Momentum Stocks: क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि कुछ शेयर बाजार के ट्रेंड से उलट चलते हैं? जब शेयर बाजार गिर रहा हो या तेजी से ऊपर जा रहा हो, तब भी ये स्टॉक या तो मजबूती से टिके रहते हैं या फिर ऊपर चढ़ते रहते हैं। जहां ज्यादातर स्टॉक बिकवाली के दबाव में गिर जाते हैं, वहीं कुछ चुनिंदा स्टॉक लगातार ऊपर की ओर बढ़ते रहते हैं। निवेश की दुनिया में, ऐसे मजबूत और बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्टॉक को 'मोमेंटम स्टॉक' कहा जाता है।

मोमेंटम स्टॉक क्या है?
Investopedia.com के अनुसार, जो स्टॉक मोमेंटम (तेजी) के साथ आगे बढ़ते हैं, उन्हें मोमेंटम स्टॉक कहा जाता है। मोमेंटम स्टॉक मजबूत कमाई में बढ़ोतरी, बेहतर होते फंडामेंटल, अच्छी खबरें, संस्थागत निवेशकों की खरीदारी जैसे कारणों से अपने पिछले ट्रेंड की दिशा में ही आगे बढ़ते रहते हैं। INVasset PMS के बिनेस हेड हर्षल दसानी ने समझाया, "आसान शब्दों में कहें तो ये ऐसे स्टॉक्स हैं जो पहले से ही अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और लगातार निवेश आकर्षित कर रहे हैं, क्योंकि निवेशकों को उम्मीद है कि यह ट्रेंड बना रहेगा।"
"ऊपर जाने वाला हर स्टॉक 'मोमेंटम स्टॉक' नहीं होता। मोमेंटम स्टॉक किसी चीज़ पर प्रतिक्रिया देता है - जैसे पॉलिसी में बदलाव, सेक्टर रोटेशन या कोई मैक्रो ट्रिगर," बडजाते स्टॉक एंड शेयर्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर तुषार बडजाते ने समझाया। उन्होंने उन बातों की ओर इशारा किया जो "असली मोमेंटम प्ले" को "बिना वजह तेज़ी दिखाने वाले स्टॉक" से अलग करती हैं।
मोमेंटम स्टॉक की पहचान कैसे करें?
मोमेंटम स्टॉक को परिभाषित करना तो आसान है, लेकिन उसकी पहचान करने के लिए स्टॉक के मोमेंटम के पीछे के कारणों को बारीकी से समझना जरूरी है। व्यापक बाजार की तुलना में मजबूत रिलेटिव स्ट्रेंथ, बढ़ता ट्रेडिंग वॉल्यूम, अर्निंग्स अपग्रेड, बेहतर रेश्यो और लगातार इंस्टीट्यूशनल भागीदारी मोमेंटम स्टॉक की पहचान करने के कुछ अहम संकेत हैं।
बडजाते ने कहा, "वॉल्यूम से शुरुआत करें। बिना वॉल्यूम के ब्रेकआउट सिर्फ़ एक अफ़वाह है। वॉल्यूम के साथ, यह एक मजबूत संकेत है। जिन ब्रेकआउट में 20-दिन के औसत वॉल्यूम का 1.5 से 2 गुना वॉल्यूम होता है, उनमें आगे भी तेज़ी बने रहने की संभावना काफ़ी ज़्यादा होती है। 2023 और 2024 में डिफेंस सेक्टर में आई तेज़ी इसका एक अच्छा उदाहरण है। रिकॉर्ड बजट, असल ऑर्डर बुक, इंस्टीट्यूशनल खरीदारी-कीमत और फंडामेंटल एक ही बात कहते हैं।"
बडजाते के अनुसार, अगला कदम कीमतों के स्तर पर बारीकी से नज़र रखना है। क्या कीमत अपने अब तक के सबसे ऊँचे स्तर (लाइफ हाई) को पार करके वहाँ बनी हुई है? क्या गिरावट के समय यह पिछले दिन के निचले स्तर (लो) को बनाए रखती है? क्या यह बार-बार किसी ऊपरी स्तर (सीलिंग) से नीचे आ रही है? उनका कहना है कि ये सिर्फ़ टेक्निकल शब्द नहीं हैं; ये "बाज़ार का आपको यह बताना है कि कहां भरोसा है और कहां नहीं।"
मोमेंटम स्टॉक ट्रेडिंग में हाई रिस्क के चांस
मोमेंटम स्टॉक ट्रेडिंग में बहुत ज्यादा जोखिम होता है। यह जोखिम अचानक ट्रेंड बदलने, बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव और अचानक मार्केट करेक्शन की वजह से होता है, जिससे ऐसे शेयरों से हुई आपकी कमाई खत्म हो सकती है। हर्षल दसानी बताते हैं, "सबसे बड़ा जोखिम यह है कि जब उम्मीदें बहुत ज़्यादा बढ़ जाती हैं, तो मोमेंटम तेज़ी से पलट सकता है। अक्सर वैल्यूएशन बहुत ज्यादा हो जाते हैं, जिससे निराशा की गुंजाइश कम रह जाती है। कमज़ोर कमाई के आंकड़े, धीमी होती ग्रोथ या मार्केट के मूड में बदलाव से तेज़ी से प्रॉफिट बुकिंग शुरू हो सकती है।"
[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]


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