नयी दिल्ली। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी या सीएमआईई द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2020 में भारत में बेरोजगारी दर घट कर 7.16 फीसदी रह गयी, जो दिसंबर 2019 में दर्ज 7.6 फीसदी रही थी। हालांकि शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी में तेज वृद्धि दर्ज की गयी। शहरी क्षेत्रों में दिसंबर 2019 में 9 फीसदी के मुकाबले जनवरी 2020 में बेरोजगारी दर 9.7 फीसदी हो गयी। अगस्त 2019 में शहरी बेरोजगारी दर 9.71 फीसदी रही थी। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 6.93 फीसदी से घट कर 5.97 फीसदी रह गयी है। बेरोजगारी दर में मासिक परिवर्तन में बढ़ोतरी हुई है। साथ ही ग्रामीण और शहरी बेरोजगारी दर के बीच अंतर में भी वृद्धि हुई है।

कितनी है मासिक बेरोजगारी दर
बिजनेस स्टैंडर्ड के एक कॉलम में विस्तार से बताते हुए महेश व्यास, प्रबंध निदेशक और सीईओ, सीएमआईई ने बताया कि जनवरी 2020 में समाप्त 12 महीनों की औसत मासिक बेरोजगारी लगभग 7.4 फीसदी पर है जो काफी अधिक है, मगर इसमें उतनी बढ़ोतरी रुक गयी है, जिसकी 2017 के मध्य में हो रही थी। हाल के महीनों में मासिक बेरोजगारी दर 7.5 फीसदी से कम पर स्थिर हो गई है। उन्होंने कहा कि हम श्रम बाजारों में आने वाले लोगों की संख्या के अनुरूप शहरी भारत में पर्याप्त नौकरियां पैदा नहीं कर पा रहे हैं।
कुल मिला कर घटी है बेरोजगारी दर
कुल मिला कर बेरोजगारी दर में गिरावट आयी है। जनवरी में यह 7.16 फीसदी रही, जो अक्टूबर 2019 में 8 फीसदी के करीब थी। व्यास के अनुसार भारत में बेरोजगारी की दर 3-3.5% से काफी अधिक है, क्योंकि हमारी बेरोजगारी दर अतीत में इतनी ही हुआ करती थी। व्यास कहते हैं कि आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2017-18 में इसने 6% को पार कर लिया। फिर अब हम कह रहे हैं कि यह 7% को पार कर गया है और 7.5% के आसपास स्थिर हो गया है, यह बहुत अच्छी संख्या नहीं है। यह वास्तव में काफी अधिक है।
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