दिवाली से पहले बदलेगा GST ढांचा, सस्ते होंगे रोजमर्रा के सामान से लेकर गाड़ियां और इलेक्ट्रॉनिक सामान?

GST Reforms 2025: भारत सरकार दिवाली से पहले जीएसटी (Goods and Services Tax) में बड़े सुधार करने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दिशा में संकेत दिए हैं। माना जा रहा है कि इन बदलावों से भारतीय अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी और अमेरिका द्वारा बढ़ाए गए टैरिफ के असर को भी संतुलित किया जा सकेगा।

Upcoming Gst Reforms Slab

चार की जगह दो स्लैब

अभी तक जीएसटी में 5%, 12%, 18% और 28% के चार प्रमुख स्लैब हैं। लेकिन प्रस्तावित सुधार के बाद केवल दो स्लैब ही रह जाएंगे। यानी 12% और 28% वाले स्लैब खत्म होकर 5% और 18% में समा जाएंगे। इस कदम से रोज़मर्रा के सामान, गाड़ियां और कई सेवाओं की कीमतें घटने की संभावना है।

जरूरी सामान होंगे सस्ते

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, 28% स्लैब में आने वाले लगभग 90% सामान को 18% स्लैब में डाल दिया जाएगा। वहीं 12% स्लैब में शामिल ज्यादातर प्रोडक्ट्स 5% में आ जाएंगे। इसका सीधा असर दवाइयों, प्रोसेस्ड फूड, डेयरी प्रोडक्ट्स, कपड़ों, होटल सर्विसों और कुछ निर्माण सामग्री पर पड़ेगा। मतलब अब ये चीजें पहले से सस्ती हो सकती हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स और इंश्योरेंस सेक्टर को राहत

18% और 28% स्लैब को मिलाने से इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को भी बड़ी राहत मिलेगी। एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और सीमेंट जैसे सामानों पर टैक्स कम होगा। वहीं इंश्योरेंस सेक्टर में भी लोगों को कम प्रीमियम का फायदा मिल सकता है।

ऑटो सेक्टर में आएगी रौनक

छोटी कारें और टू-व्हीलर्स खरीदना भी आसान हो सकता है। 1200 सीसी तक की कारें और 500 सीसी तक की बाइक अब 28% की बजाय 18% स्लैब में आ सकती हैं। इससे मारुति सुजुकी और हीरो मोटोकॉर्प जैसी कंपनियों की बिक्री में बढ़ोतरी की संभावना है।

लग्जरी और तंबाकू पर ज्यादा टैक्स जारी

सरकार ने एक नया 40% का टैक्स स्लैब केवल "सिन गुड्स" यानी महंगी कारें, लग्जरी आइटम और तंबाकू प्रोडक्ट्स के लिए रखा है। यानी इन उत्पादों पर टैक्स पहले जैसा ही भारी रहेगा।

सोना, हीरे और पेट्रोल पर असर नहीं

भारत के लिए महत्वपूर्ण निर्यात जैसे हीरे और रत्नों पर फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। वहीं पेट्रोल और डीजल को अभी भी जीएसटी के दायरे से बाहर रखा जाएगा।

2017 से जारी है GST

भारत में जीएसटी पहली बार 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया था। तब पांच टैक्स स्लैब बनाए गए थे। इनमें से 18% का स्लैब सरकार की आय का सबसे बड़ा स्रोत है और कुल जीएसटी कलेक्शन का लगभग 65% हिस्सा इसी से आता है।

दिवाली पर मिलेगी राहत

अगर ये बदलाव तय समय पर लागू हो जाते हैं तो दिवाली से पहले आम लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। खाने-पीने से लेकर घर बनाने की सामग्री और वाहन तक कई चीजों की कीमतें घटेंगी। कारोबारियों को भी टैक्स ढांचे की जटिलता से छुटकारा मिलेगा और बिजनेस करना आसान होगा।

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