नयी दिल्ली। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने नवंबर के खुदरा महंगाई दर के आँकड़े पेश कर दिये हैं। नवंबर में खुदरा महंगाई दर के मामले में आपके लिए बुरी खबर है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय की तरफ से जारी किये गये आँकड़ों के मुताबिक नवंबर में खुदरा महंगाई दर 5.54 फीसदी पर पहुँच गयी, जो पिछले 3 सालों में सबसे अधिक है। अक्टूबर में खुदरा महंगाई दर 4.62 फीसदी रही थी। अगर पिछले साल नवंबर में यह केवल 2.33 फीसदी रही थी। नवंबर में खुदरा महंगाई बढ़ने का मुख्य कारण है खाद्य उत्पादों की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी। खाद्य उत्पादों के दामों में नवंबर में 10.01 फीसदी बढ़े, जबकि अक्टूबर में 7.89 फीसदी की दर से बढ़े थे। वहीं अनाज और उत्पादों में खुदरा महंगाई दर अक्टूबर में 2.16 फीसदी के मुकाबले 3.71 फीसदी बढ़ी। इसके अलावा सब्जियों पर महंगाई दर 26 फीसदी के मुकाबले 36 फीसदी रही। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 5.54 फीसदी खुदरा महंगाई दर आरबीई के 4 फीसदी के लक्ष्य से ज्यादा है।

औद्योगिक उत्पादन दर घटी
महंगाई बढ़ने के साथ ही अक्टूबर में औद्योगिक उत्पादन घटा है। सरकार की तरफ से जारी किये गये आँकड़ों के मुताबिक सितंबर में -4.3 फीसदी के मुकाबले औद्योगिक उत्पादन की ग्रोथ रेट अक्टूबर में -3.8 फीसदी हो गयी। जबकि पिछले साल अक्टूबर में यह 8.3 फीसदी रही थी। बता दें कि औद्योगिक उत्पादन, या फैक्ट्री उत्पादन, देश के व्यापार परिदृश्य की आर्थिक गतिविधि को मापने का काफी करीबी मापदंड है। अक्टूबर में औद्योगिक उत्पादन में तीन-चौथाई भागीदारी वाली विनिर्माण उत्पादन -2.1 फीसदी रहा, जिसकी सितंबर में -3.9 फीसदी दर रही थी।
खनन और उपभोक्ताओं वस्तु सेक्टर में भी गिरावट
अक्टूबर में खनन उत्पादन की ग्रोथ रेट -8 फीसदी रही, जो सितंबर में -8.5 फीसदी रही थी। वहीं उभोक्ता टिकाऊ वस्तु उत्पादन में -9.9 फीसदी के मुकाबले -18 फीसदी, विद्युत उत्पादन में -2.6 फीसदी के मुकाबले -12.2 फीसदी, पूँजीगत वस्तु उत्पादन में -20.7 फीसदी के मुकाबले -21.9 फीसदी और प्राइमरी वस्तु उत्पादन में -5.1 फीसदी के मुकाबले -6.1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी।
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