नयी दिल्ली। भारतीय सेवा क्षेत्र ने 2020 में मजबूती के साथ शुरुआत की है। नए ऑर्डर और उत्पादन में तेजी के सहारे जनवरी में भारत की सर्विसेज एक्टिविटी 7 सालों के शिखर पर पहुँच गयी। इस बात का खुलासा एक प्राइवेट सर्वे में हुआ है। आईएचएस मार्किट इंडिया सर्विसेज बिज़नेस एक्टिविटी इंडेक्स जनवरी में 55.5 पर पहुंच गया, जो दिसंबर में 53.3 रहा था। जनवरी में यह सात सालों में आउटपुट में सबसे मजबूत बढ़ोतरी का संकेत है। सर्वे में सामने आया है कि सर्विस गतिविधियों में हुई बढ़ोतरी काफी हद तक अनुकूल बाजार स्थितियों और बेहतर मांग से हुई है। बता दें कि भारत की सर्विस इंडस्ट्री देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण इंडस्ट्री है। इस क्षेत्र की गतिविधियों में तेजी का अर्थ अर्थव्यवस्था के लिए अच्छे संकेतों में हैं। जनवरी 2020 का सर्विस पीएमआई जनवरी 2013 के बाद सबसे अधिक है।

रोजगार के अवसरों में वृद्धि की उम्मीद
गौरतलब है कि कारोबारी आमदनी बढ़ने से सर्विस देने वाले आगे अपनी बिक्री में अच्छी बढ़त हासिल करने के लिए अपनी क्षमता में बढ़ोतरी करने पर ध्यान देंगे। सर्विस पीएमआई में बढ़ोतरी उन लोगों के शानदार खबर है जो नौकरी की तलाश में हैं। नये कारोबारों पर नजर रखने वाला एक सब-इंडेक्स भी पिछले सालों के सबसे ऊँचे स्तर पर पहुँच गया है। दरअसल इससे कंपनियां नयी भर्तियां करने के लिए प्रोत्साहित होंगी, जिसके नतीजे में लोगों को रोजगार मिलेगा। हाल ही में सामने आये एक और सर्वे में पता चला था कि देश की फैक्ट्री एक्टिविटी में भी आठ सालों में सबसे अधिक तेजी रही।
प्राइवेट सेक्टर में आयी तेजी
जनवरी के आंकड़ों से पता चला है कि विनिर्माण और सेवाओं क्षेत्र में व्यापक तेजी के बीच प्राइवेट सेक्टर की गतिविधियों में तेजी आयी है। कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स दिसंबर में 53.7 से बढ़कर सात साल के उच्च स्तर पर जनवरी में 56.3 हो गया। इसके अलावा निक्केई मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स भी दिसंबर में 52.7 से जनवरी में 55.3 पर पहुँच गया। यह फरवरी 2012 के बाद इसका सबसे अधिक स्तर है।
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