नयी दिल्ली। आज का दिन शेयर बाजार के निवेशकों के लिए एक बुरा सपना रहा। एक ही दिन में निवेशकों की 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी डूब गयी। शेयर घरेलू बाजार में काफी अस्थिरता देखी गई, जो तेजी से फैलते कोरोनावायरस के प्रकोप के चलते वैश्विक बाजार के रुझानों को दर्शाता है। आज सेंसेक्स आज 1941.67 अंकों या 5.17 फीसदी की भारी भरकम गिरावट के साथ 35,634.95 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 538 अंकों या 4.90 फीसदी की गिरावट के साथ 10,451.45 पर बंद हुआ। एक ही दिन में आयी इतनी भारी गिरावट के तीन बड़े कारण हैं। आइये नजर डालते हैं इन तीनों कारणों पर।
कच्चे तेल की कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट
कच्चे तेल की कीमतों में आयी रिकॉर्ड गिरावट शेयर बाजार के लुढ़कने का एक बड़ा कारण है। सऊदी अरब द्वारा कच्चे तेल की कीमतें घटाने से कच्चे तेल की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट आयी है। इससे एचपीसीएल, आईओसी और बीपीसीएल जैसी भारतीय तेल कंपनियों के शेयरों पर गहरा प्रभाव पड़ा। तेल के दाम गिरने से रिलायंस इंडस्ट्रीज और ओएनजीसी सहित देश में बिजली कंपनियों को भी झटका लगा। कच्चे तेल की कीमतों में 1991 में हुए खाड़ी युद्ध के सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गयी है। ऐसा सऊदी अरब की तरफ से रूस के साथ प्राइस वॉर शुरू करने के कारण हुआ है।
शेयर बाजारों को डरा रहा कोरोनावायरस
कच्चे तेल की कीमतों के अलावा तेजी से फैल रहा कोरोनावायरस शेयर बाजार में गिरावट का एक बड़ा कारण है। नये देशों से कोरोनावायरस के मामले सामने आ रहे हैं, जिसके चलते विश्लेषक वैश्विक ग्रोथ के और प्रभावित होने की संभावना से इंकार नहीं कर रहे हैं। कोरोनोवायरस प्रकोप के कारण होने वाली कुल आर्थिक क्षति का अनुमान लगाना कठिन है, मगर वैश्विक परिचालन, पर्यटन और कारोबार को प्रभावित किया है। कोरोना के 1,00,000 से अधिक मामलों की पुष्टि हुई है, जबकि कई हजार लोग इसके चलते जान गंवा चुके हैं।
यस बैंक का मामला भी एक मुख्य वजह
यस बैंक के फ्यूचर को लेकर निवेशकों के बीच घबराहट से बाजार आयी गिरावट में इजाफा हुआ। सरकार और आरबीआई यस बैंक के लिए एक योजना लेकर आए हैं, लेकिन निवेशकों में दहशत बरकरार है और वे भारत के बैंकिंग सेक्टर की वित्तीय स्थिरता को लेकर भी चिंतित हैं। यस बैंक की पुनर्गठन योजना से बॉन्ड और म्यूचुअल फंड बाजार को काफी नुकसान हो सकता है और बैंक के कई बॉन्ड निवेशक अपनी पूरी निवेश राशि खो सकते हैं। ये आज शेयर बाजार में आयी भारी गिरावट के तीन प्रमुख कारण हैं। आज विदेशी निवेशकों ने भी काफी बिकवाली की।
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