नई दिल्ली। थोक महंगाई को कम करने की सरकारी कोशिशों ने रंग दिखाना शुरू कर दिया है। फरवरी में इस मोर्चे पर सरकार को राहत मिली है। फरवरी में थोक महंगाई दर जनवरी के 3.1 फीसदी से घटकर 2.26 फीसदी पर आ गई है। महीने दर महीने के आधार पर फरवरी में थोक खाद्य महंगाई दर जनवरी के 10.12 फीसदी से घटकर 7.31 फीसदी रही है। वहीं प्राइमरी ऑर्टिकल्स की थोक महंगाई दर जनवरी के 10.01 फीसदी के मुकाबले 6.71 फीसदी रही है। महंगाई घटने के बाद अब आरबीआई ब्याज दरों में कटौती कर सकता है।

मैन्यूफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की बढ़ी महंगाई
महीने दर महीने आधार पर फरवरी में मैन्यूफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की थोक महंगाई दर जनवरी के 0.34 फीसदी से बढ़कर 0.42 फीसदी रही है। वहीं इसी अवधि में फ्यूल एंड पॉवर की महंगाई दर 0.34 फीसदी के मुकाबले 3.38 फीसदी पर पहुंच गई है। हालांकि नॉन फूड सामानों की थोक महंगाई में कमी आई है। जनवरी में होलसेल नॉन फूड महंगाई की दर जनवरी के 7.05 फीसदी से घटकर 6.82 फीसदी रही है।
सब्जियां सस्ती हुईं
फरवरी में सब्जियों की थोक महंगाई कुछ घटी है। फरवरी में सब्जियों की महंगाई दर जनवरी के 52.72 फीसदी से घटकर 29.97 रही है। वहीं फरवरी में अंड़े, मीट और मछलियों की थोक महंगाई की दर जनवरी के 6.73 फीसदी से बढ़कर 6.88 फीसदी, दालों की महंगाई की दर 12.81 फीसदी से घटकर 11.42 फीसदी, टमाटर की थोक महंगाई की दर 87.84 फीसदी से घटकर 60.73 फीसदी और प्याज की थोक महंगाई की दर 293.37 फीसदी से घटकर 162.30 फीसदी पर आ गई है।
जानकारों का अनुमान
जानकारों का अनुमान है कि थोक महंगाई की दर में कमी का असर खुदरा महंगाई के आंकड़ों पर भी पड़ेगा। उम्मीद है कि खुदरा महंगाई के आंकड़े भी कमी के साथ आएंगे। अगर यही ट्रेड बना रहा तो आरबीआई को रेपो रेट घटाने में आसानी होगी।
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