Credit Card आपकी रुपयों की जरुरतों को तत्काल पूरा करने में आपकी काफी सहायता करता है लेकिन क्रेडिट कार्ड से खरीददारी करने के बाद कठिनाई उस वक्त आती है, जब उसके बिल को भरने में देरी हो जाती है।
हालांकि, अधिकतर ऐसे बैंक है जो अपने क्रेडिट कार्ड उपभोक्ता को लिक्विडिटी की सुविधा देते हैं, बावजूद इसके अगर ये समय भी समाप्त हो जाता है तो बैंक आपसे पैनल्टी के रूप में कई गुना अधिक पैसा वसूलते हैं।

नवभारत टाइम्स की एक खबर के मुताबिक, क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाने के लिए आम तौर पर 20 दिन से 50 दिन का वक्त मिलता है, लेकिन अगर आप वक्त पर क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान नहीं करते है तो फिर उस पर पैनल्टी लगती है।
अगर कोई व्यक्ति क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान तय समय सीमा तक नहीं करता है, तो उससे बैंक ऊंची दर पर ब्याज वसूलता है। यह ब्याज दर 50 प्रतिशत तक या इससे ज्यादा भी हो सकती है।
सबसे अधिक इन बैंकों की ब्याज दरें
एचडीएफसी के क्रेडिट कार्ड्स पर ब्याज दर न्यूनतम 23.88 फीसदी और अधिकतम 43.20 फीसदी है। वहीं, अगर हम स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के क्रेडिट कार्ड्स की बात करें तो फिर स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के क्रेडिट कार्ड्स पर न्यूनतम ब्याज दर 23.88 फीसदी और अधिकतम 45 फीसदी है।
ब्याज दर एसबीआई कार्ड्स के लिए न्यूनतम 33 फीसदी और अधिकतम 42 फीसदी है। आईसीआईसीआई बैंक के लिए यह रेट 29.88 फीसदी और अधिकतम 44 फीसदी है। वही, यह रेट कोटक महिंद्रा बैंक के लिए न्यूनतम 29.88 फीसदी और अधिकतम 44.40 फीसदी है।
आरबीएल बैंक के क्रेडिट कार्ड्स पर ब्याज दर न्यूनतम 40.80 फीसदी और अधिकतम 47.88 फीसदी है। यह दर अमेरिकन एक्सप्रेस बैंक के लिए न्यूनतम 42 फीसदी है। वहीं, इंडसइंड बैंक के लिए न्यूनतम रेट 46 और अधिकतम रेट 47.40 प्रतिशत है।
कम है इस बैंक की ब्याज दर
नवभारत टाइम्स के मुताबित, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के क्रेडिट कार्ड्स पर न्यूनतम ब्याज दर 9 प्रतिशत और अधिकतम 47.88 प्रतिशत है। यह रेट एक्सिस बैंक में न्यूनतम 19.56 प्रतिशत और अधिकतम 52.86 प्रतिशत है।
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