नयी दिल्ली। महंगाई के मोर्चे पर जनता के लिए एक के बाद एक बुरी खबर आ रही है। पहले प्याज के दाम ऊपर चढ़े और अब आलू के दाम दोगुने हो गये हैं। टेलीकॉम कंपनियाँ मोबाइल प्रीपेड प्लान महंगे कर चुकी हैं। वही दूध कंपनियों ने दूध महंगा कर दिया है। इतना ही नहीं खुदरा महंगाई के बाद अब थोक महंगाई भी बढ़ गयी है। सब्जियों के दाम काफी ऊपर पहुँच गये हैं। हालाँकि जैसे-जैसे नयी खरीफ फसल मंडियों में पहुँच रही है वैसे-वैसे ही सब्जियों और अनाज के दामों में नरमी आ रही है। मगर फिर भी इस समय सब्जियों के दाम पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 50 फीसदी अधिक हैं। पिछले सर्दियों के मौसम की तुलना में आलू, टमाटर, फूलगोभी, पालक और अन्य हरी सब्जियां लगभग 50 फीसदी अधिक रेट पर बिक रही हैं। लेकिन आखिर सब्जियों के दाम बढ़ने की असल वजह क्या है?
ये है असल वजह
सब्जियों के दाम बढ़ने का असली कारण है आपूर्ति में कमी। मगर आपूर्ति में कमी के कई कारण हैं। सबसे पहले तो देश भर में मानसून की देरी के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई। वहीं बारिश की वजह से शुरुआती फसलें नष्ट हो गयी। टमाटर के दाम कुछ कम हुए हैं, मगर पिछले साल के मुकाबले कम आपूर्ति की वजह से यह अभी भी बहुत ज्यादा हैं। इनमें सबसे अधिक बढ़ोतरी प्याज की कीमतों में देखी गयी। आँकड़ों के मुताबिक मार्च में 15.87 रुपये प्रति किलो के मुकाबले दिसंबर तक प्याज के दाम 81.90 रुपये हो गये। जबकि खुदरा बाजार में यह 200 रुपये तक चढ़े।
बारिश ने बिगाड़ा खेल
मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और अन्य जगहों पर अक्टूबर में हुई बारिश ने प्याज, टमाटर और अन्य सब्जियों, साथ ही तिलहन और दलहन फसलों को प्रभावित किया है, जिससे चौतरफा कीमतों में इजाफा हुआ। अक्टूबर की बारिश ने खाद्य तेल और दालों की कीमतों में भी वृद्धि कर दी। हाल ही में संसद में उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार मार्च के बाद प्याज की कीमतों में ही 400 फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई। यहां तक कि गेहूं और चावल की कीमतों में भी लगभग 10 फीसदी की वृद्धि हुई।
सब्जियों ने बढ़ायी खुदरा महंगाई
सब्जियों की कीमतों में बढ़ोतरी का असर यह हुआ कि नवंबर में खुदरा महंगाई ही बढ़ गयी। आंकड़ों के अनुसार इस साल चावल, गेहूं, आटा, दाल, खाद्य तेल, चाय, चीनी, गुड़, सब्जियों और दूध की कीमतों में तेजी देखी गई है। नतीजा यह हुआ कि अक्टूबर में 4.62 फीसदी के मुकाबले नवंबर में थोक महंगाई दर 5.54 फीसदी पर पहुँच गयी। जबकि नवंबर 2018 में खुदरा महंगाई दर 2.33 फीसदी रही थी।
यह भी पढ़ें - प्याज के बाद रुलाने लगा आलू, 100 फीसदी से ज्यादा बढ़े दाम
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