इस राज्य को नहीं रहा निजी बैंकों पर भरोसा, निकाला पैसा

नयी दिल्ली। यस बैंक का मामला सामने आने के बाद लोगों का विश्वास प्राइवेट बैंकों के ऊपर से डगमगा गया है। और सिर्फ आम लोगों का ही नहीं बल्कि राज्य सरकार तक भी प्राइवेट बैंकों को शक की नजर से देखने लगी हैं। आरबीआई ने राज्य सरकारों को निजी वित्तीय संस्थानों से अपना फंड निकालने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था। मगर इसके एक दिन बाद ही महाराष्ट्र सरकार के वित्त विभाग, जिसका नेतृत्व राज्य के उप-मुख्यमंत्री अजीत पवार के पास है, ने निजी बैंकों में धन जमा नहीं करने के अपने पहले के फैसले को दोहराया। यस बैंक में बड़े पैमाने पर सामने आ रही अनियमितताओं के मद्देनजर राज्य सरकार की कैबिनेट ने पिछले सप्ताह सभी विभागों, निगमों और नागरिक संगठनों को निर्देश दिया कि वे निजी बैंकों में पैसे जमा न करें। उन्हें सरकारी बैंकों में पैसा जमा करने को कहा गया है।

जरूरी नहीं है आरबीआई का फैसला मानना

जरूरी नहीं है आरबीआई का फैसला मानना

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार एक अधिकारी के मुताबिक आरबीआई ने राज्य के मुख्य सचिव को एक एडवाइजरी जारी की है, जो एक सलाह है जिसे मानना अनिवार्य नहीं। अधिकारी के अनुसार हमने आरबीआई की एडवाइजरी देखी है। एक हफ्ते पहले कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसले के मद्देनजर वित्त विभाग ने बुधवार को एक आदेश जारी किया है। विभाग ने सभी विभागों, निगमों और नागरिक निकायों को अपने पैसों को निजी वित्तीय संस्थानों में जमा नहीं करने का निर्देश दिया है। कैबिनेट ने निर्णय लेते हुए आरबीआई की सलाह पर ध्यान न देने का फैसला लिया।

फंड सुरक्षित रहने की कोई गारंटी नहीं

फंड सुरक्षित रहने की कोई गारंटी नहीं

रिपोर्ट में अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि कई राज्य विभागों और संगठनों ने यस बैंक सहित कई प्राइवेट बैंकों में बड़ी मात्रा में पैसा जमा किया था। मगर इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि प्राइवेट बैंकों में पैसा सुरक्षित रहेगा, इसलिए मंत्रिमंडल ने अपना पैसा सरकारी बैंकों में ही रखने का फैसला लिया है। महाराष्ट्र सरकार प्राइवेट बैंकों से पैसा निकाल कर सरकारी बैंकों में ही जमा करवायेगी।

कैसी है यस बैंक की हालत

कैसी है यस बैंक की हालत

यस बैंक ग्राहकों के लिए एक अच्छी खबर आयी है। जल्‍दी ही यस बैंक ग्राहकों के लिए पैसे निकालने की सीमा हटा दी जाएगी। यस बैंक पर 50 हजार रुपये की निकासी तय की गई थी। ग्राहकों के इस निकासी सीमा को 18 मार्च को हटा लिया जाएगा। यस बैंक को दिसंबर, 2019 में समाप्त हुई तिमाही में 18,564 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। यस बैंक ने पिछले साल इसी अवधि में 1,000 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था और सितंबर में समाप्त हुई तिमाही में 629 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

 

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