नयी दिल्ली। कारोबारी कंपनियों को अकसर पैसों की जरूरत पड़ती रहती है। इनमें बड़ी-बड़ी दिग्गज कंपनियां भी शामिल हैं, जो किसी न किसी तरीके पैसे जुटाती हैं। कंपनियां मुख्य रूप से दो तरीके से पैसे जुटाती हैं, इनमें एक है डेब्ट और दूसरा है इक्विटी। इक्विटी में कोई कंपनी अपने शेयर बेचती है, जबकि डेब्ट में कंपनी डिबेंचर, बॉन्ड जारी करती है या बैंक से लोन भी लेती है। इस समय टाटा ग्रुप की एक कंपनी 500 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। टाटा ग्रुप की कार निर्माता कंपनी को 500 करोड़ रुपये की जरूरत पड़ गयी है। टाटा मोटर्स (जिसका पुराना नाम टाटा इंजीनियरिंग एंड लोकोमोटिव कंपनी है) एक भारतीय बहुराष्ट्रीय मोटर वाहन निर्माता कंपनी है, जिसका हेडक्वार्टर मुंबई में है। इसके उत्पादों में यात्री कार, ट्रक, वैन, कोच, बस, स्पोर्ट्स कार, निर्माण उपकरण और सैन्य वाहन शामिल हैं।

कैसे जुटायेगी 500 करोड़ रुपये
टाटा मोटर्स डिबेंचर जारी करके 500 करोड़ रुपये जुटायेगी। कंपनी के बोर्ड द्वारा पैसे जुटाने के लिए बनाई गयी समिति ने आज प्राइवेट प्लेसमेंट आधार पर गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर जारी करने करके ये धनराशि हासिल करने की मंजूरी दे दी। टाटा मोटर्स 10 लाख रुपये प्रति वाले 5000 डिबेंचर जारी करेगी। टाटा मोटर्स की योजना दो बार 500 करोड़ रुपये जुटाने की है। यानी 250-250 करोड़ रुपये दो बार जुटाये जायेंगे। टाटा मोटर्स इन कुछ नियम और शर्तों के आधार पर ये डिबेंचर जारी करेगी।
नहीं बताया कारण
टाटा मोटर्स ने 500 करोड़ रुपये जुटाने का फैसला ले लिया है। मगर अपने आधिकारिक बयान में कंपनी ने कारण नहीं बताया है कि उसे क्यों इतने पैसों की जरूरत है। इससे पहले पिछले महीने 14370 करोड़ रुपये जुटाने का फैसला लिया था। इससे पहले रिलायंस ने पिछले साल 1.85 अरब डॉलर जुटाये थे। मार्च 2019 को रिलायंस पर 1.5 लाख करोड़ रुपये का लोन था।
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