डिजिटल पेमेंट करने वाले ग्राहकों के लिए बड़ी खबर है। नए साल यानी एक जनवरी से यूपीआई ट्रांजेक्शन महंगा हो जाएगा। देश में नोटबंदी के बाद से यूपीआई ट्रांजेक्शन में बढ़ोतरी देखने को मिली।
नई दिल्ली: डिजिटल पेमेंट करने वाले ग्राहकों के लिए बड़ी खबर है। नए साल यानी एक जनवरी से यूपीआई ट्रांजेक्शन महंगा हो जाएगा अगर आपने भी कहीं ये खबर पढ़ा या सुना है तो बता दें कि यह मात्र एक अफवाह है। इसे सच न मान बैठें। ऐसी कोई खबर सामने नहीं आई है कि 1 जनवरी से यूपीआई के जरिए पेमेंट के लिए एक्सट्रा चार्ज लगने वाले है। तो अगर आप इस चिंता में बैठे है कि ट्रांजेक्शन महंगा होने वाला है तो अब निश्चिंत हो जाए। ट्रांजेक्शन फेल होने पर घबराएं नहीं, बैंक देगा 100 रुपये रोजाना ये भी पढ़ें

ये बात सच है कि देश में नोटबंदी के बाद से यूपीआई ट्रांजेक्शन में बढ़ोतरी देखने को मिली। इसके बाद महामारी के दौरान इसमें और तेजी आई। बड़े महानगरों में डिजिटल पेमेंट को काफी रफ्तार मिली है। अगर कोई थर्ड पार्टी के ऐप्स से इस्तेमाल कर यूपीआई के जरिए ऑनलाइन पेमेंट करता है तो उसको एक्सट्रा चार्ज देना होगा।
पेटीएम पर नहीं लगेगा कोई एक्स्ट्रा चार्ज
ग्राहकों को फोनपे, गूगलपे, एमेजॉन पे जैसे थर्ड पार्टी ऐप्स से पेमेंट करने पर एक्सट्रा चार्ज देना होगा। हालांकि पेटीएम जैसे ऐप पर एनसीपीआई ने कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगाया है। सरकार का कहना है कि हर महीने करीब 200 करोड़ यूपीआई ट्रांजेक्शन हो रहे हैं। सरकार का कहना है कि आने वाले दिनों में देश में यूपीआई ट्रांजैक्शन का ग्राफ और तेजी से बढ़ेगा। यह डिजिटल भारत के लक्ष्य के लिए एक बेहतर संकेत है। लेकिन ऐसे में यूपीआई ट्रांजैक्शन के मामले में किसी एक थर्ड पार्टी ऐप के एकाधिकार की संभावना हो सकती है, जो कि ठीक नहीं है।
जल्द आरटीजीएस 24 घंटे होगी उपलब्ध
अगले कुछ दिनों में अब 24 घंटे आरटीजीएस ट्रांजेक्शन कर पाएंगे। दरअसल भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) सिस्टम को अगले कुछ दिनों में 24 घंटों के लिए उपलब्ध किया जाएगा। रियल टाइम ग्रॉस सेटेलमेंट (आरटीजीएस) सिस्टम का इस्तेमाल बड़ी राशि के ट्रांजैक्शन के लिए होता है। इससे बैंक ग्राहकों को फंड ट्रांसफर करने में आसानी होगी। बता दें कि इससे कारोबारियों को राहत मिलेगी।


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