नयी दिल्ली। कई ऑटो कंपनियों ने अपने नवंबर महीने के सेल्स आँकड़े पेश कर दिये हैं। सबसे पहले बात करते हैं देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी की, जिसने शनिवार को अपनी शुरुआत के 37 सालों के भीतर 2 करोड़ पैसेंजर व्हीकल बेचने का आँकड़ा पार करने की घोषणा की थी। नवंबर 2018 के मुकाबले नवंबर 2019 में मारुति सुजुकी की घरेलू वाहन बिक्री में 1.46 लाख यूनिट्स से 3.2% गिर कर 1.41 लाख यूनिट्स रह गयी। वहीं मारुति का एक्सपोर्ट 7,521 यूनिट्स से 7.7% की गिरावट के साथ 6,944 यूनिट्स रह गयी। अगर मूल उपकरण निर्माताओं को बिक्री सहित देखें तो मारुति की घरेलू बिक्री में 1.6% की गिरावट आयी है। इस लिहाज से साल दर साल आधार पर नवंबर में मारुति की कुल बिक्री 153,539 यूनिट्स से 1.9% गिर कर 150,630 यूनिट्स रह गयी। इनमें मारुति की पैसेंजर कार बिक्री 0.5% और घरेलू मार्केट में पैसेंजर व्हीकल बिक्री 3.3% लुढ़क गयी। साथ ही मारुति की यूटिलिटी व्हीकल सेल्स 23,512 यूनिट्स के मुकाबले 1.3% की गिरावट के साथ 23,204 यूनिट्स रही।

कैसा रहा टाटा और महिंद्रा का हाल
नवंबर में गाड़ियों की सेल्स के मामले में टाटा मोटर्स और महिंद्रा और महिंद्रा का हाल भी बुरा रहा। घरेलू बाजार में टाटा मोटर्स की कुल गाड़ियों की सेल्स 50,470 इकाई के मुकाबले 25% गिर कर 38,057 इकाई रह गयी। वहीं इनमें टाटा मोटर्स की कमर्शियल गाड़ियों की सेल्स देखें तो यह 33,488 इकाई से 17% घट कर 27,657 इकाई और कमर्शियल व्हीकल एक्सपोर्ट 4,469 यूनिट्स से 34% लुढ़क कर 2,931 यूनिट्स रह गया। उधर महिंद्रा की कुल नवंबर वाहन बिक्री 9% घट गयी। इनमें कंपनी की घरेलू बिक्री 7% और निर्यात 26% गिर गया। इसके अलावा महिंद्रा की ट्रैक्टर बिक्री में भी कमी देखने को मिली। नवंबर में महिंद्रा ऐंड महिंद्रा की कुल ट्रैक्टर बिक्री 19% घट गयी।
हुंडई और फॉक्सवैगन इंडिया ने दिखाया दम
एक तरफ जहाँ मारुति, टाटा और महिंद्रा बिक्री के मामले में फिसड्डी रहीं, वहीं नवंबर में हुंडई और फॉक्सवैगन इंडिया ने गाड़ियों की बिक्री के मामले में रफ्तार पकड़ी। हुंडई की नवंबर बिक्री में 7.2% का इजाफा हुआ। कंपनी ने नवंबर 2018 में 56,411 गाड़ियों की तुलना में नवंबर 2019 में 60,500 गाड़ियाँ बेचीं। इनमें कंपनी की घरेलू बिक्री 2% और निर्यात 25.2% बढ़ा। वहीं फॉक्सवैगन की गाड़ियों की बिक्री में 17% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। कंपनी ने नवंबर में 2,937 गाड़ियाँ बेचीं।
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