नयी दिल्ली। सरकार द्वारा 20 सितंबर को कॉर्पोरेट टैक्स में की गयी कटौती का शेयर बाजार पर काफी सकारात्मक असर पड़ा। सरकार का यह कदम मैनुफैक्चरिंग बढ़ाने और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए था, जिसके पीछे मुख्य उद्देश्य अर्थव्यवस्था में तेजी लाना था सरकार के इस कदम को घरेलू निवेशकों के साथ-साथ विदेशी निवेशकों ने भी खूब सराहा। वहीं कुछ और भी कारक ऐसे रहे, जिनका भारतीय शेयर बाजार पर अच्छा असर पड़ा और निवेशकों ने जम कर खरीदारी की। इनमें विदेशी निवेश, अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध में नरमी, ब्रेक्जिट डील, कच्चे तेल की स्थिर कीमते और सरकार की तरफ से ग्रोथ को सहारा देने के लिए और कदम उठाये जाने की उम्मीद शामिल है। 20 सितंबर के बाद में काफी जोरदार तेजी देखी गयी, जिससे बीएसई सेंसेक्स 15 फीसदी और निफ्टी 14 फीसदी ऊपर चढ़ चुका है। इस दौरान कई शेयरों में जबरदस्त उछाल आयी और निवेशकों को मालामाल बना दिया।

51 से 197 फीसदी रिटर्न
20 सितंबर से 24 दिसंबर तक करीब तीन महीनों की अवधि में जिन शेयरों ने शानदार दिया उनमें अदाणी ग्रीन एनर्जी अव्वल रही। अदाणी ग्रीन एनर्जी का शेयर 196.71 फीसदी चढ़ा। इस शेयर के निवशकों का पैसा केवल तीन महीने में लगभग तिगुना हो गया। वहीं शिपिंग कॉर्पोरेशन 85.44 फीसदी, अवंती फीड्स 67.77 फीसदी, एस्सेल प्रोपैक 65.66 फीसदी, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज 63.69 फीसदी, जिंदल स्टील 59.49 फीसदी, कॉर्पोरेशन बैंक 52.76 फीसदी और अदाणी ट्रांसमिशन 51.37 फीसदी तक ऊपर चढ़ा।
इन शेयरों ने भी दिया शानदार रिटर्न
इसी अवधि में कई शेयरों ने करीब 40 फीसदी से 48.5 फीसदी तक का रिटर्न दिया। इनमें रिलायंस निप्पॉन लाइफ एसेट मैनेजमेंट (48.45 फीसदी), डीएलएफ (47.18 फीसदी), अदाणी एंटरप्राइजेज (46.63 फीसदी), ट्यूब इन्वेस्टमेंट ऑफ इंडिया (45.43 फीसदी), क्रिसिल (44.27 फीसदी), बर्जर पेंट्स (42.08 फीसदी), टाटा मोटर्स (41.25 फीसदी), मदरसन सूमी (40.63 फीसदी), ब्लिस जीवीएस (40.27 फीसदी), मनप्पुरम फाइनेंस (39.98 फीसदी) और आईसीआईसीआई बैंक (39.97 फीसदी) शामिल हैं।
यह भी पढ़ें - आरबीआई ने लॉन्च किया प्रीपेड कार्ड, जानिये क्या होंगी सुविधाएँ


Click it and Unblock the Notifications