशन में मुनाफे का सही तरीका

Airtel के पॉपुलर प्लान्स अचानक लिस्ट से गायब, रिचार्ज से पहले चेक करें ये जरूरी अपडेट

TRAI का नया फरमान: अब रिचार्ज प्लान्स में नहीं छिपेगी कोई जानकारी, Jio-Airtel को देना होगा पूरा ब्यौरा



Click it and Unblock the Notifications