हैकर्स से एटीएम कार्ड को बचाने के ये हैं आसान तरीके, आप भी जान लें

नयी दिल्ली। सबसे हालिया कार्ड स्किमिंग की घटना में धोखाधड़ी करने वालों के एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह को बैरकपुर जासूसी विंग द्वारा गिरफ्तार किया गया है। यह घटना त्रिपुरा में 15 से 17 नवंबर के बीच एसबीआई के एटीएम से 1.2 करोड़ रुपये चोरी करने की है। त्रिपुरा, असम और कोलकाता पुलिस के संयुक्त प्रयासों से चार घपलेबाजों, जो तुर्की और बांग्लादेशी मूल के थे, के गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। इस गिरोह ने मुम्बई, दिल्ली, देहरादून, कोलकाता, गुवाहाटी और त्रिपुरा के शहरों में 1,700 से अधिक बैंक अकाउंट के कार्ड हैक किये। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इन्होंने कार्ड जानकारी की कॉपी बनाने और उनका डुप्लीकेट बनाने के लिए एटीएम में स्किमर और कैमरे लगाये जाने की बात कबूल की है। उन्होंने ऐसे सॉफ्टवेयर का भी इस्तेमाल किया था जो एटीएम के पावर ग्रिड को बेकार बना देता था। एटीएम या पीओएस (पॉइंट-ऑफ-सेल) डिवाइस से जुड़े उपकरणों और सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हुए एक कार्ड की जानकारी हैकर द्वारा इकट्ठई की जाती है। एक चुंबकीय स्ट्रिप के साथ कार्ड पर कार्ड विवरण का क्लोनिंग या डुप्लीकेट बनाना आसान होता है।

कैसे बनाया जाता है नकली कार्ड?

कैसे बनाया जाता है नकली कार्ड?

जब कोई कार्ड उपयोगकर्ता कार्ड को एटीएम मशीन या कार्ड स्वाइपिंग डिवाइस (विक्रेता को भुगतान करने के लिए) में डालता है, तो कार्ड का विवरण स्कीमिंग डिवाइस के साथ दर्ज किया जाता है। पिन में डाले जाने वाले पैड या कैश काउंटर के ऊपर रखे गये छोटे कैमरे उपयोगकर्ता द्वारा दर्ज किए गए पिन का एक नोट बनाते हैं। इन विवरणों को क्लोन बनाने के लिए एक खाली कार्ड में ट्रांसफर किया जाता है, जो कि एटीएम से नकदी निकालने के लिए मूल कार्ड का एक डुप्लिकेट होता है। मगर कुछ बातों का ध्यान रखते हुए कार्ड क्लोनिंग और इसके जरिये होने वाले नुकसान से बच सकते हैं। हम आपको बताते हैं ऐसी घटनाओं से बचने के लिए क्या करना चाहिए।

बैंकों से नये अपग्रेड हासिल करने के लिए उत्सुक रहें

बैंकों से नये अपग्रेड हासिल करने के लिए उत्सुक रहें

अगर आपके पास एक मैग्नेटिक स्ट्रिप वाला कार्ड है, तो तुरंत अपने बैंक से नया चिप वाला कार्ड लें। यदि आपके बैंक ने नयी कार्ड तकनीक में अपग्रेड नहीं किया है, तो बेहतर सुरक्षा सिस्टम वाले बैंक में स्विच करें। अगर आप किसी रेस्तरां या पेट्रोल पंप पर भुगतान करते हैं, जहाँ वे पोर्टेबल पीओएस उपकरणों का उपयोग नहीं करते तो आप अटेंडेंट के साथ जायें और उस काउंटर पर जायें जहाँ डिवाइस रखा गया है। केवल सर्विस प्रोवाइडर को कार्ड न दें, वो भी खास कर पिन जानकारी के साथ। इसमें एक मिनट ज्यादा लग सकता है, मगर आप मशीन या उस जगह किसी भी संदिग्ध कैमरे को देख पाएंगे। जब आप पेमेंट काउंटर या एटीएम बूथ के अंदर हों, तो आस-पास सभी संदिग्ध चीजों की जांच कर लें।

कहाँ से निकाले पैसें और कैसे करें भुगतान?

कहाँ से निकाले पैसें और कैसे करें भुगतान?

एक बात ध्यान रखें कि ऐसे एटीएम से पैसे न निकालें जहाँ सुरक्षा गार्ड न हो। शॉपिंग मॉल या बैंक शाखा के बगल वाले एटीएम जैसे व्यस्त स्थान पर कैश निकालें, क्योंकि इन पर निगरानी रखी जाती है। साथ ही छोटी दुकानों पर कार्ड के जरिये भुगतान के बजाय वहाँ यूपीआई या नकद पैमेंट करें। जितनी बार हो सके अपने पिन में बदलाव करें। इसके अलावा अपने बैंक खाते से किसी भी सामान्य कटौती के लिए अपना बैंक स्टेटमेंट भी देखें। चिप वाले क्रेडिट कार्ड अधिक सुरक्षित हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपका डेबिट कार्ड आपकी बचत से जुड़ा होता है, इसलिए जब पैसे चोरी होते हैं, तो आपका पैसा काट लिया जाता है। क्रेडिट कार्ड के मामले में, कटौती की गई राशि बैंक की है, जो आपको कर्ज देता है। इसलिए इन सभी बातों पर ध्यान दें ताकि आपकी पूँजी सुरक्षित रहे।

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